लड़कियों के शरीर में छुपी रहती है बच्चेदानी से जुड़ी ये गम्भीर बीमारी, इन कारणों से नहीं पकड़ में आता रोग
डॉक्टर से जानें महिलाओं की तुलना में लड़कियों में एंडोमेट्रियोसिस की बीमारी बढ़ने के कारण और इसके इलाज के सही तरीके।
डॉक्टर से जानें महिलाओं की तुलना में लड़कियों में एंडोमेट्रियोसिस की बीमारी बढ़ने के कारण और इसके इलाज के सही तरीके।
Yoga For Working Women: कामकाजी महिलाओं को फिट और हेल्दी रहने के लिए नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास करना चाहिए। आइए, जानते हैं ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में।
Signs of Lump in Uterus : बच्चेदानी में गांठ की परेशानी होने पर महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आ सकते हैं। आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में विस्तार से-
महिलाएं अपने खान-पान और सेहत पर अधिक ध्यान नहीं देतीं। इससे होने वाली पोषक तत्वों की कमी जब बहुत अधिक बढ़ जाती है तो इससे उन्हें कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती हैं।
क्या आप भी रात में ब्रा पहनकर ही सो जाती हैं? यदि हां, तो ऐसा करना कई तरह से आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। जानें, रात में ब्रा पहनकर सोने से होने वाली शारीरिक परेशानियों के बारे में...
महिलाओं के शरीर में विटामिन डी की कमी कई बीमारियों का कारण बन सकती है। पढ़ें महिलाओं के लिए विटामिन डी की अहमियत और फायदे।
मां चाहे कितनी भी परेशानी में क्यों ना लेकिन अपनों का ख्याल वो जरूर रखती है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है इन सब के बीच एक मां अपनी सेहत का ख्याल रखना भूल जाती है।
कुछ बीमारियों का रिस्क महिलाओं में अधिक होता है। रेग्यूलर हेल्थ चेकअप कराने से ये बीमारियां आसानी से पकड़ में आ सकती हैंं।
Apple cider vinegar benefits for women, सेब के सिरके का सेवन महिलाओं को जरूर करना चाहिए। आइए जानते हैं, क्यों एप्पल साइडर विनेगर है महिलाओं के लिए हेल्दी
अलसी के बीजों को चबाने और अलसी के तेल का सेवन करने से पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर और पेट के कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
Ashwagandha Benefits: अश्वगंधा को महिलाओं के लिए एक जादुई जड़ी बूटी माना जाता है। चाहे फर्टिलिटी की बात हो या वजन घटाने की, अश्वगंधा महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है। जानिए विस्तार से।
Manjistha ke fayde: मंजिष्ठा एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है। इसके अलावा दस्त जैसी पेट की समस्याओं में भी ये फायदेमंद है।
अगर आपकी योनि में जलन, खुजली दर्द या अजीब तरह की बदबू आती है, तो इस लेख से आपकी वजाइनल हेल्थ से जुड़ी कुछ समस्याएं हल हो सकती है!
इस लेख में गोल्ड जूलरी पहनने के उन्हीं फायदों के बारे में हम लिख रहे हैं, साथ ही किस अंग में कौन-से गहने पहनने से कौन-सी स्वास्थ समस्या से राहत मिलती है यह भी पढ़ सकते हैं आप यहां। (Health benefits of wearing Gold Jewellery)
अगर आपके घर में किसी भी महिला को बार-बार यूटीआई की परेशानी होती है तो क्रैनबेरी का सेवन फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे काम करती है क्रैनबेरी और इससे होने वाले फायदे।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट, मुंबई की सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. तिलक सुवर्णा ने बताए भारतीय महिलाओं के हृदय की रक्षा के महत्वपूर्ण उपाय।
कैंसर के इस रूप ने सर्वाइकल कैंसर को भी पीछे छोड़ दिया है। आज महिलाओं के सभी प्रकार के कैंसर में से 30% मामले ब्रेस्ट कैंसर के हैं। भारत में प्रति 100,000 महिलाओं में से 40 में ब्रेस्ट कैंसर का पता चलता है और 50% से अधिक रोगी बीमारी के एडवांस स्टेज में निदान के लिए आते हैं।
PCOS in Women: इन 9 आदतों को डेली लाइफ में करें शामिल, पीसीओएस बीमारी से होगा बचाव
एक स्टडी के अनुसार, जिन महिलाओं में देखने, सुनने और मस्तिष्क से संबंधित कोई समस्या है, उनमें ऐसी ही समस्याओं से ग्रस्त पुरुषों की तुलना में डिप्रेशन और एंग्जायटी की समस्या भी दोगुनी रूप से अधिक देखने को मिलती है।
पीरियड्स के दौरान कुछ महिलाओं को यीस्ट इंफेक्शन हो जाता है। इसके पीछे कई कारण होते हैं। उन कारणों को जानकर इस समस्या को ठीक करने के लिए अपनाएं ये उपाय....
क्या आप जानती हैं कि पीरियड्स के दिनों में अधिक ब्लड क्लॉट्स कई गंभीर शारीरिक समस्याओं की तरफ इशारा करते हैं? जानें, मासिक धर्म में रक्त के थक्के क्यों आते हैं (Causes of blood clots in periods) और इसका निदान, इलाज क्या है?
पीरियड्स की डेट नजदीक आने के एक सप्ताह पहले से ही कुछ महिलाओं के ब्रेस्ट में दर्द होने लगता है। ब्रेस्ट में दर्द कई अन्य कारणों से भी हो सकता है, जानिए उन कारणों को और इस दर्द से राहत पाने के 4 उपायों के बारे में यहां...
Causes of Vaginal Dryness: वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या किसी भी महिला को कभी भी हो सकती है। इस समस्या के होने के कारण सेक्स लाइफ भी प्रभावित हो सकती है। इसके कारणों को जानकर, इलाज जरूर करवाएं...
What is Light periods in Hindi: पीरियड्स के दौरान रक्त प्रवाह आमतौर पर दो से सात दिनों तक होता है। हालांकि, पीरियड्स की अवधि, डेट और ब्लड फ्लो में कई बार काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। कई बार बहुत कम ब्लीडिंग होती है। ऐसा क्यों होता है, इस समस्या को कहते क्या हैं, जानें सबकुछ...
Belly fat in women: कई शोध में बात सामने आई है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक बेली फैट होना घातक हो सकता है। इससे कई तरह की बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है।
आज भी अधिकतर महिलाएं सरवाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक नहीं हैं। महिलाओं को इन जानलेवा बीमारियों के बारे में जागरूक बनाना समय की मांग है, क्योंकि समय पर निदान द्वारा मरीज के ठीक होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
महिलाओं को समर्पित इस दिन पर आम लोग ही नहीं बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ ने भी महिलाओं को खास संदेश दिए। जिनमें शिल्पा शेट्टी, अमृता खानविलकर और मलाइका अरोड़ा खान भी हैं। (Bollywood on Women's Day in hindi.) इन सभी ने महिलाओं को अच्छी सेहत, क्वालिटी ऑफ लाइफ, सही अप्रोच और अपनी पसंद की ज़िंदगी जीने की सलाह दी।
पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम, पीसीओएस (Polycystic ovary syndrome), एक हार्मोनल विकार है, जो ओवरी के बाहरी किनारों पर छोटे अल्सर के साथ बढ़े हुए अंडाशय का कारण बनता है। भारत में प्रजनन महिलाओं के लिए आम जीवनशैली विकारों में से एक है, जो हर 5 महिलाओं में एक को प्रभावित करता है।
Night shifts : रात की शिफ्ट में करती हैं काम, तो इन बातों को जरूर रखें याद।
45 वर्षीय गुरूग्राम निवासी संध्या की जटिल ट्यूमर सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। उनके पेट की दाहिनी ओर 11 सेंटीमीटर का ट्यूमर होने के कारण भयंकर दर्द रहता था।
व्हाइट डिस्चार्ज यानी ल्यूकोरिया की समस्या से अक्सर महिलाएं परेशान रहती हैं। कई बार वेजाइना की साफ-सफाई नहीं करने, शारीरिक कमजोरी, पोषक तत्वों की कमी के कारण भी यह रोग होता है। जानें व्हाइट डिस्चार्ज के कारण, लक्षण और घरेलू नुस्खे...
कोई ठोस लक्षण नहीं नजर आने के कारण महिलाओं में दिल की बीमारी का निदान देर से होता है या हो ही नहीं पाता है, जिसके कारण बीमारी गंभीर होती जाती है। आमतौर पर 5 में से एक महिला किसी एक प्रकार के सीवीडी से पीड़ित होती हैं और हार्ट अटैक वाली एक-तिहाई महिलाएं 1 साल के अंदर ही दम तोड़ देती हैं।
कैंसर से कई अनावश्यक मौतें सिर्फ इसलिए हो जाती हैं, क्योंकि लोगों को लक्षणों के बारे में जानकारी नहीं होती। ऐसे में मरीजों की जांच सबसे जरूरी होती है। जानें, महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के खतरे, लक्षण, कारण...
6 साल से कम उम्र की बच्चियां पीरियड्स (Early period) का अनुभव कर रही हैं, जबकि उनके बीच या देर से किशोर उम्र की लड़कियों को पीरियड्स नहीं हुए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों में ऐसे मामलों में लगभग 15-20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। क्या कारण है कम उम्र में पीरियड्स आने के, जानें यहां...
जानें, यदि आप तीस वर्ष के बाद (women's health problem after 30s) अपने शरीर के प्रति लापरवाही बरतेंगी, तो किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
हाल ही में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि प्रत्येक तीन में से एक महिला की मृत्यु का कारण हार्ट डिजीज है। हार्ट की बीमारी को पुरुष प्रधान माना जाता है, इस वजह से उनमें सामने आने वाले लक्षणों को आमतौर पर नजरअंदाज किया जाता है, जबकि महिलाओं में इसकी जटिलताओं का विकास हो जाता है, इसलिए आवश्यक है कि महिलाओं के हार्ट के स्वास्थ्य पर ध्यान केन्द्रित किया जाए और इसको लेकर उनमें और जनसामान्य में जागरूकता को बढ़ाया जाए।
pregnancy इस तरह के workouts से आपको हो सकता है भारी नुकसान
क्या आप जानते हैं कि जिंक से भरपूर चीजें खाने से Osteoporosis होने का खतरा काफी कम हो जाता है!
Pregnancy के बाद heavy breast और pelvic हिस्से के बढ़ जाने से आपको वर्कआउट में समस्या हो सकती है
दिल खोलकर हँसे और फिट रहने के तरफ कदम बढ़ायें!
अगर आप मीट और दूध से बनी चीज़ें ज़्यादा खाती हैं तो आपके हिप्स और बटक्स का वज़न बढ़ने लगता है।
जल्दी पिरियड होने पर क्या होता है, जानें!
महिलाओं में estrogen लेवल बढ़ने से सिरदर्द और बीपी हाई हो सकता है, जानिये ऐसे ही 10 लक्षणों के बारे में
अचानक वजन बढ़ने के साथ ही अगर आपके बालों और स्किन का कलर बदलने लगे तो समझ ले कि आप मेनोपॉज के दौर से गुज़र रही हैं!
Breast में सूजन, जलन और गांठ बनना breast cancer के लक्षण हो सकते हैं!
अगर आपकी योनि से खून के अलावा किसी भी तरह का डिस्चार्ज हो रहा है तो इसे अनदेखा न करें बल्कि तुरंत जांच कराएं!
कहीं आपको फोन और सोशल मीडिया का एडिक्शन तो नहीं हो गया ?
महिलाओं के लिए जरूरी है वैजाइनल डिस्चार्ज पर नजर रखना।
अनियमित पीरियड्स गर्भाशय में ट्यूमर या गांठ के भी संकेत हो सकते हैं।
फैशन नहीं ये है आराम का मामला
डिप्रेशन, नेगेटिविटी और गिरती सेहत, इन सबसे बचा सकती हैं कुछ अच्छी आदतें।
पीरियड्स के आलावा अगर आपके पेट के निचले हिस्से में बार-बार तेज दर्द होता है, तो उसके ये कारण हो सकते हैं
इतनी मुश्किल नहीं नॉर्मंल पीरियड्स की पहचान
क्या आपके बाल अचानक बहुत झड़ने लगे हैं?