
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
टाइफाइड एक गंभीर बैक्टीरियल इंफेक्शन है जो शरीर में घुसने के बाद कई अंगों को प्रभावित कर ता है। इसका मुख्य कारण साल्मोनेला एन्ट्रिका सेरोटाइप टाइफी नामक बैक्टीरिया होता है। वैसे टाइफाइड होने के पीछे साल्मोनेला पैराटाइफी नामक बैक्टीरिया भी जिम्मेदार है। यह संक्रमण गंदगी के संपर्क में आने से या फिर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से होता है। हालांकि यह रोग छूने से नहीं फैलता है। अक्सर लोगों को लगता है कि टाइफाइड जैसी बड़ी बीमारी सिर्फ युवाओं और व्यस्कों को होती है, बच्चों को नहीं। जबकि ऐसा नहीं है, बच्चे भी टाइफाइड की चपेट में आते हैं। आज इस लेख में हम आपको बच्चों में टाइफाइड के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके बता रहे हैं।
1. दूषित भोजन के सेवन से बच्चों में टाइफाइड रोग हो सकता है। यदि बच्चा एस टाइफी बैक्टीरिया से संक्रमित चीज का सेवन करता है तो यह टाइफाइड का कारण बन सकता है।
2. दूषित पानी के सेवन से भी बच्चे टाइफाइड के शिकार हो सकते हैं। बरसात के मौसम में जब बच्चे बिना फिल्टर या उबला हुआ डायरेक्ट पानी पी लेते हैं तो टाइफाइड की चपेट में आ जाते हैं।
3. टाइफाइड होने का तीसरा और सबसे बड़ा कारण संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना है। क्योंकि यह एक संक्रामक रोग है जो आम व्यक्ति में संक्रमित व्यक्ति के खासंने, छींकने या झूठा खाने से फैलता है।
जब भी कोई बच्चा टाइफाइड के संक्रमण का शिकार होता है तो उसके लक्षण 1—2 हफ्ते पहले ही दिखने लगते हैं। यह लक्षण हल्के और गंभीर दोनों तरह से हो सकते हैं। आइए जानते हैं बच्चों में टाइफाइड के मुख्य लक्षण—
100.4 डिग्री फेहरनहाइट या इससे ज्यादा बुखार
शरीर में दाने निकलना
भूख की कमी
सिर और पेट में दर्द होना
थकान के साथ कमजोरी महसूस होना
खांसी और गले में खराश
कब्ज या डायरिया, आदि।
बच्चों में टाइफाइड के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर जांच के बाद दवा, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और इंजेक्शन देते हैं। साथ ही आज हम आपको कुछ ऐसी चीजें बता रहे हैं जिन्हें टाइफाइड होने पर अपनाना चाहिए।
1. टाइफाइड की शिकायत होने पर ही बच्चों को ज्यादा से ज्यादा लिक्विड दें। हर आधे घंटे में बच्चों को कुछ न कुछ तरल पदार्थ देते रहें। डॉक्टर ओरल रीहाइड्रेशन सोल्यूशन (ओआरएस) देने की भी सलाह भी दे सकते हैं। इससे बच्चे के शरीर में पानी की कमी नहीं होती है।
2. इस रोग के होने पर बच्चों को बिल्कुल भी बाहर न जाने दें। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि वह ज्यादा से ज्यादा आराम करें। इससे उन्हें कमजोरी नहीं होगी और संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर में ताकत बनी रहेगी।
3. टाइफाइड होने पर तेज बुखार रहता है इसलिए बच्चे नहाने से मना करते हैं। लेकिन इस रोग साफ सफाई रखना बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्हें स्पंज बॉथ कराएं। आप किसी सूती कपड़े को गीला कर बच्चों का बदन साफ कर सकते हैं।