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Published by: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:34 PM IST
ज़्यादातर बीमारियों का पता लगाने के लिए डॉक्टर कुछ टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। चाहे डायबिटीज़ हो या एनिमिया, टेस्ट की रिपोर्ट्स आने के बाद ही बीमारी बताई जाती है। लेकिन अब ऐसा भी होने लगा है कि लोग अपने आप लैब जाकर टेस्ट करवा लेते हैं। ऐसा वक्त और डॉक्टर की फीस दोनों बचाने के लिए किया जाता है। साथ ही, वो लोग भी ऐसा करते हैं जिन्हें बीमारी के लक्षणों की थोड़ी बहुत पहचान हो। ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते ख़तरे और मामलों को देखते हुए अब कई महिलाएं भी बिना डॉक्टर के कहे, खुद ही कैंसर के लिए ज़रूरी स्क्रीनिंग कराने लगी हैं। पर अभी भी, बहुत सी महिलाओं को लगता है कि डॉक्टर के कहने के बाद ही ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का टेस्ट करवाना चाहिए। तो फिर क्या सही है?
जानकारों का कहना है कि ये पहल अच्छी है। लोग अपने आप टेस्ट करवा लेते हैं, जिससे कि वक्त रहते ब्रेस्ट कैंसर का पता चल जाता है। शुरुआती स्टेज पर इस बीमारी का पता चलने पर इलाज आसान हो जाता है। पहले ट्यूमर का पता आमतौर पर तब चल पाता था जब उसका आकार बहुत बढ़ जाता था, लेकिन अब लोग जब खुद जल्दी टेस्ट करवा लेते हैं तो ट्यूमर की शुरुआती अवस्था में उसके बारे में पता लगा लिया जाता है। ऐसा ब्रेस्ट कैंसर के प्रति बढ़ती जागरुकता के कारण ही हुआ है।
अगर आपको भी लक्षणों से ऐसा लगता है कि आपको ब्रेस्ट कैंसर है, तो आप बिना डॉक्टर की सलाह लिए भी ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग करवा सकते हैं।
चित्र स्रोत – Getty Images
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