गर्भाशय को हेल्दी रखने के लिए महिलाएं रोज करें ये 3 योग, फर्टिलिटी में होगा सुधार
Yoga For Uterus: गर्भाशय को हेल्दी बनाने आप योग का सहारा ले सकती हैं। इससे फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं दूर होंगी।
Yoga For Uterus: गर्भाशय को हेल्दी बनाने आप योग का सहारा ले सकती हैं। इससे फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं दूर होंगी।
Fibroid in uterus: लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं गर्भाशय में फाइब्रॉएड से पीड़ित हैं और डॉक्टर से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिदिन इलाज के लिए आने वाली 10 महिलाओं में से लगभग 2 महिलाएं इसी बीमारी को लेकर आ रही हैं।
यूट्रस में होनेवाली यह सूजन गर्भधारण से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकती है।
Uterus Problem Symptoms: बच्चेदानी महिलाओं के कुछ सबसे जरूरी अंगों में से एक है। इसकी समस्याएं आपकी प्रेगनेंसी और फर्टिलिटी को इफेक्ट कर सकती है।
यूटरस का बाहर आना: नॉर्मल डिलीवरी वाली महिलाओं में 40 की उम्र के बाद बच्चेदानी बाहर आने की समस्या ( Uterine Prolapse) अक्सर देखी जाती है। दरअसल, ये यूटरस की मांसपेशियां ढीली होने के कारण होती है। ऐसे में शरीर में बच्चेदानी बाहर आने के कई लक्षण नजर आते हैं।
बच्चेदानी बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। ये उम्र बढ़ने की वजह से हो सकता है या गंभीर बीमारियों के कारण हो सकता है। आइए जानते हैं इसके लिए कुछ घरेलू उपाय।
ब्रेस्ट कैंसर के बाद महिलाओं में सबसे ज्यादा यूटरस कैंसर (uterine cancer in women) होता है। इस जानलेवा बीमारी से बचना है, तो इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज।
एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि लगभग 70-75 % महिलाओं में यूटरस कैंसर मेनोपॉज के बाद होता है। कुछ शारीरिक लक्षणों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं होता। ये यूटरस कैंसर के भी कारण हो सकते हैं। जानें, यूटरस कैंसर के लक्षणों के बारे में...
चिकित्सकों के अनुसार, "मोटर साइकिल के हैंडिल का हिस्सा महिला की बच्चादानी, मूत्रथैली और छोटी आंत के करीब पहुंच गया था। इससे उसे काफी रक्तस्राव भी हुआ था।"
भारत में भी इस स्टडी के नतीजे प्रासंगिक हैं। यहां विभिन्न वजहों से महिलाओं में बच्चेदानी हटवाने वाली सर्जरी बढ़ी है। साल 2016 का नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे कहता है कि हिस्टेरेक्टॉमी कराने वाली महिलाओं की संख्या तेजी से ऊपर गई है, जिनकी उम्र 15 से 49 साल के बीच है।
भारत में स्तन कैंसर महिलाओं की मौत का प्रमुख कारण बना हुआ है, लेकिन अब इसके कारण महिलाओं में गर्भाशय कैंसर के मामले भी बढ़ रहे हैं।
आपने असुरक्षित यौन संबंध बनाया है और अगले 72 घंटों में गर्भनिरोधक दवा लेना भूल गई हैं, तो घर पर प्रेग्नेंसी टेस्ट जरूर करें क्योंकि गर्भावस्था के कुछ शुरुआती लक्षण तकरीबन माहवारी के लक्षणों जैसे ही होते हैं।
एक्यूपंचर दूर करे इंफर्टिलिटी प्रॉब्लम, बढ़ाए प्रेगनेंसी की संभावनाएं
फाइब्रॉइड गर्भाशय में होने वाला कैंसर रहित ट्यूमर है। इनमें से 99 प्रतिशत मामले नॉनकैंसरस होते हैं।
एक्सपर्ट्स की माने तो जो महिला प्रेगनेंसी के बाद अपने बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं वो उनकी तुलना में ज्यादा स्वस्थ्य रहती हैं जो ब्रेस्टफीडिंग नहीं कराती हैं।
कुछ महिलाएं सामान्य से अधिक नींद लेती हैं, यह भी ओवेरियन कैंसर का एक प्रारंभिक लक्षण हो सकता है।
ब्रिटेन में पता चला और पंचकूला में इलाज हुआ ।
भले ही यह डरावना लगता है, लेकिन डाइलेशन (Dilation) एंड क्युरेटिज (Curettage) बड़े फायदों वाली एक मामूली सर्जिकल प्रक्रिया है।