धूप से बचने के लिए लगाते हैं सनस्क्रीन तो ये तरीका है बेकार, UV किरणों से बचाव के ये तरीके हैं बेहतर
जर्नल कैंसर में हाल ही में प्रकाशित एक स्टडी में कहा गया है कि, सनस्क्रीन स्किन को धूप से उतनी सुरक्षा प्रदान नहीं करता जितना कि इसे माना जाता है।
जर्नल कैंसर में हाल ही में प्रकाशित एक स्टडी में कहा गया है कि, सनस्क्रीन स्किन को धूप से उतनी सुरक्षा प्रदान नहीं करता जितना कि इसे माना जाता है।
Sunlight effect on eyes: धूप सिर्फ आपकी स्किन व बालों को नहीं बल्कि आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इस आर्टिकल में डॉक्टर ने बताया कैसे धूप आपकी आंखों को डैमेज कर रही है और ऐसे में क्या करना चाहिए।
अगर सनबर्न बहुत अधिक हो तो लोगों को त्वचा संबंधी गम्भीर समस्याएं भी हो सकती हैं।
यूवी किरणें न केवल आपकी स्किन को नुकसान पहुंचाती है बल्कि यह आपकी आंखों के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है। इन 7 तरीकों से आप अपनी आंखों को भी सुरक्षित रख सकते है।
जानें यूवी रेज़ कैसे पहुंचाती हैं आपकी त्वचा को नुकसान और क्या हैं उनसे बचाव के उपाय। (World Ozone Day 2021 )
विटामिन बी3 के बारे में शोधकर्ताओं को एक नयी बात पता चली है जो कि, स्किन कैंसर से जुड़ी हुई है। हाल ही में किए गए एक रिसर्च में पचा चला है कि, विटामिन बी 3 (Vitamin B3 ) का एक रूप त्वचा की कोशिकाओं को पराबैंगनी किरणों यानि यूवी रेज़ (UV Rays) के प्रभाव से बचा सकता है। जो कि नॉन-मेलेनोमा कैंसर (Non-melanoma skin Cancer) का रिस्क कम करता है।
Habits for Healthy Eyes: दरअसल, अल्ट्रा-वॉयलेट किरणों के सम्पर्क बहुत अधिक समय तक रहने से, आंखों में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। चूंकि, आंखें काफी संवेदनशील होती हैं और इसीलिए पोलराइज़्ड सनग्लासेस पहनने से उन्हें सुरक्षित रखना आसान हो सकता है। साथ ही कुछ और बातों का भी ख्याल रखा जााना ज़रूरी है। जो, आंखों को हेल्दी रखने में मदद करती हैं।
धूप में बहुत ज्यादा बाहर निकलने से कई तरह की त्वचा से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में किसी अच्छे स्किन केयर का इस्तेमाल करें। इन आसान टिप्स से गर्मियों में रखें अपनी त्वचा को सुरक्षित-
सूर्य के सीधे प्रभाव में आने से स्कीन में मेलेनिन की मात्रा बढ़ जाती है जो कि स्कीन के कलर पर असर डालती है। मेलेनिन वास्तव में सूर्य की हानिकारक अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से त्वचा की रक्षा करता है।
कई लोग खराब गुणवत्ता वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं और इस वजह से भी वे बार बार सनबर्न के शिकार हो जाते हैं।
कुछ एंटीबायोटिक और दवाएं भी इसका कारण होती हैं क्योंकि ये हमारी स्किन को बहुत ज्यादा सेंसिटिव बना देती हैं । इसके साथ ही यह कई तरह एलर्जी को भी जन्म देती हैं ।
त्वचा कैंसर के सबसे घातक रूपों में से एक है मेलेनोमा।
आपको भी है फेक टैनिंग का शौक, तो संभल जाएं। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ऐसे लोगों में त्वचा के कैंसर के होने का खतरा अधिक रहता है।
नॉन-मेलेनोमा त्वचा कैंसर के मुख्य कारकों में से एक सूर्य के अल्ट्रावॉयलेट (पराबैंगनी) विकिरण हैं। यह दुनिया भर में होने वाला आम कैंसर है।
सुबह 10 बजे से लेकर शाम छह बजे के बीच धूप में निकलने से बचने की कोशिश करें।
कभी भी सनबर्न होने के बाद गर्म पानी से ना नहायें इससे स्थिति और बिगड़ जायेगी!
जर्नल कैंसर में हाल ही में प्रकाशित एक स्टडी में कहा गया है कि, सनस्क्रीन स्किन को धूप से उतनी सुरक्षा प्रदान नहीं करता जितना कि इसे माना जाता है।
Sunlight effect on eyes: धूप सिर्फ आपकी स्किन व बालों को नहीं बल्कि आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इस आर्टिकल में डॉक्टर ने बताया कैसे धूप आपकी आंखों को डैमेज कर रही है और ऐसे में क्या करना चाहिए।
अगर सनबर्न बहुत अधिक हो तो लोगों को त्वचा संबंधी गम्भीर समस्याएं भी हो सकती हैं।
यूवी किरणें न केवल आपकी स्किन को नुकसान पहुंचाती है बल्कि यह आपकी आंखों के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है। इन 7 तरीकों से आप अपनी आंखों को भी सुरक्षित रख सकते है।
जानें यूवी रेज़ कैसे पहुंचाती हैं आपकी त्वचा को नुकसान और क्या हैं उनसे बचाव के उपाय। (World Ozone Day 2021 )
विटामिन बी3 के बारे में शोधकर्ताओं को एक नयी बात पता चली है जो कि, स्किन कैंसर से जुड़ी हुई है। हाल ही में किए गए एक रिसर्च में पचा चला है कि, विटामिन बी 3 (Vitamin B3 ) का एक रूप त्वचा की कोशिकाओं को पराबैंगनी किरणों यानि यूवी रेज़ (UV Rays) के प्रभाव से बचा सकता है। जो कि नॉन-मेलेनोमा कैंसर (Non-melanoma skin Cancer) का रिस्क कम करता है।
Habits for Healthy Eyes: दरअसल, अल्ट्रा-वॉयलेट किरणों के सम्पर्क बहुत अधिक समय तक रहने से, आंखों में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। चूंकि, आंखें काफी संवेदनशील होती हैं और इसीलिए पोलराइज़्ड सनग्लासेस पहनने से उन्हें सुरक्षित रखना आसान हो सकता है। साथ ही कुछ और बातों का भी ख्याल रखा जााना ज़रूरी है। जो, आंखों को हेल्दी रखने में मदद करती हैं।
धूप में बहुत ज्यादा बाहर निकलने से कई तरह की त्वचा से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में किसी अच्छे स्किन केयर का इस्तेमाल करें। इन आसान टिप्स से गर्मियों में रखें अपनी त्वचा को सुरक्षित-
कई लोग खराब गुणवत्ता वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं और इस वजह से भी वे बार बार सनबर्न के शिकार हो जाते हैं।
त्वचा कैंसर के सबसे घातक रूपों में से एक है मेलेनोमा।
आपको भी है फेक टैनिंग का शौक, तो संभल जाएं। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ऐसे लोगों में त्वचा के कैंसर के होने का खतरा अधिक रहता है।
नॉन-मेलेनोमा त्वचा कैंसर के मुख्य कारकों में से एक सूर्य के अल्ट्रावॉयलेट (पराबैंगनी) विकिरण हैं। यह दुनिया भर में होने वाला आम कैंसर है।
सुबह 10 बजे से लेकर शाम छह बजे के बीच धूप में निकलने से बचने की कोशिश करें।
सूर्य के सीधे प्रभाव में आने से स्कीन में मेलेनिन की मात्रा बढ़ जाती है जो कि स्कीन के कलर पर असर डालती है। मेलेनिन वास्तव में सूर्य की हानिकारक अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से त्वचा की रक्षा करता है।
कुछ एंटीबायोटिक और दवाएं भी इसका कारण होती हैं क्योंकि ये हमारी स्किन को बहुत ज्यादा सेंसिटिव बना देती हैं । इसके साथ ही यह कई तरह एलर्जी को भी जन्म देती हैं ।
कभी भी सनबर्न होने के बाद गर्म पानी से ना नहायें इससे स्थिति और बिगड़ जायेगी!