आपको डरा देगा नवाज़ुद्दीन की नई फिल्म  ‘रमन राघव 2.0’ का ट्रेलर

आपको डरा देगा नवाज़ुद्दीन की नई फिल्म  ‘रमन राघव 2.0’ का ट्रेलर

एक साइकोपैथ सीरियल किलर किरदार की कहानी।

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Published by: Shabnam Khan | Updated : January 4, 2017 6:34 PM IST

नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी और मसान फेम विकी कौशल की नई फिल्म  ‘रमन राघव 2.0’ का ट्रेलर आ चुका है। इस फिल्म के निर्देशक अनुराग कश्यप हैं, जो संस्पेंस और डार्क फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी वो कुछ ऐसा आपके सामने लाए हैं जिसे देखकर आप हिल जाएंगे। ये फिल्म एक साइकोपैथ सीरियल किलर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कि एक सच्ची घटना पर आधारित है। किलर के किरदार में नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी नज़र आ रहे हैं।

लगभग तीन मिनट के इस ट्रेलर को देखकर आप सुन्न रह जाएंगे। एक मनोरोगी यानी साइकोपैथ किस हद तक जा सकता है, इसकी झलक आपको इस फिल्म का ट्रेलर देखने से मिल जाएगी। इसके एक सीन में किलर एक छोटे बच्चे से बात करता दिखाई दे रहा है। बच्चे को कुर्सी से बांधा गया है और उसका मुंह भी बंद किया गया है। लेकिन इसके बावजूद आप उस बच्चे की आंखों में खौफ साफ देख सकते हैं। ट्रेलर के बाकी सीन में भी इस किलर की सनक के कई नमूने पेश किए गए हैं। ये फिल्म कितनी सफल होगी इस पर बात करना तो फिलहाल जल्दबाज़ी होगी लेकिन इसके दमदार और काफी हद तक डरावने ट्रेलर को देखने के बाद ये सवाल ज़हन में ज़रूर आएगा कि क्या वाकई कोई मनोरोगी इतना खतरनाक साबित हो सकता है?

आपने और हमने बॉलीवुड-हॉलीवुड कई और फिल्मों में साइकोपैथ किलर को देखा है। तो क्या जो फिल्मों में दिखाया जा रहा है वही सोइकोपैथ का मतलब है? नहीं। फिल्मों में अधूरी जानकारी दी जा रही है। मनोरोग में भावनात्मक, संज्ञानात्मक, व्यवहारात्मक या वातावरण सभी शामिल होते हैं। ये सभी कारण मरीज़ को कई तरीकों से प्रभावित करते हैं। मनोरोगी दूसरे रोगियों से अलग होता है, कई बार इसकी पहचान आसान नहीं होती। जैसा कि फिल्म के ट्रेलर में भी दिखाया गया, ये ऐसे मरीज़ होते हैं जो हमारे बीच में ही रहते हैं तभी हम उनकी पहचान नहीं कर पाते। (साइकोपैथ या मनोरोगियों पर विस्तार से पढ़ें यहां।)

कैसे पहचानें कौन है साइकोपैथ?

हमने इतिहास में कई मनोरोगियों यानि साइकोपैथ को देखा है, हर एक मामला दूसरे से ज्यादा परेशान करने वाला रहा है। लेकिन फिर भी हम साइकोपैथी को पहचानने में लगभग नाकाम रहे हैं। जो इंसान अंधेरे को पसंद करता हो, खून-खराबा पसंद करता हो, ज़रूरी नहीं वो साइकोपैथ हो। बल्कि वो इंसान जिसमें आत्मकामी (narcissist) या सोशियोपैथी (sociopathic) समस्याएं दिख रही हों, और व्यवहार पर नियंत्रण न हो, वो साइकोपैथ हो सकता है। एक अध्ययन के मुताबिक, साइकोपैथ किसी को उबासी लेते देख खुद उबासी नहीं लेता। अगर आपको किसी के साइकोपैथ होने पर शक हो तो आप इस छोटी सी चीज़ से जांच सकते हैं। हमारे लिए यकीनन ये जरूरी है कि हम साइकोपैथ की सही परिभाषा समझे। तभी हम फिल्म में दिखाई गई घटनाओं से खुद को और अपने करीबियों को सुरक्षित रख पाएंगे।

वीडियो स्रोत - FuhSePhantom/YouTube

चित्र स्रोत - Raman Raghav/Official Facbook Page


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