पीरियड्स रेगुलर हैं, तो इंफर्टिलिटी की कोई समस्या नहीं होगी?

इंफर्टिलिटी को लेकर कई मिथक हैं, जैसे कि यह सिर्फ महिलाओं की समस्या है या IVF ही इकलौता इलाज है। लेकिन सच यह है कि प्रजनन से जुड़ी दिक्कतें पुरुषों में भी हो सकती हैं और सही लाइफस्टाइल व ट्रीटमेंट से भी कंसीव किया जा सकता है।

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Published by: Lakshmi Sharma | Published : March 28, 2025 4:02 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Puneet Rana

Infertility Myths: इंफर्टिलिटी को लेकर समाज में कई तरह की गलतफहमियां फैली हुई हैं, जिनकी सच्चाई जानना बेहद जरूरी है। सबसे आम मिथक यह है कि प्रजनन संबंधी समस्याएं सिर्फ महिलाओं में ही होती हैं, जबकि हकीकत यह है कि पुरुष और महिलाएं, दोनों ही इसकी चपेट में आ सकते हैं। रिसर्च के मुताबिक, लगभग 40-50% मामलों में पुरुषों में स्पर्म काउंट की कमी या अन्य प्रजनन संबंधी समस्याएं पाई जाती हैं। वहीं, यह भी मान लिया जाता है कि IVF ही प्रेग्नेंसी का एकमात्र विकल्प है, जबकि कई बार लाइफस्टाइल सुधार, सही मेडिकल ट्रीटमेंट और दवाओं से भी कंसीव किया जा सकता है।

इसके अलावा, यह भी गलतफहमी है कि इंफर्टिलिटी सिर्फ उम्रदराज लोगों में होती है या फिर अगर पीरियड्स रेगुलर हैं, तो कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन सच यह है कि कई युवा महिलाओं को भी ओवेरियन रिजर्व कम होने, हार्मोनल इंबैलेंस या अन्य कारणों से गर्भधारण में परेशानी हो सकती है। वहीं, गर्भनिरोधक गोलियों को लेकर भी कई मिथक हैं, जैसे कि इन्हें ज्यादा समय तक लेने से महिलाएं इंफर्टाइल हो जाती हैं, जबकि इनका कोई स्थायी असर नहीं होता। आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे प्रेग्नेंसी में मदद कर सकते हैं, लेकिन 100% सफलता की गारंटी नहीं देते। इसलिए, मिथकों पर विश्वास करने के बजाय सही जानकारी और डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है।

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