By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
प्रेगनेंसी की रिपोर्ट में जब "Low Lying Placenta" लिखा आता है, तो हर मां का दिल एक पल के लिए रुक जाता है। क्या डिलीवरी नॉर्मल होगी? क्या ब्लीडिंग होगी? घबराइए मत। ये उतना खतरनाक नहीं है जितना सुनने में लगता है।पहले समझते हैं Low Lying Placenta है क्या? प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा यानी "बच्चे की जान" गर्भाशय की दीवार से जुड़ी होती है। जब ये प्लेसेंटा गर्भाशय के बहुत नीचे बन जाती है और सर्विक्स यानी बच्चेदानी के मुंह के पास आ जाती है, तो इसे Low Lying Placenta कहते हैं। तो ये ऊपर कब तक जाता है? यही सबसे बड़ा सवाल है। सीनियर फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. ईला गुप्ता बताती हैं, "घबराने की जरूरत नहीं है। जैसे-जैसे गर्भाशय बढ़ता है, प्लेसेंटा भी ऊपर की तरफ 'माइग्रेट' करता है। इसे Placental Migration कहते हैं।"
डॉ. ईला गुप्ता बताती हैं कि अगर प्रेग्नेंसी 34 से 36 हफ्ते के बाद भी प्लेसेंटा सर्विक्स को कवर कर रहा है, तो इसे Placenta Previa कहते हैं। तब नॉर्मल डिलीवरी रिस्की हो सकती है और C-Section की सलाह दी जाती है। साथ ही भारी ब्लीडिंग, पेट दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।