45 की हो गई हैं, तो जरूर करें ये 2 योगासन लंबी उम्र तक फिट और हेल्दी रहने में मिलेगी मदद
45 की उम्र पार करते ही महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर खास अलर्ट हो जाना चाहिए। लंबी उम्र तक रहना है फिट तो करें ये 2 योगासन, कई बीमारियों से होगा बचाव...
45 की उम्र पार करते ही महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर खास अलर्ट हो जाना चाहिए। लंबी उम्र तक रहना है फिट तो करें ये 2 योगासन, कई बीमारियों से होगा बचाव...
इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स आज हर मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध होती है। हालांकि, इस दवा का सेवन करने से पहले कुछ डूज एंड डोन्ट्स (Dos and Donts of Emergency Contraceptives Pills) जरूर जान लें। जानें, इस आपातकालीन गोली का सेवन करने से पहले क्या करें और क्या नहीं....
Benefits of Bra Less: सारा दिन ब्रा पहनना सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। जानें, कभी-कभी ब्रा ना पहनने के सेहत पर क्या-क्या लाभ होते हैं।
गर्भनिरोधक गोलियां खाती हैं, तो इसके दुष्प्रभाव जैसे शरीर में दर्द, सिर दर्द, ऐंठन, स्तनों में दर्द या टेंडरनेस, मासिक धर्म इर्रेगुलर होना या अधिक ब्लीडिंग होने की समस्या को कम करेंगे ये हेल्दी फूड्स...
लहसुन खाने के फायदे कई होते हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि महिलाओं के लिए भी लहसुन का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है?
World Breastfeeding Week 2021: शिशु को दूध पिलाने के बाद करती हैं ये गलतियां तो ब्रेस्ट या निप्पल पर क्रैक्स, दर्द जैसी समस्या शुरू हो सकती है।इन टिप्स को आजमाकर (How to get rid of cracks on Breasts) क्रैक्स की समस्या से पाएं छुटकारा.....
स्तनों में सूजन होने को फाइब्रॉडेनोसिस भी कहा जाता है। आइए जानते हैं महिलाओं के स्तन में होने वाले सूजन के लक्षण, कारण और इलाज (Breast swelling causes, symptoms)....
महिलाओं के लिए केला खाने के फायदे जानते हैं आप?
क्या आपके ब्रेस्ट में कुछ दिनों से सूजन, दर्द, रेडनेस, जलन महसूस (Breast Infection Symptoms) हो रही है? यदि हां, तो यह स्तनों में इंफेक्शन या मैस्टाइटिस के कारण हो सकता है। जानें इस समस्या को दूर करने के कुछ घरेलू इलाज....
मेनोपॉज होने के समय ही महिलाओं में हॉट फ्लैश की समस्या नहीं होती। इन 4 कारणों से भी महिलाओं में शुरू हो जाती है हॉट फ्लैश की समस्या, जिन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यदि आप जानना चाहती हैं कि आपकी वेजाइनल हाइजीन और वेजाइना की हेल्थ दुरुस्त है या नहीं, तो आपको कुछ संकेतों के बारे में बता रहे हैं। इनसे आप जान सकती हैं कि आपकी वेजाइना हेल्दी (Signs of a Healthy Vagina in Hindi) है या अनहेल्दी....
मैस्टाल्जिया होने पर ब्रेस्ट के आसपास की त्वचा और बगलों में दर्द हो सकता है। आखिर किन अन्य कारणों से ब्रेस्ट पेन/मैस्टाल्जिया (Mastalgia) होता है, जानें यहां....
स्तनों में कई कारणों से दूध का निर्माण कम हो जाता है। इन कारणों को जानकर सही समय पर कुछ ऐसे उपायों को अपनाना जरूरी है, जिससे दूध अधिक बने और शिशु का पेट भी भर जाए, उसे सारे पौष्टिक तत्व भी प्राप्त हो सकें।
महिलाओं में होने वाली कुछ पेट की समस्याएं ऐसी हैं, जिन्हें नजरअंदाज करने से गंभीर पेट के रोग हो सकते हैं। जानें, उन बीमारियों के बारे में यहां...
योनि से बदबू आने के कई कारण होते हैं, जैसे यीस्ट इंफेक्शन, यौन संचारित इंफेक्शन, हाइजीन का ख्याल ना रखना आदि। वजाइनल ओडोर (Vaginal Odor) से आप भी परेशान हैं, तो इसे कुछ आसान से घरेलू उपायों (Home Remedies for Vaginal Odor in Hindi) को अपनाकर दूर कर सकती हैं ये समस्या...
World Ovarian Cancer Day 2021: 'वर्ल्ड ओवेरियन कैंसर डे' 8 मई को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। ओवेरियन कैंसर के लक्षणों का पता शुरुआती स्टेज में ही चल जाए, तो इसका इलाज करना आसान हो जाता है।
द लैंसेट में प्रकाशित एक नई स्टडी के अनुसार, जो महिलाएं कोविड निमोनिया से संक्रमित होने के बाद स्वस्थ हो चुकी हैं, उनमें से तीन में से एक महिला को एक साल बाद भी फेफड़ों को नुकसान (Covid pneumonia & lung damage) पहुंचने का खतरा रहता है।
आखिर यह बात कितनी सही है कि कोरोना संक्रमित महिलाओं के ठीक होने के बाद पीरियड्स में समस्या होने लगती है, जानते हैं क्या कहते हैं कुछ अध्ययन और एक्सपर्ट्स (Does corona affect menstrual cycle).....
''वर्ल्ड डायबिटिज डे'' पर पोर्टिया ने 12 हजार मरीजों पर स्टडी की, जिसके निष्कर्ष बताते हैं कि महिलाओं में स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के पालन की इच्छाशक्ति बढ़ाने की जरूरत है। डायबिटीज के विभिन्न पहलुओं पर महिला-पुरुष दोनों को जागरूक करने एवं मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।
ब्रेस्ट कैंसर के प्रति महिलाओं में आज भी जागरूकता की कमी है। इसी को ध्यान में रखते हुए मैक्स हॉस्पिटल (वैशाली) ने ब्लिस फाउंडेशन के सहयोग से अस्पताल में कई गतिविधियों का आयोजन किया, जिससे लोगों के बीच ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम और शुरुआती निदान के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (गुरुग्राम) ने रोहतक स्थित महिलाओं के गवर्नमेंट पीजी कॉलेज के यूथ रेड क्रॉस के सहयोग से कॉलेज की छात्राओं के लिए स्त्री रोग संबंधी एक स्वास्थ्य शिविर और मुफ्त परामर्श शिविर का आयोजन किया।
मेनोपॉज के बाद कई महिलाओं का वजन अनियमित रूप से बढ़ने लगता है और इसके कारण उन्हें कई स्वास्थ्य समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप भी चाहती हैं कि मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने की समस्या से परेशान न होना पड़े, तो इन बातों को जरूर रखें ध्यान में।
भारत में महिलाओं में होने वाला हर चौथा कैंसर ब्रेस्ट कैंसर है। महिलाएं सही समय पर यदि ब्रेस्ट स्क्रीनिंग (breast cancer screening) करवाएं, तो इससे काफी हद तक बचा जा सकता है।
स्तन कैंसर एकमात्र कैंसर है, जिसका इलाज 100 फीसदी संभव है, लेकिन यह तब संभव है, जब इसका निदान (breast cancer treatment) समय पर हो जाए। समय पर निदान और नियमित जांच के द्वारा स्तन कैंसर से निपटना आसान हो जाता है।
इर्रेगुलर पीरियड्स (missing periods) के कई कारण हो सकते हैं। कई बार शारीरिक गड़बड़ियों के कारण भी पीरियड्स अनियमित (causes of irregular periods) हो जाती है।
अंडरगार्मेंट्स को सही तरीके से साफ नहीं करने से आपको कई समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि अंडरगार्मेंट्स को साफ करने का सही तरीका क्या है?
एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि लगभग 70-75 % महिलाओं में यूटरस कैंसर मेनोपॉज के बाद होता है। कुछ शारीरिक लक्षणों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं होता। ये यूटरस कैंसर के भी कारण हो सकते हैं। जानें, यूटरस कैंसर के लक्षणों के बारे में...
कई बार बढ़ती उम्र और बढ़ते वजन के कारण भी ब्रेस्ट में फैट जमा होने लगती है। इसके अलावा भी कई ऐसी वजहें होती हैं, जो ब्रेस्ट साइज (Increasing breast size) के बढ़ने का कारण बन सकती हैं। जानें, ''ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ'' पर उन कारणों के बारे में जिनसे आपके ब्रेस्ट में अचानक बदलाव नजर आ सकता है...
जब महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन का निर्माण धीमी गति से होने लगता है, साथ ही मेंस्ट्रुअल पैटर्न में भी काफी बदलाव आने लगता है, तब मेनोपॉज की स्थिति आती है। तकनीकी रूप से मेनोपॉज (menopause) की शुरुआत तब होती है, जब एक महिला को 12 महीनों के लिए महावारी नहीं होती है।
कोई नया एडवेंचर शुरु करें। यह जिंदगी को दोगुने उत्साह से भर देगा। पार्टनर से अपनी कल्पनाओं को शेयर करें। हो सकता है ऐसी ही कुछ कल्पनाएं उनकी भी हों।
महिलाओं को कई आवश्यक विटामिंस जैसे विटामिन सी, डी, बी1, बी2, विटामिन ई आदि प्राप्त (Vitamins for Women) करना चाहिए। ये सभी विटामिंस आप अपने खाद्य पदार्थों के जरिए प्राप्त कर सकती हैं। जानें, महिलाओं के लिए कौन-कौन से विटामिंस (Vitamins for Women) हेल्दी रहने के लिए जरूरी हैं।
ल्यूकोरिया से अक्सर महिलाएं पीड़ित होती हैं। हालांकि, इसका इलाज श्वेतप्रदर मुद्रा से संभव है। जानें, ल्यूकोरिया की परेशानियों से बचने के लिए कैसे करें श्वेतप्रदर मुद्रा का अभ्यास।
मानसून के मौसम में नमी अधिक होती है, जिसमें बैक्टीरिया को तेजी से पनपने का मौका मिल जाता है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में मूत्रमार्ग (UTI in Women) संबंधित संक्रमण यानी यूटीआई अधिक होता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि महिलाओं का मूत्रमार्ग पुरुषों की तुलना में छोटा होता है।
मेनोपॉज का नकारात्मक प्रभाव त्वचा के साथ-साथ बालों और फिगर पर भी होता है। हालांकि, एजिंग एक नेचुरल प्रॉसेस है, जो बढ़ती उम्र में चेहरे की त्वचा पर नजर आने ही लगती है। पर सबसे ज्यादा जिस चीज से महिलाएं परेशान रहती हैं, वह है बालों का हद से ज्यादा गिरना।
अंडरगारमेंट्स अगर ठीक से साफ न हों और अच्छी तरह से सूखे न तो वो कई बीमारियों को जन्म देते हैं। बरसात के मौसम में तो यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। महिलाओं को इस समस्या को लेकर हमेशा दो-चार होना पड़ता है। आइए जानते हैं वो कौन सी पांच हेल्थ की समस्याएं हैं जो अंडरगारमेंट्स की वजह से होने लगती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाएं जिंदगी में एक या दो बार ओवेरियन सिस्ट से पीड़ित जरूर होती हैं। ओवेरियन सिस्ट की समस्या मेनोपॉज के पहले महिलाओं में अधिक होता है, लेकिन कुछ महिलाओं में यह मेनोपॉज के बाद भी पाया जा सकता है।
वैजाइना से आने वाली गंध भी बता सकती है कि आपको है क्या समस्या।
ज्यादा स्पाइसी फूड्स और चाय-कॉफी से हॉट फ्लैश (hot flashes) की समस्या हो सकती है!
किसी बीमारी का इशारा तो नहीं आपकी Vaginal Smell?
Periods में दर्द को कम करने का नैचुरल तरीका।
बीमारी होने से पहले कर लें उसकी पहचान।
बाज़ार में उपलब्ध केमिकल उत्पादों से vagina में इन्फेक्शन का खतरा होता है!
यौन संचारित संक्रमण असामान्य योनि स्राव का कारण हो सकते हैं!
क्या आपको पता है कि हरे पत्तेदार सब्ज़ियों से वेट लॉस भी होता है!
क्या आप मासिक धर्म के दौरान ज्यादा मात्रा में मांस खाते हैं?
नाभि, मुंह, हाथ पर होते हैं ढेर सारे कीटाणु।
क्या आपको भी ब्रा खरीदने में प्रॉबल्म होता है?
Big boobs के लिए ब्रा खरीद नहीं पा रहे हैं? परेशान न हो!
क्या आप जानते हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान पान नहीं खाना चाहिए।
क्या आप जानती हैं कि हद से ज्यादा अल्कोहल पीने से आपके बच्चे पैदा करने की क्षमता कम हो जाती है!
गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में आपके बच्चे का वजन 1.5 से 1.8 किलो के बीच होना चाहिए।
प्रेगनेंसी में बच्चे के शरीर में रक्त के बहाव को बेहतर करने के लिए आयरन की ज़रूरत होगी।
पहली तिमाही में अधिक खून बहना एक्टापिक प्रेगनेंसी या मिस्केरज का संकेत हो सकता है!
बहुत सी लड़कियां इस डर का सामना करती हैं।