विश्व हेपेटाइटिस डे 2018 : लीवर की जांच से रोका जा सकता है हेपेटाइटिस
हेपेटाइटिस बी असुरक्षित तरीके से शारीरिक संबध के माध्यम से भी फैलता है। हेपेटाइटिस बी के लिए टीके उपलब्ध हैं, लेकिन हेपेटाइटिस सी के लिए अभी कोई भी ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं हैं।
हेपेटाइटिस बी असुरक्षित तरीके से शारीरिक संबध के माध्यम से भी फैलता है। हेपेटाइटिस बी के लिए टीके उपलब्ध हैं, लेकिन हेपेटाइटिस सी के लिए अभी कोई भी ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं हैं।
ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस के कोई भी लक्षण कई बार मरीजों में दिखाई नहीं देते और रूटीन लीवर फंक्शन टेस्ट में ही बीमारी का निदान हो पाता है।
आहार में कैलोरी की मात्रा अधिक होने से वजन बढ़ता है। वजन बढ़ने से लीवर में फैट एकत्रित होता है, जिससे फैटी लीवर की समस्या हो सकती है। इससे आप हेपेटाइटिस बी के शिकार हो सकते हैं।
भारत की 3-5% जनसंख्या हेपेटाइटिस बी संक्रमण का शिकार
हेपेटाइटिस बी और सी के संक्रमण के लिए जिम्मेदार हैं असुरक्षित इंजेक्शन।
क्या हेपेटाइटिस का उपचार केवल आयुर्वेदिक और हर्बल दवाओं से संभव है।
दुनिया भर में चालीस करोड़ लोग हैं इस बीमारी से पीडि़त।
भारत में लगभग 36 मिलियन से अधिक लोग हेपेटाइटिस वायरस की चपेट में हैं। इसने 70 प्रतिशत लोगों में क्रोनिक हेपेटाइटिस और 80 प्रतिशत लोगों में लीवर सिरोसिस होने की संभावना को बढ़ाया है।
वक्रासन, मंडूकासन और पवनमुक्तासन हेपेटाइटिस के रोगियों के लिए विशेष लाभकारी है। इनसे लीवर की अच्छी मसाज हो जाती है।
हेपेटाइटिस बी असुरक्षित तरीके से शारीरिक संबध के माध्यम से भी फैलता है। हेपेटाइटिस बी के लिए टीके उपलब्ध हैं, लेकिन हेपेटाइटिस सी के लिए अभी कोई भी ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं हैं।
ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस के कोई भी लक्षण कई बार मरीजों में दिखाई नहीं देते और रूटीन लीवर फंक्शन टेस्ट में ही बीमारी का निदान हो पाता है।
आहार में कैलोरी की मात्रा अधिक होने से वजन बढ़ता है। वजन बढ़ने से लीवर में फैट एकत्रित होता है, जिससे फैटी लीवर की समस्या हो सकती है। इससे आप हेपेटाइटिस बी के शिकार हो सकते हैं।
भारत की 3-5% जनसंख्या हेपेटाइटिस बी संक्रमण का शिकार
हेपेटाइटिस बी और सी के संक्रमण के लिए जिम्मेदार हैं असुरक्षित इंजेक्शन।
क्या हेपेटाइटिस का उपचार केवल आयुर्वेदिक और हर्बल दवाओं से संभव है।
दुनिया भर में चालीस करोड़ लोग हैं इस बीमारी से पीडि़त।
भारत में लगभग 36 मिलियन से अधिक लोग हेपेटाइटिस वायरस की चपेट में हैं। इसने 70 प्रतिशत लोगों में क्रोनिक हेपेटाइटिस और 80 प्रतिशत लोगों में लीवर सिरोसिस होने की संभावना को बढ़ाया है।
वक्रासन, मंडूकासन और पवनमुक्तासन हेपेटाइटिस के रोगियों के लिए विशेष लाभकारी है। इनसे लीवर की अच्छी मसाज हो जाती है।