
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Updated : February 28, 2025 12:01 PM IST
How to Treat UTI in Unani Medicine in Hindi: यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) एक आम समस्या है। यह मूत्रपथ में होने वाला संक्रमण है, जो पुरुषों और महिलाओं, दोनों को हो सकता है। लेकिन, पुरुषों की तुलना में महिलाओं को यूटीआई ज्यादा परेशान करता है। यह इंफेक्शन तब होता है, जब बैक्टीरिया (रोगाणु) मूत्र मार्ग में प्रवेश करता है। यूटीआई की वजह से पेशाब करते समय दर्द और जलन का अनुभव हो सकता है। इसके अलावा, बार-बार पेशाब आना और बुखार भी यूटीआई के लक्षण (UTI ke Lakshan Kya hai) होते हैं। एलोपैथी में यूटीआई का इलाज पूरी तरह से संभव है। लेकिन, अगर आप प्राकृतिक तरीके से यूटीआई को ठीक करना चाहते हैं, तो यूनानी मेडिसिन की सहायता ले सकते हैं। यूनानी मेडिसिन में यूटीआई के इलाज के लिए कई प्रभावी जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है। इन जड़ी-बूटियों की मदद से संक्रमण को ठीक किया जाता है। आइए, जानते हैं यूनानी में कैसे किया जाता है यूटीआई का इलाज?
आयुर्वेद में ही नहीं, यूनानी मेडिसिन में भी गिलोय को बेहद फायदेमंद बताया गया है। गिलोय औषधीय गुणों से भरपूर होती है। अगर आपको बार-बार यूटीआई हो जाता है, तो गिलोय का सेवन (Giloy for UTI) करना फायदेमंद हो सकता है। गिलोय खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। यूटीआई होने पर आप गिलोय का काढ़ा (Giloy ka Kadha) पी सकते हैं। इससे शरीर से सभी विषैले तत्व पेशाब के साथ बाहर निकल जाते हैं। गिलोय का काढ़ा पीने से पेशाब के दौरान होने वाली जलन से भी राहत मिलती है।
मुलेठी भी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। यूनानी मेडिसिन में मुलेठी का उपयोग कई बीमारियों का इलाज करने के लिए किया जाता है। पेशाब से जुड़ी समस्याओं में मुलेठी का सेवन करना फायदेमंद (Mulethi for UTI) होता है। यूटीआई में भी मुलेठी का सेवन किया जा सकता है। आप गुनगुने पानी में मुलेठी का पाउडर मिलाकर ले सकते हैं। मुलेठी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो संक्रमण को कम करने में मददकरते हैं। मुलेठी मूत्रमार्ग को साफ करने में मदद करती है।
सौंफ अधिकतर भारतीय घरों में उपलब्ध होती है। यूटीआई होने पर सौंफ का सेवन करना भी (Saunf for UTI) लाभकारी होता है। सौंफ की तासीर ठंडी होती है। यह पेट की जलन को भी शांत करता है। आपको बता दें कि सौंफ में मूत्रवर्धक गुण होते हैं। सौंफ की चाय या सौंफ का पानी पीने से बार-बार पेशाब आता है। सौंफ यूटीआई की वजह से पेशाब के दौरान होने वाली जलन को भी शांत करता है। सौंफ खाने से संक्रमण को कम करने में मदद मिलती है।
यूनानी मेडिसिन में गोक्षुर जड़ी-बूटी का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है। गोक्षुर यूटीआई में भी फायदेमंद होता है। अगर आपको यूटीआई की समस्या है, तो आप गोक्षुर का सेवन कर सकते हैं। गोक्षुर मूत्रवर्धक प्रभाव डालता है। यह जड़ी-बूटी मूत्राशय और किडनी की अच्छी तरह सफाई करता है। अगर आप गोक्षुर का सेवन करेंगे, तो इससे धीरे-धीरे यूरिन इंफेक्शन से छुटकारा मिल जाएगा।
जौ का पानी भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यूटीआई होने पर जौ का पानी पीना लाभकारी होता है। अगर आप नियमित रूप से जौ का पानी पिएंगे, तो इससे पेशाब से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है। यूटीआई होने पर आप जौ का पानी पी सकते हैं। जौ का पानी मूत्र मार्ग को साफ करता है। इस पानी को पीने से संक्रमण की वजह से होने वाले दर्द और जलन से भी राहत मिलती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।