
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : March 6, 2025 12:19 PM IST
Pet me Jalan Hone Par Kya Kare: वैसे तो पेट में जलन एक आम समस्या है। हालांकि, कुछ मामलों में गंभीर बीमारियों की वजह से पेट में जलन हो सकती है। मसालेदार, तना-भुना या गर्म तासीर की चीजें खाने से पेट में गर्मी बढ़ जाती है। इसकी वजह से पित्त दोष बढ़ जाता है, जो पेट और सीने में जलन का कारण बनता है। पेट में जलन व्यक्ति की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। इसकी वजह से व्यक्ति को खाने-पीने की इच्छा भी कम हो जाती है। पेट में जलन होने पर अक्सर लोग गैस और एसिडिटी की दवाइयां ले लेते हैं। लेकिन, पेट की जलन को शांत करने के लिए बार-बार एसिडिटी की दवाइयां लेना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में पेट की जलन को शांत करने और पेट को ठंडक पहुंचाने के लिए आप कुछ जड़ी-बूटियों का सेवन कर सकते हैं। यूनानी चिकित्सा पद्धति में पेट की जलन को शांत करने के लिए इन जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है। ये जड़ी-बूटियां (Pet ki Jalan Kam Krne ke Liye Herbs) आपको आसानी से मार्केट में मिल जाएंगी। आइए, यूनानी चिकित्सा पद्धति में पेट की जलन को शांत करने के लिए क्या किया जाता है?
आयुर्वेद ही नहीं, यूनानी में भी पेट की जलन को शांत करने के लिए मुलेठी का उपयोग किया जाता है। यूनानी चिकित्सा पद्धति में पेट को ठंडक पहुंचाने के लिए मुलेठी का सेवन करने की सलाह दी जाती है। मुलेठी, पेट की जलन को शांत करने में मदद करती है। मुलेठी की तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसका सेवन करने से पेट को ठंडक मिलती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं, जो एसिडिटी को कम करते हैं। आप मुलेठी के पाउडर को गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं।
अगर पेट में गर्मी बढ़ गई है, तो कालमेघ जड़ी-बूटी का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। यूनानी में पेट की जलन को शांत करने के लिए कालमेघ का उपयोग किया जाता है। कालमेघ में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो पेट की जलन को कम करने में मदद करते हैं। कालमेघ पाचन-तंत्र में भी सुधार करता है। अगर आप कालमेघ के पत्तों का काढ़ा पिएंगे, तो इससे पित्त शांत होगा। इससे पेट को ठंडक मिलेगी। कालमेघ जड़ी-बूटी खून को साफ करने में भी मदद करता है।
भृंगराज एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जो औषधीय गुणों से भरपूर होती है। यूनानी में पेट की जलन को शांत करने के लिए भृंगराज जड़ी-बूटी का सेवन करना फायदेमंद होता है। यह पाचन से जुड़ी समस्याओं को भी ठीक करने में मदद करता है। भृंगराज एसिडिटी को कम करने में मदद करता है। पेट को ठंडक पहुंचाने के लिए आप भृंगराज के पाउडर को गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं।
सौंफ की तासीर ठंडी होती है। अगर आपको पेट में जलन महसूस होती है, तो सौंफ का पानी पी लें। सौंफ एक जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग आयुर्वेद और यूनानी में कई समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जाता है। सौंफ एसिडिटी को ठीक करता है। सौंफ का पानी पीने से पेट की जलन शांत होती है। यह पाचन में भी सुधार करता है। पेट में जलन होने पर आप दिन में 2-3 बार सौंफ का पानी पी सकते हैं।
अधिकतर लोग पुदीने का सेवन करते ही है। आपको बता दें कि पुदीना औषधीय गुणों से भरपूर होता है। यह पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है। पुदीने की पत्तियों की तासीर ठंडी होती है। पुदीना पेट की जलन को शांत करके, ठंडक पहुंचाता है। पेट की जलन को ठीक करने के लिए यूनानी में भी पुदीने का उपयोग किया जाता है। पुदीने की चाय पीने से एसिडिटी से राहत मिलती है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।