Bleeding Eyes Disease: ब्लीडिंग आई वायरस, जिसे वैज्ञानिक भाषा में मारबर्ग वायरस कहते हैं, तेजी से अफ्रीका, ब्राजील, कोलंबिया, कांगो, युगांडा और केन्या जैसे कई देशों में फैल चुका है। यह एक बेहद खतरनाक बीमारी है, जिसमें समय पर इलाज न मिलने से आंखों से खून निकलने लगता है और हैमरेज की वजह से जान का खतरा बढ़ जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रवांडा में अब तक इस वायरस की वजह से 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दुनियाभर में सैकड़ों लोग इससे प्रभावित हैं। ब्रिटेन में भी इसके पांच मामले सामने आ चुके हैं। भारत सरकार ने इस वायरस से प्रभावित देशों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए खास एडवाइजरी जारी की है।
सर गंगाराम अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट डॉ. अतुल गोगिया बताते हैं कि ब्लीडिंग आई वायरस असल में मारबर्ग वायरस का संक्रमण है। यह वायरस इंसान के शरीर में गंभीर बुखार, कमजोरी और ब्लीडिंग जैसे लक्षण पैदा करता है। उन्होंने सलाह दी कि संक्रमित इलाकों में ट्रैवल करने से बचें और अगर जाना बेहद जरूरी हो, तो हेल्थ प्रिकॉशन्स का खास ध्यान रखें। इसके अलावा, किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि इस घातक बीमारी से बचा जा सके।
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