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Written By: akhilesh dwivedi | Published : November 13, 2018 8:59 PM IST
माता-पिता का खान-पान होने वाले बच्चे को डायबिटीज से बचा सकता है। ©Shutterstock
टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे से अपने होने वाले बच्चों को महफूज रखना है तो माता और पिता को अपनी डायट में विशेष ख्याल चाहिए। ब्रिटेन में हुए एक शोध के मुताबिक जो पिता अपने खान-पान में दाल और हरी सब्जियों का सेवन करते हैं उनके होने वाले बच्चों में मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम होता है।
शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया था कि शरीर में जब प्रोटीन की कमी होती है तो शुक्राणुओं की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। शुक्राणुओं की गुणवत्ता जब खराब होती है तो बच्चों में विकृत जीन की संभावना बढ़ जाती है। विकृत जीन की वजह से बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे की संभावना ज्यादा होती है। ज्यादातर मामलों में यह देखा गया है कि 30 साल की उम्र पार करने के बाद बच्चों में डायबिटीज हो जाता है।
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एक्सपर्ट की मानें तो एक इंसान को अपनी डायट में 18 प्रतिशत तक प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। जो लोग अपनी डायट में पालक या अन्य हरी सब्जी और दाल का उपयोग रोजाना करते हैं उनको पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन मिल जाता है।
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अगर आप भी अपने होने वाले बच्चे को टाइप-2 डायबिटीज से बचाना चाहते हैं तो अपनी डायट में प्रोटीन की मात्रा जरूर शामिल करें। शाकाहारी लोगों के लिए दाल और हरी सब्जियों से पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और विटामिन मिल जाता है।