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Medically Verified By: Dr. Sanjay Pandey
Guillain Barre Syndrome News: गिलियन बैरे सिंड्रोम (GBS) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से नर्व्स पर अटैक कर देती है। इसका सबसे पहला लक्षण मांसपेशियों में कमजोरी और झुनझुनी होती है, जो धीरे-धीरे शरीर के बाकी हिस्सों में फैल सकती है। कई मामलों में यह लकवे का कारण बन सकता है और कुछ मरीजों को सांस लेने में इतनी परेशानी होती है कि उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। पुणे में इस बीमारी के 64 एक्टिव केस सामने आए हैं, और 100 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हो चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
डॉ. संजय पांडे बताते हैं कि GBS कोई संक्रामक बीमारी नहीं है, यानी यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती। यह अक्सर वायरस या बैक्टीरिया से हुए इंफेक्शन के बाद विकसित होती है, जैसे कि फ्लू या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन। इसके इलाज में इम्यूनोथेरेपी और प्लाज्मा एक्सचेंज जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। डॉ. पांडे का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें। जैसे ही हाथ-पैरों में झुनझुनी, कमजोरी या सांस लेने में दिक्कत महसूस हो, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।