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Published by: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:34 PM IST
ब्रेस्ट कैंसर किसी भी महिला के लिए डरावने सपने जैसा है। लेकिन जैसे हर किसी सपने को एक वक्त बाद ख़त्म हो जाना होता है, वैसे ही इस कैंसर को भी उपचार से ख़त्म किया जा सकता है। लेकिन क्या आपने सोचा है, किसी महिला के लिए स्त्रीत्व के परंपरागत प्रतीक माने जाने वाले स्तनों के बिना अपना जीवन गुज़ारना कैसा होता है? अगर आप एक महिला हैं तो यकीनन इस ख़्याल से भी डर जाती होंगी।
एक्सपर्ट का मानना है कि ब्रेस्ट कैंसर का सफल इलाज करवाने के बावजूद कई महिलाओं की उम्र कम हो जाती है। यानि, वो ज़्यादा साल नहीं जीतीं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वो खुद को इस रूप में देखकर मानसिक रूप से परेशान हो जाती हैं। इस वजह से वो कई नई बीमारियों से ग्रस्त भी हो जाती हैं। जिंदगी की प्रति रवैया नकारात्मक होने से उम्र घटने लग जाती है।
जब महिलाएं इस बीमारी को दूर करके एक सामान्य ज़िंदगी जीती हैं तो सामान्य दिखना भी चाहती हैं। इस वजह से कई महिलाएं अब ब्रेस्ट कैंसर के उपचार के बाद ब्रेस्ट रीकंस्ट्रक्शन करवाने लगी हैं। इसके लिए नई-नई तकनीक का इस्तेमाल भारत में भी हो रहा है। कृत्रिम स्तनों की वजह से महिलाएं पहले की तरह, या उससे भी बेहतर दिखने लगती हैं। ऐसे में ज़िंदगी के प्रति उनका रवैया सकारात्मक होता है। जीवन में उमंग आती है। इस वजह से वो इस बीमारी से तुलनात्मक रूप से जल्दी उबरने लगती हैं।
चित्र स्रोत - Getty
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