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Gastric Problem: वास्तव में दाल में अधिक मात्रा में फाइबर और प्रोटीन होता हैं इस लिए यह हमारे लिए लाभ कारी भी हैं। इसीलिए हम्मे से कई लोगों को दाल बहुत पसंद आती हैं और हम से जब भी खाने के लिए पूछा जाए तो दाल का ही नाम लेते हैं। दरअसल दाल एक आसान तकीके है खाना बनाने का। दाल को कुकर में रखो, पानी डालें और उससे सीटी लगवलें। लेकिन कुछ लोगों का दाल खाने के बाद पेट फूल जाता हैं, पेट में दर्द होता हैं या एसिडिटी की शिकायत होती हैं। अगर आप ये उपाय अपनाएंगे तो आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। कुछ लोगों को दाल रात में हज़म नहीं होती क्यों की इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर पचने में समय लगता हैं।
दाल भिगोकर बनाए- दाल खाने से पहले इसे रात भर या कम से कम 12 घंटे पानी में भिगो के रखें। ऐसा करने से दाल में मौजूद फाइटिक एसिड निकल जाते हैं और आपको पेट की समस्या नहीं होती।
गुनगुना पानी- दाल को पकाने से पहले गुनगुने पानी में भिगोएं। दाल को बहुत गरम या ठन्डे पाने में न भिगोएं। गुनगुने पाने में आप नींबू भी निचोड़ कर डाल सकते हैं। लेकिन नींबू वाले पानी को बार बार बदलते रहें। ऐसा करने से आपको एंटी न्यूट्रिएंट्स से राहत मिलती हैं
आराम से पकाएं- दाल को तेज़ आंच पे न पकाएं। उसे हमेशा धीमी आंच पे ही पकाएं। ऐसा करने से दाल को पचना आसान हो जाता हैं।
मसाले- दाल को बनाते समय उसमे मसाले ज़रूर डालें। इससे उसका स्वाद बढ़ेगा और पेट की समस्या भी नहीं होगी। दाल को बनाते समय उसमे काली मिर्च, जीरा, हिंग, धनिया, दालचीनी, आदि जैसे मसाले डालें। ऐसा करने से दाल की अधिक गैस निकल जाती हैं
अगर आप ये उपाय अपनाएंगे तो आप आपने पेट का ध्यान रख पाएंगे।