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Written By: Anshumala | Published : July 22, 2019 4:56 PM IST
टीबी का घरेलू उपचार। © Shutterstock.
टीबी रोग को मुख्य रूप से फेफड़ों का रोग भी कहा जाता है। यह बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण फेफड़े सहित रक्त प्रवाह के साथ शरीर के अन्य भागों में भी फैलता है। यह हड्डियों, हड्डियों के जोड़, लिम्फ ग्लैंड्स, आंत, मूत्र व प्रजनन तंत्र के अंग, त्वचा और मस्तिष्क के ऊपर की झिल्ली आदि में भी हो सकता है। यदि इसे प्रारंभिक अवस्था में ही न रोका गया तो टीबी जानलेवा भी साबित हो सकता है। टीबी को आप कुछ घरेलू नुस्खों (Home Remedies for TB in hindi) की मदद से भी कंट्रोल में कर सकते हैं।
सांस लेते समय टीबी के बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। यह बैक्टीरिया किसी रोगी के खांसने, बात करने, छींकने, थूकने और मुंह खोलकर बोलने की वजह से बैक्टीरिया के रूप में कई घंटों तक हवा में रहते हैं। जब कोई स्वस्थ व्यक्ति सांस लेता है, तो उसके शरीर में प्रवेश करके यह रोग उत्पन्न करता है। टीबी के बैक्टीरिया धूल में भी मौजूद होते हैं, जिसमें रोगी की लार, म्यूकस, नाक, थूक आदि मिली रहती है। संक्रमित पानी तथा भोजन से भी ये मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
दिमाग में भी होती है टीबी, जानें इसके लक्षण, कारण और उपचार
- लहसुन की दो-तीन कलियों को नियमित रूप से सुबह चबाएं। ऐसा करेंगे, तो टीबी रोग के लक्षण कम होंगे।
- शहद व मक्खन शरीर के क्षय को रोकते हैं। सौ ग्राम मक्खन लेकर उसमें 25 ग्राम शहद मिलाकर रोजाना सेवन करें।
- भोजन करने के बाद लौंग का चूर्ण शहद में मिलाकर चाटें।
- एक पाव दूध में पांच पीपल के पत्ते डालकर उबालें। फिर इस दूध को सुबह-शाम पिएं।
- लहसुन के रस के साथ आधा चम्मच शहद मिलाकर चाटें। लहसुन के रस को सूंघें। यह रस फेफड़ों को मजबूत करता है।
- टीबी रोगी रोजाना सौ-दो सौ ग्राम अंगूर का सेवन करें।
- केला खाने से टीबी के रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।