हर महिला को क्यों 30 की उम्र के बाद ज़रूर कराने चाहिए ये मेडिकल टेस्ट
30 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं, जो सेहत पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में कुछ जरूरी हेल्थ चेकअप समय पर करवाना बेहद जरूरी है।
30 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं, जो सेहत पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में कुछ जरूरी हेल्थ चेकअप समय पर करवाना बेहद जरूरी है।
Baddha Konasana Benefits: बद्ध कोणासन महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। इसके नियमित अभ्यास से महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो सकती हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Medical Tests For Women Over The Age Of 40: 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं को समय-समय पर कुछ मेडिकल टेस्ट करवाते रहना चाहिए ताकि समय रहते बीमारियों का निदान किया जा सके। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Early Menopause Causes: समय से पहले मेनोपॉज होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Manopause ke karan: मेेनोपॉज या पीरियड्स बंद होना भले ही नेचुरल प्रक्रिया है लेकिन कई गलतियों की वजह से भी कुछ महिलाओं में अर्ली मेनोपॉज हो सकता है।
Fallopian Tube Me Ganth Kyu Hoti Hai: फैलोपियन ट्यूब में गांठ होने पर शरीर में कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Ovarian Cancer Symptoms: ओवेरियन कैंसर होने पर महिलाओं के शरीर में कुछ लक्षण नजर आते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Frequent Urination In Women: महिलाओं को बार-बार पेशाब आने के पीछे कुछ गंभीर कारण हो सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Vitamin D Deficiency Symptoms In Women: विटामिन डी की कमी होने पर महिलाओं के शरीर में कई तरह के लक्षण देखे जा सकते हैं। आइए, जानते हैं इन लक्षणों के बारे में विस्तार से -
Yoga For Women After 40: 40+ उम्र की महिलाओं को अपने डेली रूटीन में कुछ योगासनों को जरूर शामिल करना चाहिए। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
ओवेरियन कैंसर होने पर महिलाओं के शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं। आइए, जानते हैं इन लक्षणों के बारे में विस्तार से -
Frequent urination in women : महिलाओं में बार-बार पेशाब आने की परेशानी के पीछे कई वजह हो सकती हैं। इसका इलाज आप कई नुस्खों को आजमाकर कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में-
पहली बार का अनुभव हर किसी के लिए खास होता है, लेकिन इसके बाद शरीर में होने वाले बदलावों को समझना भी जरूरी है। जानें, ये बदलाव क्या संकेत देते हैं और कैसे इन्हें हैंडल किया जा सकता है।
Natural Ways to Look Younger: अगर चेहरे पर समय से पहले ही बुढापे की निशानियां दिखने लगी हैं, तो हो सकता है कि आपकी गलतियां आपको बूढ़ा (premature aging in women) बना रही हैं। लंबे समय तक जवान दिखना है तो इन 5 गलतियों को करने से बचें।
Yoga For Pcos: पीसीओएस की समस्या से निपटने के लिए आप अपने डेली रूटीन में कुछ योगासनों को शामिल कर सकती हैं। आइए, जानते हैं इनके बारे में विस्तार से -
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Foods to Increase AMH Levels: एएमएच हार्मोन महिलाओं में पाया जाने वाला एक हार्मोन है, जो गर्भधारण के लिए जरूरी होता है। आइए, जानते हैं कि एएमएच स्तर को ठीक करने के लिए क्या खाएं –
Symptoms Of Bulky Uterus In Hindi: बच्चेदानी में सूजन होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। आइए, जानते हैं इन लक्षणों के बारे में विस्तार से -
Ovarian Cancer Symptoms: ओवेरियन कैंसर की शुरुआत होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण दिख सकते हैं। आइए, जानते हैं इन लक्षणों के बारे में विस्तार से -
Yoga For Irregular Periods: अगर आप भी पीरियड्स की अनियमितता से परेशान हैं, तो इसे ठीक करने के लिए रोजाना कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकती हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Yoga for Breast Cancer: नियमित रूप से कुछ योगासनों को करने से ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Chakki Chalanasana Benefits: महिलाओं को चक्की चलनासन का अभ्यास करने से कई फायदे मिल सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Yoga For Women: आज हम आपको कुछ योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका अभ्यास हर महिला को रोज करना चाहिए। आइए, जानते हैं इन योगासनों के बारे में विस्तार से –
जायफल सिर्फ मसाला नहीं बल्कि एक औषधि भी होता है। जिसका बस एक चुटकी, महिलाओं से जुडी कई परेशानियों को जड़ से ख़त्म कर सकता है। साथ ही इससे उनके जीवन के अन्य पहलुओं को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
PCOS Diet: पीसीओएस से ग्रसित महिलाओं को अपने खानपान का खास ख्याल रखना चाहिए। आइए, जानते हैं पीसीओएस में क्या खाएं और क्या नहीं?
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PCOS in women: महिलाओं में होने वाली प्रमुख बीमारियों में पीसीओएस भी एक है, जिसके बारे में पर्याप्त जानकारी होना जरूरी है और इस लेख में हम आपको इस बीमारी के बारे में कुछ खास जानकारी देने वाले हैं।
World Menstrual Hygiene Day: पीरियड्स के दौरान कई महिलाएं इंटीमेट वॉश का इस्तेमाल करती हैं। आइए, डॉक्टर से जानते क्या ऐसा करना सही है या नहीं?
UTI in Women: महिलाओं में यूरिन इंफेक्शन एक आम समस्या है। आइए, जानते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय -
Thyroid Symptoms: महिलाओं में थायराइड होने के कई कारण हैं। जिसमें वायरल इंफेक्शन, स्ट्रेस, डिलीवरी के बाद फिजिकल चेंज, हार्मोनल चेंज और आयोडीन की कमी आदि प्रमुख हैं।
ICMR (Indian Council for Medical Research) ने हाल ही में जारी किए आंकड़ों के मुताबिक शहरी क्षेत्र की महिलाओं की तुलना में ग्रामीण महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले अपेक्षाकृत कम पाए जाते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
डॉक्टर से जानें महिलाओं की तुलना में लड़कियों में एंडोमेट्रियोसिस की बीमारी बढ़ने के कारण और इसके इलाज के सही तरीके।
Yoga For Working Women: कामकाजी महिलाओं को फिट और हेल्दी रहने के लिए नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास करना चाहिए। आइए, जानते हैं ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में।
Signs of Lump in Uterus : बच्चेदानी में गांठ की परेशानी होने पर महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आ सकते हैं। आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में विस्तार से-
क्या आप भी रात में ब्रा पहनकर ही सो जाती हैं? यदि हां, तो ऐसा करना कई तरह से आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। जानें, रात में ब्रा पहनकर सोने से होने वाली शारीरिक परेशानियों के बारे में...
Ashwagandha Benefits: अश्वगंधा को महिलाओं के लिए एक जादुई जड़ी बूटी माना जाता है। चाहे फर्टिलिटी की बात हो या वजन घटाने की, अश्वगंधा महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है। जानिए विस्तार से।
अलसी के बीजों को चबाने और अलसी के तेल का सेवन करने से पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर और पेट के कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
Manjistha ke fayde: मंजिष्ठा एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है। इसके अलावा दस्त जैसी पेट की समस्याओं में भी ये फायदेमंद है।
इस लेख में गोल्ड जूलरी पहनने के उन्हीं फायदों के बारे में हम लिख रहे हैं, साथ ही किस अंग में कौन-से गहने पहनने से कौन-सी स्वास्थ समस्या से राहत मिलती है यह भी पढ़ सकते हैं आप यहां। (Health benefits of wearing Gold Jewellery)
Benefits of Bra Less: सारा दिन ब्रा पहनना सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। जानें, कभी-कभी ब्रा ना पहनने के सेहत पर क्या-क्या लाभ होते हैं।
लहसुन खाने के फायदे कई होते हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि महिलाओं के लिए भी लहसुन का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है?
योनि से बदबू आने के कई कारण होते हैं, जैसे यीस्ट इंफेक्शन, यौन संचारित इंफेक्शन, हाइजीन का ख्याल ना रखना आदि। वजाइनल ओडोर (Vaginal Odor) से आप भी परेशान हैं, तो इसे कुछ आसान से घरेलू उपायों (Home Remedies for Vaginal Odor in Hindi) को अपनाकर दूर कर सकती हैं ये समस्या...
World Ovarian Cancer Day 2021: 'वर्ल्ड ओवेरियन कैंसर डे' 8 मई को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। ओवेरियन कैंसर के लक्षणों का पता शुरुआती स्टेज में ही चल जाए, तो इसका इलाज करना आसान हो जाता है।
आखिर यह बात कितनी सही है कि कोरोना संक्रमित महिलाओं के ठीक होने के बाद पीरियड्स में समस्या होने लगती है, जानते हैं क्या कहते हैं कुछ अध्ययन और एक्सपर्ट्स (Does corona affect menstrual cycle).....
गर्मी के दिनों में टाइट ब्रा, ब्लाउज, टॉप आदि पहनने से कई बार ब्रेस्ट की त्वचा पर रैशेज हो जाते हैं। इसके कारण खुजली, जलन होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपायों को ट्राई करके देखें।
Benefits of Applying Sindoor in Hindi: अब तक आपने सिंदूर लगाने के नुकसानों के बारे में ही सुना होगा, अब पढ़िए शादीशुदा महिलाओं के माथे पर लगाई जाने वाली सिंदूर (कुमकुम) के सेहत लाभ...
वेजाइनल ओडर यानी महिलाओं की योनि से दुर्गंध आना। वेजाइनल ओडर कई प्रकार के हो सकते हैं। जानें, वेजाइनल ओडर से आने वाले दुर्गंध के प्रकार और इस समस्या को दूर करने के घरेलू उपाय (how to get rid of vaginal odor)...
पीरियड्स के दिनों में साफ-सफाई और हाइजीन का ख्याल रखना काफी जरूरी होता है। टैम्पोन के इस्तेमाल से आप सही तरीके से हाइजीन का ख्याल नहीं रख सकती हैं और इसके सेहत पर कई तरह के दुष्प्रभाव भी पड़ते हैं, जिन्हें आपको जानना चाहिए। टैम्पोन्स के इस्तेमाल से बैक्टीरियल इंफेक्शन होने का खतरा (side effects of tampons) भी बढ़ जाता है। जानें, किस तरह सैनिटरी पैड के मुकाबले टैम्पोन का इस्तेमाल अधिक सही नहीं होता है और इससे क्या-क्या साइड इफेक्ट्स (side effects of tampons) हो सकते हैं...
कुछ संकेतों की मदद से पता चल जाता है कि आपके शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा कम हो गई है। दवाओं के अलावा कुछ उपायों को आजमाकर भी आप इसके लेवल को दोबारा ठीक कर सकती हैं। जानें, कुछ उपाय जिनके जरिए आप एस्ट्रोजन हार्मोन के लेवल को संतुलित कर सकती हैं।
Pregnancy Tips in Hindi, how to care in pregnancy in hindi, pregnancy care month by month in hindi, प्रेगनेंसी में कैसे खुश रहें. मानसून प्रेगनेंसी टिप्स.
सैचुरेटेड फैट का संतुलित मात्रा में सेवन आपके लिए सुरक्षित है लेकिन सैचुरेटेड फैट की उच्च मात्रा आपके ब्रेन की समर्थता और क्षमता को हानि पहुंचा सकती है। सैचुरेटेड फैट आपके दिमाग की सीखने और नई मौमोरी बनाने की क्षमता को प्रभावित करता है।
कैल्शियम हड्डियों के लिए अच्छा माना जाता है, इसलिए जिन महिलाओं को अर्थराइटिस की समस्या होती हैं, उन्हें अपने आहार में कैल्शियम जरूर लेना चाहिए।
पीरियड्स के दौरान ब्लड का रंग अगर लाल होता है तो वह सामान्य है लेकिन यदि भूरा या काला रंग निकलता है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए।
यहां तक कि डायबिटीज के कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण लक्षण होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। अगर हम महिलाओं की बात करें तो कुछ ऐसे लक्षण भी हैं, जिनके बारे में उन्हें जानकारी होनी चाहिए। जानें, महिलाओं को किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये डायबिटीज होने का संकेत हो सकते हैं।