स्पेन में बाढ़ के पानी में फंसे लोग, बढ़ा कई बीमारियों का रिस्क, कई लोगों की मौत की पुष्टि
क्लाइमेट चेंज की वजह से स्पेन को तेज बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्लाइमेट चेंज की वजह से स्पेन को तेज बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात के मौसम में जब बीमारियां बढ़ने का खतरा बहुत बढ़ जाता है तब लोगों को पानी उबालने के लिए कहा जाता है। इससे दूषित पानी से होने वाले डैमेज से हेल्थ को सुरक्षित रखा जा सकता है।
बारिश के दिनों में ई.कोली जैसे बैक्टेरिया की वजह से भोजन दूषित हो जाता है और इस तरह के भोजन के सेवन से फूड पॉयजनिग हो सकती है।
जलजनित बीमारियां उन बीमारियों को कहा जाता है जो जल से फैलती हैं। इन बीमारियों का प्रमुख कारण जल में विभिन्न प्रकार के कीटाणु एवं जीवाणु होते हैं। जलजनित बीमारियों का सबसे बड़ा कारक गंदा जल होता है।
दूषित पानी पीने से लोगो को पेट से जुड़ी कई बीमारियां हो जाती है वहीं कॉलरा जैसी गम्भीर बीमारियों की वजह भी गंदा पानी भी ही बनता है।
बिहार के बक्सर जिले (Buxar news) और गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) में गंगा नदी में अब तक बहती हुई कई लाशें बरामद की जा चुकी हैं। इससे लोगों में डर बढ़ता जा रहा है। क्या ये लाशें कोरोना संक्रमितों की हैं? यदि हां, तो इनसे आसपास रहने वाले लोगों की सेहत पर क्या असर हो सकता है, जानें एक्सपर्ट्स की राय....
बरसात में दूषित पीने की वजह से भी कई प्रकार की बीमारियां इस मौसम में होने लगती हैं। इन बीमारियां से पीड़ित लोगों को दवाइयों के साथ कुछ घरेलू नुस्खों का भी सेवन करना चाहिए। (Home Remedies for Monsoon Diseases) जिनके बारे में हम लिख रहे हैं यहां-
बिहार में बाढ़ (Bihar flood) आने के बाद वहां के प्रभावित इलाकों में नदियों का पानी कम तो हो गया है, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कई इलाकों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों को अब कोरोना (Coronavirus) सहित अन्य बीमारियों का डर सताने लगा है।
उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति और खासतौर से गरीबों की फिल्टर पानी तक पहुंच नहीं होती है, वे सभी जल-जनित रोगों का शिकार होकर बीमार पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय जल गुणवत्ता रेंकिंग की शुरूआत करेगा, जो आरम्भ में सौ स्मार्ट शहरों और सभी राज्य राजधानियों में अगले तीन महीनों में शुरू कर दी जाएगी।
बाढ़ के पानी में गिरे बिजली के तार या खंभे से लोगों को बिजली का झटका लग सकता है।
डॉक्टरों ने इरफान खान को आराम करने की सलाह दी है।
क्लाइमेट चेंज की वजह से स्पेन को तेज बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के दिनों में ई.कोली जैसे बैक्टेरिया की वजह से भोजन दूषित हो जाता है और इस तरह के भोजन के सेवन से फूड पॉयजनिग हो सकती है।
जलजनित बीमारियां उन बीमारियों को कहा जाता है जो जल से फैलती हैं। इन बीमारियों का प्रमुख कारण जल में विभिन्न प्रकार के कीटाणु एवं जीवाणु होते हैं। जलजनित बीमारियों का सबसे बड़ा कारक गंदा जल होता है।
दूषित पानी पीने से लोगो को पेट से जुड़ी कई बीमारियां हो जाती है वहीं कॉलरा जैसी गम्भीर बीमारियों की वजह भी गंदा पानी भी ही बनता है।
बिहार के बक्सर जिले (Buxar news) और गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) में गंगा नदी में अब तक बहती हुई कई लाशें बरामद की जा चुकी हैं। इससे लोगों में डर बढ़ता जा रहा है। क्या ये लाशें कोरोना संक्रमितों की हैं? यदि हां, तो इनसे आसपास रहने वाले लोगों की सेहत पर क्या असर हो सकता है, जानें एक्सपर्ट्स की राय....
बरसात में दूषित पीने की वजह से भी कई प्रकार की बीमारियां इस मौसम में होने लगती हैं। इन बीमारियां से पीड़ित लोगों को दवाइयों के साथ कुछ घरेलू नुस्खों का भी सेवन करना चाहिए। (Home Remedies for Monsoon Diseases) जिनके बारे में हम लिख रहे हैं यहां-
बिहार में बाढ़ (Bihar flood) आने के बाद वहां के प्रभावित इलाकों में नदियों का पानी कम तो हो गया है, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कई इलाकों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों को अब कोरोना (Coronavirus) सहित अन्य बीमारियों का डर सताने लगा है।
उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति और खासतौर से गरीबों की फिल्टर पानी तक पहुंच नहीं होती है, वे सभी जल-जनित रोगों का शिकार होकर बीमार पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय जल गुणवत्ता रेंकिंग की शुरूआत करेगा, जो आरम्भ में सौ स्मार्ट शहरों और सभी राज्य राजधानियों में अगले तीन महीनों में शुरू कर दी जाएगी।
डॉक्टरों ने इरफान खान को आराम करने की सलाह दी है।
बरसात के मौसम में जब बीमारियां बढ़ने का खतरा बहुत बढ़ जाता है तब लोगों को पानी उबालने के लिए कहा जाता है। इससे दूषित पानी से होने वाले डैमेज से हेल्थ को सुरक्षित रखा जा सकता है।
बाढ़ के पानी में गिरे बिजली के तार या खंभे से लोगों को बिजली का झटका लग सकता है।