खाने-पीने की आदतों से तुरंत चल सकता है आपकी खराब मेंटल हेल्थ का पता, जानें इटिंग डिसॉर्डर्स से जुड़े अन्य Facts
कुछ लोग जो बार-बार या जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं या बहुत अधिक मात्रा में खाना खाते हैं उन्हें इटिंग डिसॉर्डर की समस्या हो सकती है।
कुछ लोग जो बार-बार या जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं या बहुत अधिक मात्रा में खाना खाते हैं उन्हें इटिंग डिसॉर्डर की समस्या हो सकती है।
एक नयी स्टडी की मानें तो इस तरह से चीट मील खाने से लोगों में इटिंग डिसॉर्टर्स का रिस्क बढ़ सकता है।
ईटिंग डिसऑर्डर में एक व्यक्ति अपनी नॉर्मल डाइट से बहुत ज्यादा या बहुत कम खाता है। यह बीमारी पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होती है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि पुरुष इससे अछूते हैं। ईटिंग डिसऑर्डर तीन तरह का होता है- एनोरेक्सिया नर्वोसा, बुलीमिया नर्वोसा और बिन्ज ईटिंग डिसऑर्डर।
कुछ लोग जो बार-बार या जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं या बहुत अधिक मात्रा में खाना खाते हैं उन्हें इटिंग डिसॉर्डर की समस्या हो सकती है।
एक नयी स्टडी की मानें तो इस तरह से चीट मील खाने से लोगों में इटिंग डिसॉर्टर्स का रिस्क बढ़ सकता है।
ईटिंग डिसऑर्डर में एक व्यक्ति अपनी नॉर्मल डाइट से बहुत ज्यादा या बहुत कम खाता है। यह बीमारी पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होती है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि पुरुष इससे अछूते हैं। ईटिंग डिसऑर्डर तीन तरह का होता है- एनोरेक्सिया नर्वोसा, बुलीमिया नर्वोसा और बिन्ज ईटिंग डिसऑर्डर।