बदलते मौसम में होने वाली खांसी और ज़ुकाम से बचने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय
फरवरी की शुरुआत में बदलता मौसम सर्दी-खांसी और फ्लू को बढ़ा रहा है। लेकिन ये आम जुकाम है या कुछ ज्यादा गंभीर? जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके!
फरवरी की शुरुआत में बदलता मौसम सर्दी-खांसी और फ्लू को बढ़ा रहा है। लेकिन ये आम जुकाम है या कुछ ज्यादा गंभीर? जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके!
आई फ्लू की बीमारी अभी भी थमने नाम नहीं ले रही. हजारों की संख्या में लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं. यह संक्रमण वैसे तो मैक्सिमम तीन से 7 दिन तक चलता है मगर आजकल 10-10 दिन में भी पूरी तरह ठीक नहीं हो पा रहा है. दवाइयों और सभी घरेलू नुस्खों के बावजूद भी लोगो की आंखों में लाली के साथ कंजक्टिवाइटिस के लक्षण बने हुए हैं.
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, आंकड़ों से यह संकेत मिलते हैं कि कोरोना के अति -संक्रामक स्ट्रेन की उत्पत्ति से पहले इस वायरस की मृत्यु दर लगभग 0.2 प्रतिशत ही थी। (Covid-19 virus could be less deadly than Flu )
कोविड संक्रमण की तीसरी लहर का बच्चों पर अधिक प्रभाव पड़ने की आंशका जतायी गयी है। वहीं, इस आशंका के बीच भारी तादाद में बच्चे वायरल फ्लू से संक्रमित हो रहे हैं। (Viral Fever In Karnataka )
आमतौर पर फ्लू के लक्षण सप्ताह भर के समय में ठीक हो जाते हैं। लेकिन, कभी- कभी ये लक्षण 10 दिनों से अधिक समय तक रह सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर से सम्पर्क करें और सही समय पर इसका उपचार शुरु किया जा सकता है। कोविड-19 संक्रमण और फ्लू के लक्षण भी एक जैसे ही होते हैं। इसीलिए, कॉमन फ्लू की समस्या को गम्भीरता से लेना आवश्यक है।
बरसात के मौसम में फ्लू की समस्या काफी आम है। इस बरसात में कोरोना वायरस की वजह से फ्लू होने पर सावधान रहने की ज़्यादा ज़रूरत है। क्योंकि, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक फ्लू कोविड-19 इंफेक्शन का एक प्रमुख लक्षण (Symptoms of Common Flu) हो सकता है। ऐसे में खुद को फ्लू से बचाने और फ्लू होने पर जल्द से जल्द ठीक होने के लिए आप घरेलू स्तर पर ये उपाय कर सकते हैं।
फ्लू कोविड-19 इंफेक्शन का एक शुरूआती और प्रमुख लक्षण है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने वायरल बुखार और फ्लू से बचाव के लिए कुछ विशेष घरेलू नुस्खों की सलाह दी है। जानें उन घरेलू उपायों के बारे में यहां-
लॉन्ग पेपर या पिपली एक्जॉटिक डिशेज़ से लेकर आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खों में भी इसे इस्तेमाल किया जाता है। पेट से जुड़ी बड़ी समस्याओं जैसे कॉन्स्टिपेशन और इनडायजेशन से आराम दिलाती है पिपली। इस मसाले के फायदे और नुकसान जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल।
जब फ्लू या बुखार छोटे बच्चों को हो तब, यह तरीका काम नहीं आता। क्योंकि, बच्चों के शरीर की कार्य प्रणालियां कमज़ोर होने की वजह से उनके लिए विशेष दवाइयों की ज़रूरत पड़ती है। ऐसे में कुछ घरेलू और आज़माए हुए नुस्खों को हम ट्राई कर सकते हैं।
मौसम बदलते ही होने वाले वायरल फीवर से निपटने के लिए कुछ नैचुरल तरीकों को भी इस्तेमाल किया जाता है। ये नुस्खे दर्द, बुखार, अरूचि और सिर दर्द जैसी परेशानियां होने पर राहत दिलाने का काम करते हैं, जो कि वायरल फीवर के दौरान दिखायी देने वाले आम लक्षण हैं।
इस सुहावने मौसम में आपको लग सकता है कि अब खुद का ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत नहीं है और जो चाहें वह खा सकते हैं।
सर्दी-जुकाम में आप सभी तरह के फल खा सकते हैं। संतरा, नीबू और मौसमी जैसी खट्टे फल इस समस्या को दूर करने में सहायक होते हैं
लेकिन कुछ आसान-बातों का ध्यान रखकर इन मौसमी समस्याओं से आप खुद को बचा सकते हैं।
हाल ही में एक वायरल संक्रमण 'लासा बुखार' ने समूचे नाइजीरिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया था। बहुत से लोगों को इस संक्रमण से जान गंवानी पड़ी थी।
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, आंकड़ों से यह संकेत मिलते हैं कि कोरोना के अति -संक्रामक स्ट्रेन की उत्पत्ति से पहले इस वायरस की मृत्यु दर लगभग 0.2 प्रतिशत ही थी। (Covid-19 virus could be less deadly than Flu )
कोविड संक्रमण की तीसरी लहर का बच्चों पर अधिक प्रभाव पड़ने की आंशका जतायी गयी है। वहीं, इस आशंका के बीच भारी तादाद में बच्चे वायरल फ्लू से संक्रमित हो रहे हैं। (Viral Fever In Karnataka )
आमतौर पर फ्लू के लक्षण सप्ताह भर के समय में ठीक हो जाते हैं। लेकिन, कभी- कभी ये लक्षण 10 दिनों से अधिक समय तक रह सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर से सम्पर्क करें और सही समय पर इसका उपचार शुरु किया जा सकता है। कोविड-19 संक्रमण और फ्लू के लक्षण भी एक जैसे ही होते हैं। इसीलिए, कॉमन फ्लू की समस्या को गम्भीरता से लेना आवश्यक है।
बरसात के मौसम में फ्लू की समस्या काफी आम है। इस बरसात में कोरोना वायरस की वजह से फ्लू होने पर सावधान रहने की ज़्यादा ज़रूरत है। क्योंकि, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक फ्लू कोविड-19 इंफेक्शन का एक प्रमुख लक्षण (Symptoms of Common Flu) हो सकता है। ऐसे में खुद को फ्लू से बचाने और फ्लू होने पर जल्द से जल्द ठीक होने के लिए आप घरेलू स्तर पर ये उपाय कर सकते हैं।
फ्लू कोविड-19 इंफेक्शन का एक शुरूआती और प्रमुख लक्षण है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने वायरल बुखार और फ्लू से बचाव के लिए कुछ विशेष घरेलू नुस्खों की सलाह दी है। जानें उन घरेलू उपायों के बारे में यहां-
लॉन्ग पेपर या पिपली एक्जॉटिक डिशेज़ से लेकर आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खों में भी इसे इस्तेमाल किया जाता है। पेट से जुड़ी बड़ी समस्याओं जैसे कॉन्स्टिपेशन और इनडायजेशन से आराम दिलाती है पिपली। इस मसाले के फायदे और नुकसान जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल।
जब फ्लू या बुखार छोटे बच्चों को हो तब, यह तरीका काम नहीं आता। क्योंकि, बच्चों के शरीर की कार्य प्रणालियां कमज़ोर होने की वजह से उनके लिए विशेष दवाइयों की ज़रूरत पड़ती है। ऐसे में कुछ घरेलू और आज़माए हुए नुस्खों को हम ट्राई कर सकते हैं।
मौसम बदलते ही होने वाले वायरल फीवर से निपटने के लिए कुछ नैचुरल तरीकों को भी इस्तेमाल किया जाता है। ये नुस्खे दर्द, बुखार, अरूचि और सिर दर्द जैसी परेशानियां होने पर राहत दिलाने का काम करते हैं, जो कि वायरल फीवर के दौरान दिखायी देने वाले आम लक्षण हैं।
इस सुहावने मौसम में आपको लग सकता है कि अब खुद का ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत नहीं है और जो चाहें वह खा सकते हैं।
सर्दी-जुकाम में आप सभी तरह के फल खा सकते हैं। संतरा, नीबू और मौसमी जैसी खट्टे फल इस समस्या को दूर करने में सहायक होते हैं
लेकिन कुछ आसान-बातों का ध्यान रखकर इन मौसमी समस्याओं से आप खुद को बचा सकते हैं।
हाल ही में एक वायरल संक्रमण 'लासा बुखार' ने समूचे नाइजीरिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया था। बहुत से लोगों को इस संक्रमण से जान गंवानी पड़ी थी।
फरवरी की शुरुआत में बदलता मौसम सर्दी-खांसी और फ्लू को बढ़ा रहा है। लेकिन ये आम जुकाम है या कुछ ज्यादा गंभीर? जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके!
आई फ्लू की बीमारी अभी भी थमने नाम नहीं ले रही. हजारों की संख्या में लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं. यह संक्रमण वैसे तो मैक्सिमम तीन से 7 दिन तक चलता है मगर आजकल 10-10 दिन में भी पूरी तरह ठीक नहीं हो पा रहा है. दवाइयों और सभी घरेलू नुस्खों के बावजूद भी लोगो की आंखों में लाली के साथ कंजक्टिवाइटिस के लक्षण बने हुए हैं.