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Air Pollution: सर्दियों से पहले मौसम में भी बदलाव देखा जा रहा है। ऐसे में जहरीली हवा और मौसम का ये बदलाव कुछ लोगों के गंभीर हो सकता है। ऐसे में इन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। कौन हैं ये लोग... चलिए बताते हैं आपको इस वीडियो में
अस्थमा के मरीज
जहरीली होती हवा के बीच सबसे ज्यादा अस्थमा के लोगों को सतर्क रहना चाहिए। ऐसा इसलिए कि अस्थमा के मरीजों के लंग्स बहुत सेंसिटिव होते हैं और जहरीली होती हवा के कण अस्थमा अटैक को ट्रिगर कर सकते हैं। इसलिए ऐसे लोग अभी से ब्रीदिंग एक्रसरसाइज शुरू करें। घर के बाहर मास्क लगाकर रहना शुरू करें।
ब्रोंकाइटिस-निमोनिया के मरीज
ब्रोंकाइटिस और निमोनिया के मरीज जहरीली होती हवा के बीच सबसे ज्यादा परेशान हो सकते हैं। इन दोनों के मरीजों को इंफेक्शन की वजह से सांस लेने में दिक्कत होती है और लंबे समय तक सूखी खांसी आ सकती है। तो, जब हवा बदल रही है तो लंग्स को इंफेक्शन से बचाने के लिए लौंग की चाय पीना शुरू करें।
बुजुर्ग लोग
दरअसल, 60 की उम्र के बाद के लोग पहले से ही किसी न किसी बीमारी के मरीज होते हैं। बदलती हवा और मौसम के प्रति वो सेंसिटिव होते हैं बुजुर्ग और इसलिए आसानी से बीमार पड़ जाते हैं। तो, ऐसे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
छोटे बच्चे
छोटे बच्चों के लंग्स और बाकी अंग अभी विकसित हो रहे होते हैं। इसलिए वो किसी भी छोटे या सिजनल चेंज के प्रति सेंसिटिव होते हैं। साथ ही छोटे बच्चों की भी इम्यूनिटी कमजोर होती है जिस वजह से उन्हें सर्दी, जुकाम, निमोनिया अस्थमा जैसी समस्याएं आसानी से ट्रिगर कर सकती हैं। इसलिए माता-पिता को सतर्क रहें
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