बिना सोचे समझे ना लें विटामिन D सप्लीमेंट्स, हो सकते हैं ये नुकसान
Vitamin D Supplement Ke Nuksan: विटामिन डी का लेवल कम होने पर बहुत से लोग सप्लीमेंट्स लेते हैं। लेकिन, ये गोलियां आपकी हेल्थ के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकती हैं।
Vitamin D Supplement Ke Nuksan: विटामिन डी का लेवल कम होने पर बहुत से लोग सप्लीमेंट्स लेते हैं। लेकिन, ये गोलियां आपकी हेल्थ के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकती हैं।
एक नयी स्टडी के अनुसार विटामिन डी की कमी वाले बच्चों में अगर आप हड्डियों से जुड़े फ्रैक्चर से बचने के लिए उन्हें सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं तो इससे उनकी कोई मदद नहीं होगी।
क्या आप जानते हैं कि अगर विटामिन डी की कमी बहुत सी स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है तो इसकी अधिक मात्रा भी आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है।
कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिनके बारे में पता नहीं चलता की ऐसा क्यों हो रहा है. हमारा शरीर ऐसा ही एक संकेत देता है जो बताता है कि शरीर में विटामिन डी की कमी है.
हड्डियों को मजबूत रखने और कैल्शियम की आपूर्ति के लिए विटामिन डी शरीर के लिए एक बेहद आवश्यक तत्व है। विटामिन डी की कमी से हड्डियों की समस्याएं होती हैं, लेकिन शरीर में इसकी अधिकता होने से ये 5 गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं।
जब शरीर में विटामिन डी3 की कमी होती है तो हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है. कुछ शोध में तो यहां तक पाया गया है कि विटामिन डी3 की कमी होने पर कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है. विटामिन डी3 Vitamin D का ही एक रूप माना जाता है.
इनडोर एक्टिविटी और व्यस्तता बढ़ जाने के कारण अब बहुत कम लोग ऐसे हैं जिनमे विटामिन डी की कमी न हो। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेना सेहत के लिए कितना फायदेमंद है।
सर्दियों में धूप कम रहने के कारण लोगों में इसकी कमी ज्या दा देखने को मिलती है, इसलिए अपने आहार में उन चीजों को जरूर शामिल करें, जिनमें मौजूद होता है विटामिन डी।
1980 में डायबिटीज़ मरीज़ों की संख्या 108 मिलियन थी जो 2014 तक बढ़कर 422 मिलियन हो गई है।
विटामिन डी की उच्च खुराक कुपोषित बच्चों के वजन को बढ़ाने में मदद करता है।
11 बजे सुबह से एक बजे दोपहर तक की धूप है जो कि मानव शरीर में विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने में सबसे अधिक फायदेमंद है।
दर्दनाक बॉवेल सिंड्रोम में विटामिन-डी कैसे करता है मदद जानने के लिए पढ़े यह आर्टिकल।
एक नयी स्टडी के अनुसार विटामिन डी की कमी वाले बच्चों में अगर आप हड्डियों से जुड़े फ्रैक्चर से बचने के लिए उन्हें सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं तो इससे उनकी कोई मदद नहीं होगी।
क्या आप जानते हैं कि अगर विटामिन डी की कमी बहुत सी स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है तो इसकी अधिक मात्रा भी आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है।
कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिनके बारे में पता नहीं चलता की ऐसा क्यों हो रहा है. हमारा शरीर ऐसा ही एक संकेत देता है जो बताता है कि शरीर में विटामिन डी की कमी है.
हड्डियों को मजबूत रखने और कैल्शियम की आपूर्ति के लिए विटामिन डी शरीर के लिए एक बेहद आवश्यक तत्व है। विटामिन डी की कमी से हड्डियों की समस्याएं होती हैं, लेकिन शरीर में इसकी अधिकता होने से ये 5 गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं।
जब शरीर में विटामिन डी3 की कमी होती है तो हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है. कुछ शोध में तो यहां तक पाया गया है कि विटामिन डी3 की कमी होने पर कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है. विटामिन डी3 Vitamin D का ही एक रूप माना जाता है.
इनडोर एक्टिविटी और व्यस्तता बढ़ जाने के कारण अब बहुत कम लोग ऐसे हैं जिनमे विटामिन डी की कमी न हो। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेना सेहत के लिए कितना फायदेमंद है।
1980 में डायबिटीज़ मरीज़ों की संख्या 108 मिलियन थी जो 2014 तक बढ़कर 422 मिलियन हो गई है।
विटामिन डी की उच्च खुराक कुपोषित बच्चों के वजन को बढ़ाने में मदद करता है।
11 बजे सुबह से एक बजे दोपहर तक की धूप है जो कि मानव शरीर में विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने में सबसे अधिक फायदेमंद है।
दर्दनाक बॉवेल सिंड्रोम में विटामिन-डी कैसे करता है मदद जानने के लिए पढ़े यह आर्टिकल।
Vitamin D Supplement Ke Nuksan: विटामिन डी का लेवल कम होने पर बहुत से लोग सप्लीमेंट्स लेते हैं। लेकिन, ये गोलियां आपकी हेल्थ के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकती हैं।
सर्दियों में धूप कम रहने के कारण लोगों में इसकी कमी ज्या दा देखने को मिलती है, इसलिए अपने आहार में उन चीजों को जरूर शामिल करें, जिनमें मौजूद होता है विटामिन डी।