hamburger icon
A
Read in English

WORLD IVF DAY: आईवीएफ तकनीक से बहुत आगे है आयुर्वेद

IVF से भी आगे है आयुर्वेद! संतान की चाह में जब साइंस हार मान जाए, तब आयुर्वेद दिखाता है राह। महाभारत काल से लेकर आज तक, कैसे आयुर्वेद ने मां-बाप बनने का रास्ता दिखाया, जानिए डॉ. चंचल शर्मा से।

WrittenBy

Published by: Suparna Shree | Published : July 25, 2025 5:35 PM IST

WORLD IVF DAY: आईवीएफ तकनीक से बहुत आगे है आयुर्वेद

IVF, फर्टिलिटी तो साइंस की देन हैं लेकिन बच्चों की चाह जमाने से कपल्स को आयुर्वेद के पास ले जाती रही है.
बच्चा प्लान करना सिर्फ मेडिकल लैब का मामला नहीं, लाइफस्टाइल और खानपान भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. आयुर्वेद में इनफर्टिलिटी और गाइनोकोलॉजिस्ट के डॉक्टर डॉ चंचल शर्मा जो आयुर्वेद में तलाशती हैं मां-बाप बनने की वो चाबी, जो कभी रसोई में छुपी होती है, कभी मन की शांति में.
डॉ. चंचल ने हमें बताया कि कैसे महाभारत काल में गांधारी, कुंती, भगवान कृष्ण तक के जन्म में आईवीएफ की भूमिकारही है..
वह कहती हैं कि भले ही एलोपैथ के डॉक्टर आयुर्वेद को न मानते हों लेकिन उनके पास ऐसे डॉक्टरों और आईवीएफ सेंटर वालों के लाइन लगी रहती है जब एलोपैथ के हाथ से इलाज निकल जाता है तो वो आयुर्वेद के शरण में आते हैं.

Related News