वैक्सीन लगे लोगों को ओमिक्रॉन संक्रमण के दौरान नहीं हुई गंभीर समस्या: शोध
विश्लेषण से पता चला है कि ओमिक्रॉन के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों मे अधिकतर को टीका लग चुका था और इसी वजह से उनमें कोविड संबंधी स्वास्थ्य जटिलताएं कम पाई गई थी।
विश्लेषण से पता चला है कि ओमिक्रॉन के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों मे अधिकतर को टीका लग चुका था और इसी वजह से उनमें कोविड संबंधी स्वास्थ्य जटिलताएं कम पाई गई थी।
यह एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी है इसलिए इससे अधिक स्पष्ट नतीजे नहीं निकाले जा सकते हैं। इस स्टडी में कुछ खामियां भी पाई जा सकती हैं।
हाल ही में हुए एक शोध में ये पाया गया कि कोविड वैक्सीन, नैचुरल रूप से होने वाले इंफेक्शन की तुलना में ज्यादा एंटीबॉडी पैदा कर सकती है। जानिए क्या है पूरी स्टडी।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने जानकारी दी कि 15-18 आयु वर्ग के एक करोड़ से अधिक युवाओं को अब तक कोरोना की दोनों डोज लग चुकी है।
पिछले महीने 15 से 18 आयु वर्ग के किशोरों के लिए शुरू हुए वैक्सीनेशन अभियान में अब तक 65 प्रतिशत किशोरों को कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है।
एसबीआई की एक नयी रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि देश में कोविड-19 वैक्सीन ने कोरोना की थर्ड वेव के दौरान 28 दिसंबर, 2021 से 31 जनवरी, 2022 के दौरान 90 हजार से अधिक मौतों को रोकने में मदद की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,"इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए हमारे साथी नागरिकों को बधाई। उन सभी पर गर्व है जो हमारे टीकाकरण अभियान को सफल बना रहे हैं। (Covid Vaccination In India Update )
मंडाविया ने कहा,"ज्यादातर राज्यों में सक्रिय मामलों और संक्रमण दर में पिछले दो हफ्तों में गिरावट देखी गई है, फिर भी हमें सतर्क रहने की जरूरत है और अपने सुरक्षा उपायों को कम नहीं करना चाहिए।"
बता दें कि भारत में भी कई एक्सपर्ट्स द्वारा इस बात का खंडन किया जा जा चुका है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन लेने से फर्टिलिटी या पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं नहीं आतीं। वही, इस स्टडी में भी यही बात दोहरायी गयी है। (Covid Vaccination And Periods )
बीएचयू के मुताबिक अध्ययन में पाया गया कि प्रोटोकॉल के अनुसार टीकाकरण कराने वाले व्यक्तियों में संक्रमण के अत्यधिक दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।
एक नए अध्ययन में इस बात का सबूत मिला है कि कोविड वैक्सीनेशन और बेबी कंसीव करने की संभावना के बीच कोई संबंध नहीं है।
डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कोरोनावायरस के संक्रमण और वैक्सीनेशन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई सवालों के जवाब दिए।
कुछ पेरेंट्स के मन में बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर कई डर, सवाल हैं जैसे वैक्सीन के साइड एफेक्ट्स क्या होंगे आदि। इन सभी सवालों का जवाब हमें एक बातचीत के दौरान दिया एसएल रहेजा हॉस्पिटल, माहिम-ए फोर्टिस एसोसिएट (मुंबई) की कंसलटेंट नियोनैटोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिशियन डॉ. अस्मिता महाजन ने।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड इकोनामिक फोरम में कोरोना के खिलाफ किए गए भारत के कार्यों की सराहना करते हुए कहा संकट की घड़ी मानवता के हित में काम करना सिखाती है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, 12 से 14 साल के बच्चों को वैक्सीनेशन देने का काम फरवरी के अंत या फिर मार्च की शुरुआत में प्रारंभ होगा। जानिए अब तक कितने बच्चों को लगी वैक्सीन।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीमार पड़ने और उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद शिशुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि शिशुओं को 12 जनवरी को रूबेला वैक्सीन जैब्स दिए गए थे।
देश में पिछले साल 16 जनवरी को ही वैक्सीनेशन प्रोग्राम की शुरुआत हुई थी, जानें अब तक कितने लोगों को लगाई जा चुकी है वैक्सीनेशन।
मंत्रालय के अनुसार, प्रति दिन औसतन 3.57 लाख की खपत के साथ, यह लाभार्थियों को टीके का उपयोग करने के लिए 30 दिनों से अधिक समय तक बनाए रखेगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, तीसरी खुराक या बूस्टर डोज वही वैक्सीन होगी जो लोगों को उनकी पहली और दूसरी खुराक के लिए मिली है। इसमें कोई मिक्स एंड मैच नहीं होगा।
अगर आप अस्थमा पेशेंट हैं तो आपको कोविड-19 से अधिक सतर्क रहने की जरूरत है ऐसी स्थिति में क्या क्या सावधानी बरतनी चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए यहां हम आपको बता रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि, यह उपलब्धि भारत के आर्थिक निर्भरता का प्रतीक है। आंकड़ों के मामलों में या एक बड़ी संख्या है यह दुनिया के अधिकांश बड़े देशों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं है.
इस वीडियो में Dr. पियुषु चंदेल, मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली, हमे बताएंगे बच्चों के बूस्टर शॉट्स को लेकर सारी ज़रूरी बातें. वो यह भी बताएंगे की बूस्टर शॉट बच्चों के लिए सेफ है या नही. वीडियो देखिए
कोविन पोर्टल के अनुसार, रात 8 बजे तक 40,02,782 किशोरों का टीकाकरण किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट किया, "सुप्रभात युवा भारत! टीकाकरण अभियान के पहले दिन रात 8 बजे तक 15 से 18 के बीच 40 लाख से अधिक लोगों ने कोविड-19 वैक्सीन की अपनी पहली खुराक प्राप्त की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक वैक्सीन के दोनों डोज का प्रभाव 6 महीनों के बाद अपने आप ही खत्म होना शुरू हो जाता है। इसलिए तीसरी डोज इस प्रकार म्युटेट होने वाले वेरिएंट से सुरक्षा प्रदान करवा सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,"इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए हमारे साथी नागरिकों को बधाई। उन सभी पर गर्व है जो हमारे टीकाकरण अभियान को सफल बना रहे हैं। (Covid Vaccination In India Update )
मंडाविया ने कहा,"ज्यादातर राज्यों में सक्रिय मामलों और संक्रमण दर में पिछले दो हफ्तों में गिरावट देखी गई है, फिर भी हमें सतर्क रहने की जरूरत है और अपने सुरक्षा उपायों को कम नहीं करना चाहिए।"
बता दें कि भारत में भी कई एक्सपर्ट्स द्वारा इस बात का खंडन किया जा जा चुका है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन लेने से फर्टिलिटी या पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं नहीं आतीं। वही, इस स्टडी में भी यही बात दोहरायी गयी है। (Covid Vaccination And Periods )
बीएचयू के मुताबिक अध्ययन में पाया गया कि प्रोटोकॉल के अनुसार टीकाकरण कराने वाले व्यक्तियों में संक्रमण के अत्यधिक दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।
एक नए अध्ययन में इस बात का सबूत मिला है कि कोविड वैक्सीनेशन और बेबी कंसीव करने की संभावना के बीच कोई संबंध नहीं है।
डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कोरोनावायरस के संक्रमण और वैक्सीनेशन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई सवालों के जवाब दिए।
कुछ पेरेंट्स के मन में बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर कई डर, सवाल हैं जैसे वैक्सीन के साइड एफेक्ट्स क्या होंगे आदि। इन सभी सवालों का जवाब हमें एक बातचीत के दौरान दिया एसएल रहेजा हॉस्पिटल, माहिम-ए फोर्टिस एसोसिएट (मुंबई) की कंसलटेंट नियोनैटोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिशियन डॉ. अस्मिता महाजन ने।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड इकोनामिक फोरम में कोरोना के खिलाफ किए गए भारत के कार्यों की सराहना करते हुए कहा संकट की घड़ी मानवता के हित में काम करना सिखाती है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, 12 से 14 साल के बच्चों को वैक्सीनेशन देने का काम फरवरी के अंत या फिर मार्च की शुरुआत में प्रारंभ होगा। जानिए अब तक कितने बच्चों को लगी वैक्सीन।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीमार पड़ने और उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद शिशुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि शिशुओं को 12 जनवरी को रूबेला वैक्सीन जैब्स दिए गए थे।
देश में पिछले साल 16 जनवरी को ही वैक्सीनेशन प्रोग्राम की शुरुआत हुई थी, जानें अब तक कितने लोगों को लगाई जा चुकी है वैक्सीनेशन।
मंत्रालय के अनुसार, प्रति दिन औसतन 3.57 लाख की खपत के साथ, यह लाभार्थियों को टीके का उपयोग करने के लिए 30 दिनों से अधिक समय तक बनाए रखेगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, तीसरी खुराक या बूस्टर डोज वही वैक्सीन होगी जो लोगों को उनकी पहली और दूसरी खुराक के लिए मिली है। इसमें कोई मिक्स एंड मैच नहीं होगा।
अगर आप अस्थमा पेशेंट हैं तो आपको कोविड-19 से अधिक सतर्क रहने की जरूरत है ऐसी स्थिति में क्या क्या सावधानी बरतनी चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए यहां हम आपको बता रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि, यह उपलब्धि भारत के आर्थिक निर्भरता का प्रतीक है। आंकड़ों के मामलों में या एक बड़ी संख्या है यह दुनिया के अधिकांश बड़े देशों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं है.
कोविन पोर्टल के अनुसार, रात 8 बजे तक 40,02,782 किशोरों का टीकाकरण किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट किया, "सुप्रभात युवा भारत! टीकाकरण अभियान के पहले दिन रात 8 बजे तक 15 से 18 के बीच 40 लाख से अधिक लोगों ने कोविड-19 वैक्सीन की अपनी पहली खुराक प्राप्त की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक वैक्सीन के दोनों डोज का प्रभाव 6 महीनों के बाद अपने आप ही खत्म होना शुरू हो जाता है। इसलिए तीसरी डोज इस प्रकार म्युटेट होने वाले वेरिएंट से सुरक्षा प्रदान करवा सकती है।
Covid Vaccination For Teens: केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि वह 15 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के लिए अलग-अलग वैक्सीनेशन सेंटर, वैक्सीनेशन टीम और अन्य व्यवस्थाएं की जाए।
बिहार के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, अगले साल 3 जनवरी से 15 से 18 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण शुरू होगा। इस टीकाकरण अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे।
Omicron Symptoms: कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके ओमिक्रोन संक्रमित मरीजों में नजर आते हैं ये 5 लक्षण, भूलकर भी ना करें नजरअंदाज....
स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति ने कोविशील्ड या कोवैक्सिन का टीका लगवाया है, तो उसे उसी वैक्सीन का प्रीकॉशनरी या बूस्टर खुराक का टीका भी लगाया जाएगा।
60 वर्ष से अधिक आयु के वे लोग जो बूस्टर डोज लेना चाहते हैं उन्हें इस सर्टिफिकेट को बनवाना बहुत जरूरी है।
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम ने टीकाकरण शिविरों का निरीक्षण करने के बाद कहा कि 15-18 आयु वर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण 3 जनवरी से शुरू होगा।
PM Narendra Modi Address To Nation Today Main Points: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को सम्बोधित किया और ओमीक्रोन से सतर्क रहने का आग्रह किया है.