क्या पीरियड्स क्रैम्प्स होना नॉर्मल हैं? जानें मेंस्ट्रअल से जुड़े ये मिथ्स

पीरियड्स को लेकर कई गलतफहमियां फैली हुई हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, खट्टा खाने से कोई नुकसान नहीं होता और हल्की एक्सरसाइज फायदेमंद हो सकती है।

Verified VERIFIED By: Dr. Manan Gupta

Published by Lakshmi Sharma |Published : March 28, 2025 1:28 PM IST

Periods Myths: पीरियड्स को लेकर समाज में कई तरह के मिथक फैले हुए हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। इन्हीं में से एक है कि पीरियड्स के दौरान खट्टा खाने से दिक्कत होती है, जबकि ऐसा कोई मेडिकल प्रूफ नहीं है। डॉ. मनन गुप्ता बताते हैं कि खट्टे फूड्स जैसे नींबू, इमली या दही खाने से पीरियड्स पर कोई नेगेटिव असर नहीं पड़ता। दूसरी ओर, एक्सरसाइज को लेकर भी कई गलतफहमियां हैं। लोग सोचते हैं कि इस दौरान एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए, जबकि हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी, जैसे वॉकिंग या योग करने से दर्द और ब्लोटिंग कम हो सकते हैं।

इसके अलावा, क्रैम्प्स होना नॉर्मल माना जाता है, लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा हो और रोजमर्रा के कामों को प्रभावित करे, तो यह किसी अंडरलाइंग हेल्थ कंडीशन, जैसे एंडोमेट्रियोसिस या पीसीओएस का संकेत हो सकता है। वहीं, एक और बड़ा मिथक यह है कि पीरियड्स में प्रेग्नेंसी संभव नहीं होती। डॉ. मनन के अनुसार, यह पूरी तरह से गलत है, क्योंकि ओव्यूलेशन साइकिल हर महिला में अलग-अलग होती है और अनप्रोटेक्टेड सेक्स से इस दौरान भी गर्भधारण संभव हो सकता है। इसलिए, इन मिथ्स को छोड़कर सही जानकारी अपनाना ही सेहतमंद रहने का सबसे अच्छा तरीका है।

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