भारतीय कफ सिरप पीने से गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत, WHO कर रही है जांच
WHO ने भारत की 4 दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है, जिसकी वजह से गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत हुई है। लेकिन, भारतीय कंपनी ने इस पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
WHO ने भारत की 4 दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है, जिसकी वजह से गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत हुई है। लेकिन, भारतीय कंपनी ने इस पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
WHO प्रमुख ने लोगों के उस रवैये के प्रति चेतावनी दी जिसके आधार पर लोग मान बैठे हैं कि कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रोन काफी कम खतरनाक है और इसने वायरस से उत्पन्न खतरे को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
Vaccine Donation By India: भारत में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीनेशन का काम शुरू हुआ था, इसके बाद भारत ने बिना देरी के अपने पड़ोसी मुल्कों को वैक्सीन की आपूर्ति शुरू कर दी, जिसकी तारीफ डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने भी की है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने फाइजर-बायोएनटेक (Pfizer Biontech Covid Vaccine) कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) के आपातकालीन उपयोग की अनुमति दे दी है।
टेड्रोस अधनोम ग्रेबेसियस ने कहा कि टीके की तत्काल बड़े पैमाने पर खरीद और वितरण के जमीनी कार्य के लिए 4.3 अरब डॉलर की जरूरत है, इसके बाद 2021 के लिए 23.9 अरब की जरूरत होगी और यह रकम विश्व के सबसे धनी 20 देशों के समूह की ओर से घोषित पैकेजों में 11 ट्रिलियन के एक फीसदी का आधा है।
एक ओर जहां कोरोना का कहर लगातार बढ़ रहा है वहीं अभी वैक्सीन के नाम पर लोगों को संतुष्टि नहीं मिल रही है। अभी तक हर किसी के मन में यही सवाल आता होगा कि कब कोरोना की वैक्सीन आएगी और आखिर कब तक लोगों को घर में कैद होकर रहना पड़ेगा। लोगों के इस सवाल का जवाब डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेबियस ने उम्मीद जगा दी है। WHO चीफ ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को कहा कि हम उम्मीद कर सकते हैं कि 2 साल में कोरोना महामारी धरती से पूरी तरह से चली जाएगी। हालांकि यह तभी संभव होगा जब पूरा विश्व साथ में मिलकर कोरोना वैक्सीन के निर्माण में काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोनावायरस महामारी 1918 के स्पेनिश फ्लू की तुलना में कम समय तक रहेगी।
WHO ने भारत की 4 दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है, जिसकी वजह से गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत हुई है। लेकिन, भारतीय कंपनी ने इस पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
WHO प्रमुख ने लोगों के उस रवैये के प्रति चेतावनी दी जिसके आधार पर लोग मान बैठे हैं कि कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रोन काफी कम खतरनाक है और इसने वायरस से उत्पन्न खतरे को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
Vaccine Donation By India: भारत में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीनेशन का काम शुरू हुआ था, इसके बाद भारत ने बिना देरी के अपने पड़ोसी मुल्कों को वैक्सीन की आपूर्ति शुरू कर दी, जिसकी तारीफ डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने भी की है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने फाइजर-बायोएनटेक (Pfizer Biontech Covid Vaccine) कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) के आपातकालीन उपयोग की अनुमति दे दी है।
टेड्रोस अधनोम ग्रेबेसियस ने कहा कि टीके की तत्काल बड़े पैमाने पर खरीद और वितरण के जमीनी कार्य के लिए 4.3 अरब डॉलर की जरूरत है, इसके बाद 2021 के लिए 23.9 अरब की जरूरत होगी और यह रकम विश्व के सबसे धनी 20 देशों के समूह की ओर से घोषित पैकेजों में 11 ट्रिलियन के एक फीसदी का आधा है।
एक ओर जहां कोरोना का कहर लगातार बढ़ रहा है वहीं अभी वैक्सीन के नाम पर लोगों को संतुष्टि नहीं मिल रही है। अभी तक हर किसी के मन में यही सवाल आता होगा कि कब कोरोना की वैक्सीन आएगी और आखिर कब तक लोगों को घर में कैद होकर रहना पड़ेगा। लोगों के इस सवाल का जवाब डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेबियस ने उम्मीद जगा दी है। WHO चीफ ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को कहा कि हम उम्मीद कर सकते हैं कि 2 साल में कोरोना महामारी धरती से पूरी तरह से चली जाएगी। हालांकि यह तभी संभव होगा जब पूरा विश्व साथ में मिलकर कोरोना वैक्सीन के निर्माण में काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोनावायरस महामारी 1918 के स्पेनिश फ्लू की तुलना में कम समय तक रहेगी।