विटामिन-डी की कमी से बच्चों को हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां, जानें बचाव के उपाय
Vitamin D Deficiency Diseases In Children: विटामिन-डी की कमी से बच्चों को कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Vitamin D Deficiency Diseases In Children: विटामिन-डी की कमी से बच्चों को कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
What Deficiency Causes Diabetes: शरीर में कुछ विटामिन की कमी से डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से –
फिजिकल हेल्थ के अलावा ब्रेन और मेंटल हेल्थ पर भी विटामिन डी की कमी का बुरा असर पड़ता है।
महिलाओं के शरीर में विटामिन डी की कमी कई बीमारियों का कारण बन सकती है। पढ़ें महिलाओं के लिए विटामिन डी की अहमियत और फायदे।
विटामिन डी की कमी से हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तो होती ही हैं साथ ही साथ लोगों की स्किन पर बुढ़ापे के निशान जल्दी दिखायी देने लगते हैं।
एक नयी स्टडी के अनुसार, कोविड संक्रमण की चपेट में आने से पहले पीड़ित व्यक्ति के शरीर में विटामिन डी का स्तर पर संक्रमण की गंभीरता काफी हद तक निर्भर करती है।
हाल ही में प्रेगनेंट महिलाओं से जुड़ी एक स्टडी में यह भी दावा किया गया कि, विटामिन डी भ्रूण के आईक्यू लेवल (IQ) यानि बुद्धिमता बढ़ाने का भी काम करता है। (Vitamin D in Pregnancy and kids IQ)
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि जिस गति से दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं, उस हिसाब से कोरोना वायरस की वैक्सीन आने तक दुनियाभर में 20 लाख लोगों की मौत हो सकती है। इसकी एक वजह विटामिन डी की कमी भी है। (Vitamin D Deficiency and Covid-19 Deaths)
विटामिन डी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद और आवश्यक होता है। विटामिन डी ना सिर्फ शरीर में कैल्शियम के अवशोषण (absorption) में मदद करता है, बल्कि संपूर्ण चयापचय (Metabolic), मांसपेशियों, न्यूरोलॉजिकल, हार्ट और रोग प्रतिरोधक क्षमता की कार्य प्रणाली को भी प्रभावित करता है। शरीर में विटामिन डी की कमी होने से सेहत को गंभीर रूप से नुकसान हो सकते हैं।
यूरोपिय देशों में कोविड से होने वाली मौतों के साथ विटामिन डी की कमी को भी जोड़कर देखा जा रहा है। कैम्ब्रिज के एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार ऐसे देश जहां के लोगों में विटामिन डी का स्तर कम था, वहां कोविड-19 की वजह से ज़्यादा लोगों की मृत्यु हुई।
विभिन्न स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि अधिक वजन वाले लोगों (Obesity Side Effects) के शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है। दरअसल एक्सपर्ट्स के अनुसार शरीर में फैट की मात्रा जितनी अधिक होती है, रक्त में विटामिन डी घुलने में उतना समय लगता है।
छोटे बच्चों को दौड़ने-भागने से पैरों में दर्द हो सकता है, किसी दिन क्षमता से अधिक चलने के कारण बड़ों को भी पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है। पर अगर यह लगातार होने लगा है तो इसकी वजह कुछ पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है।
कुछ लोगों को कई दिनों तक बदन दर्द होता रहता है। कई बार लोगों को इसकी वजह भी नहीं पता होती। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो हो सकता है कि आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम हो। कुछ ऐसी ही समस्याओं के बारे में हम लिख रहे हैं यहां, जो आपको दे सकती हैं गम्भीर बदन दर्द की समस्या।
विटामिन-डी की कमी को 'सनशाइन विटामिन' के रूप में भी जाना जाता है. इसे हृदय रोग, कैंसर, मल्टीपल स्केलेरोसिस और टाइप 1 मधुमेह के खतरे से जोड़ा जाता है. विटामिन डी इन प्रेगनेंसी, शरीर में उत्पादित विटामिन-डी का लगभग 95 प्रतिशत धूप से आता है. शेष पांच प्रतिशत अंडे, वसा वाली मछली, फिश लिवर ऑयल, दूध, पनीर, दही और अनाज जैसे खाद्य पदार्थो से मिलता है.
इनडोर एक्टिविटी और व्यस्तता बढ़ जाने के कारण अब बहुत कम लोग ऐसे हैं जिनमे विटामिन डी की कमी न हो। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेना सेहत के लिए कितना फायदेमंद है।
भारत की 70 प्रतिशत महिलाएं विटामिन डी की कमी (Vitamin D Deficiency in Women) से परेशान हैं. इसकी मुख्य वजह उनकी जीवनशैली और पहनावा को एक्सपर्ट्स मानते हैं.
आयुर्वेद, एलोपैथी और अन्य वैकल्पिक चिकित्साओं में भी विटामिन डी को शरीर के लिए बहुत जरूरी विटामिन माना गया है। यह मनुष्य को सीधा सूर्य की किरणों और कुछ अन्य तत्वों से मिलता है। अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए तो कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
दुनिया भर की तरह भारत में भी ज्यादातर लोगों में इस महत्वपूर्ण विटामिन, विटामिन डी की कमी पाई जाती है। आधुनिक जीवन शैली के बाद से विटामिन डी की कमी में और इजाफा हुआ है।
Vitamin D Deficiency Diseases In Children: विटामिन-डी की कमी से बच्चों को कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
What Deficiency Causes Diabetes: शरीर में कुछ विटामिन की कमी से डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से –
फिजिकल हेल्थ के अलावा ब्रेन और मेंटल हेल्थ पर भी विटामिन डी की कमी का बुरा असर पड़ता है।
विटामिन डी की कमी से हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तो होती ही हैं साथ ही साथ लोगों की स्किन पर बुढ़ापे के निशान जल्दी दिखायी देने लगते हैं।
एक नयी स्टडी के अनुसार, कोविड संक्रमण की चपेट में आने से पहले पीड़ित व्यक्ति के शरीर में विटामिन डी का स्तर पर संक्रमण की गंभीरता काफी हद तक निर्भर करती है।
हाल ही में प्रेगनेंट महिलाओं से जुड़ी एक स्टडी में यह भी दावा किया गया कि, विटामिन डी भ्रूण के आईक्यू लेवल (IQ) यानि बुद्धिमता बढ़ाने का भी काम करता है। (Vitamin D in Pregnancy and kids IQ)
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि जिस गति से दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं, उस हिसाब से कोरोना वायरस की वैक्सीन आने तक दुनियाभर में 20 लाख लोगों की मौत हो सकती है। इसकी एक वजह विटामिन डी की कमी भी है। (Vitamin D Deficiency and Covid-19 Deaths)
विटामिन डी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद और आवश्यक होता है। विटामिन डी ना सिर्फ शरीर में कैल्शियम के अवशोषण (absorption) में मदद करता है, बल्कि संपूर्ण चयापचय (Metabolic), मांसपेशियों, न्यूरोलॉजिकल, हार्ट और रोग प्रतिरोधक क्षमता की कार्य प्रणाली को भी प्रभावित करता है। शरीर में विटामिन डी की कमी होने से सेहत को गंभीर रूप से नुकसान हो सकते हैं।
यूरोपिय देशों में कोविड से होने वाली मौतों के साथ विटामिन डी की कमी को भी जोड़कर देखा जा रहा है। कैम्ब्रिज के एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार ऐसे देश जहां के लोगों में विटामिन डी का स्तर कम था, वहां कोविड-19 की वजह से ज़्यादा लोगों की मृत्यु हुई।
विभिन्न स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि अधिक वजन वाले लोगों (Obesity Side Effects) के शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है। दरअसल एक्सपर्ट्स के अनुसार शरीर में फैट की मात्रा जितनी अधिक होती है, रक्त में विटामिन डी घुलने में उतना समय लगता है।
छोटे बच्चों को दौड़ने-भागने से पैरों में दर्द हो सकता है, किसी दिन क्षमता से अधिक चलने के कारण बड़ों को भी पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है। पर अगर यह लगातार होने लगा है तो इसकी वजह कुछ पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है।
कुछ लोगों को कई दिनों तक बदन दर्द होता रहता है। कई बार लोगों को इसकी वजह भी नहीं पता होती। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो हो सकता है कि आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम हो। कुछ ऐसी ही समस्याओं के बारे में हम लिख रहे हैं यहां, जो आपको दे सकती हैं गम्भीर बदन दर्द की समस्या।
विटामिन-डी की कमी को 'सनशाइन विटामिन' के रूप में भी जाना जाता है. इसे हृदय रोग, कैंसर, मल्टीपल स्केलेरोसिस और टाइप 1 मधुमेह के खतरे से जोड़ा जाता है. विटामिन डी इन प्रेगनेंसी, शरीर में उत्पादित विटामिन-डी का लगभग 95 प्रतिशत धूप से आता है. शेष पांच प्रतिशत अंडे, वसा वाली मछली, फिश लिवर ऑयल, दूध, पनीर, दही और अनाज जैसे खाद्य पदार्थो से मिलता है.
इनडोर एक्टिविटी और व्यस्तता बढ़ जाने के कारण अब बहुत कम लोग ऐसे हैं जिनमे विटामिन डी की कमी न हो। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेना सेहत के लिए कितना फायदेमंद है।
भारत की 70 प्रतिशत महिलाएं विटामिन डी की कमी (Vitamin D Deficiency in Women) से परेशान हैं. इसकी मुख्य वजह उनकी जीवनशैली और पहनावा को एक्सपर्ट्स मानते हैं.
आयुर्वेद, एलोपैथी और अन्य वैकल्पिक चिकित्साओं में भी विटामिन डी को शरीर के लिए बहुत जरूरी विटामिन माना गया है। यह मनुष्य को सीधा सूर्य की किरणों और कुछ अन्य तत्वों से मिलता है। अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए तो कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
दुनिया भर की तरह भारत में भी ज्यादातर लोगों में इस महत्वपूर्ण विटामिन, विटामिन डी की कमी पाई जाती है। आधुनिक जीवन शैली के बाद से विटामिन डी की कमी में और इजाफा हुआ है।
महिलाओं के शरीर में विटामिन डी की कमी कई बीमारियों का कारण बन सकती है। पढ़ें महिलाओं के लिए विटामिन डी की अहमियत और फायदे।