पीरियड्स में खून के थक्के क्यों आते हैं? डॉक्टर ने बताए इसके बड़े कारण
क्या आपको भी अब पहले की तरह पीरियड्स में नॉर्मल ब्लीडिंग की बजाय ब्लीडिंग के साथ खून के थक्के भी आ रहे हैं? और आप इसे नजरअंदाज कर रही हैं, तो एक बार फिर से सोच लीजिए। यह गंभीर बीमारी का संकेत होता है। इस बारे में जानकारी दे रही हैं डॉ. निकिता त्रेहन।
Published : July 24, 2026 8:11 AM IST
पीरियड्स के दौरान पैड पर खून के साथ थक्के देखना कई महिलाओं को डरा देता है। क्या ये नॉर्मल है या किसी बीमारी का संकेत? नई दिल्ली के सनराइज अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निकिता त्रेहन के अनुसार, पीरियड्स में हल्के खून के थक्के आना शरीर की नॉर्मल प्रक्रिया है। जब गर्भाशय की परत टूटती है तो शरीर ज्यादा ब्लीडिंग रोकने के लिए थक्के बना देता है। लेकिन पीरियड्स में खून के साथ अगर थक्के आ रहे हैं तो यह खतरे की घंटी है।
पीरियड्स में खून के थक्के क्यों बनते हैं?
पीरियड्स के खून के साथ थक्के बनने के कई कारण हो सकते हैं:
नॉर्मल कारण: पीरियड्स के पहले 2 दिन में 1 इंच से छोटे थक्के आना आम है।
हैवी पीरियड्स: जब ब्लीडिंग बहुत तेज होती है तो खून को जमने का समय मिल जाता है।
हार्मोनल असंतुलन: PCOS की वजह से पीरियड्स अनियमित और थक्केदार हो सकते हैं।
गर्भाशय की समस्या: फाइब्रॉइड, एडेनोमायोसिस या एंडोमेट्रियोसिस में बड़े थक्के आते हैं।
किस आकार के थक्के नॉर्मल हैं?
स्त्री रोग विशेषज्ञ का कहना है कि अंगूर या सिक्के के आकार तक के थक्के अगर कभी-कभार आएं तो चिंता की बात नहीं है।कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? अगर आपको ये लक्षण दिखें तो तुरंत गायनाकॉलिजिस्ट से मिलें।