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भारत का पहला डायबिटीज़ बायोबैंक! जानें कैसे होगा फ़ायदा

भारत के पहले डायबिटीज बायोबैंक से डायबिटीज की शुरुआती पहचान और इलाज में होगा बड़ा फायदा। नई दवाइयों और रिसर्च से बेहतर स्वास्थ्य समाधान की उम्मीद।

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Published by: Lakshmi Sharma | Updated : December 19, 2024 12:39 PM IST

Diabetes Biobank:चेन्नई में भारत का पहला डायबिटीज बायोबैंक बनाया गया है, जिसे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन ने मिलकर तैयार किया है. इसका मकसद डायबिटीज के इलाज और रोकथाम के लिए हाईटेक रिसर्च करना है."

तो आखिर ये डायबिटीज बायोबैंक है क्या? और इससे आम लोगों को कैसे फायदा मिलेगा? आइए, आपको बताते हैं.

डायबिटीज बायोबैंक एक ऐसा सेंटर है, जहां डायबिटीज के कारणों पर रिसर्च होगी. यहां से वैज्ञानिकों को नई दवाइयों और इलाज के तरीके खोजने में मदद मिलेगी. MDRF के प्रेसीडेंट डॉ. वी मोहन बताते हैं कि ये बायोबैंक डायबिटीज को शुरुआती स्टेज पर पहचानकर इसे मैनेज करने और रोकने में अहम भूमिका निभाएगा.

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