पित्त दोष को संतुलित और इससे होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए करें यह उपाय, Watch Video

Monsoon Diet for Good Digestion: बरसात के मौसम में हमेशा हल्का और तरल पदार्थ वाला भोजन ही करें। अपनी डाइट में मौसमी फल और सब्जियों को शामिल करें। अपनी डाइट में घी का इस्तेमाल ज़रूर करें। रोजाना 8-10 गिलास पानी पीएं ताकी आप हाइड्रेटेड रह सकें। मानसून में मूंग दाल, जौ, भिंडी, करेला और पके हुए कद्दू का सेवन ज़रूर करें। बरसात में बाहर का खाना न खाएं, इससे पेट में एसिडिटी और जलन बढ़ सकती हैं।

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Published by: Mini Dewan | Published : June 29, 2022 7:27 PM IST


Monsoon Digestion Problems: गर्मी के बाद बरसाती मौसम आते ही हमारा इम्यून सिस्टम कमज़ोर हो जाता है। ऐसे में शरीर की प्रकृति भी प्रभावित होती है। जानकारों के मुताबिक, मानसून के मौसम में शरीर का वात दोष बढ़ जाता है और शरीर में पित्त जमा होने लगता हैं जिससे हमारी बॉडी का सिस्टम कमजोर होने लगता है।  इसका सीधा असर हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम पर पड़ता है और पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। इस वजह से हमें पेट से जुड़ी कई समस्याएं हो जाती हैं।  इससे बचने के लिए आयुर्वेद में ऋतुचर्या जैसे कुछ नियम बताए गए हैं। वहीं अगर आप भी ऐसी परेशानी से निजात चाहते हैं तो यह वीडियो आपके लिए है। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे की कैसे आप पेट से जुड़ी समस्याओं से बरसात के मौसम में निजात पा सकते हैं। इसके साथ ही आयुर्वेद में ऋतुचर्या क्या होती है।

What is Ayurvedic Ritucharya:

हर मौसम के लिए ऋतुचर्या होती है और हमें इन नियमों के अनुसार आवश्यक बदलाव करने चाहिए, ताकी शरीर को बदलते मौसम के साथ बिमारियों से बचा सके।