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टीबी को इस तरह समाप्‍त करेंगे उत्‍तर प्रदेश के मंत्री, जानें क्‍या है भारत का संकल्‍प

टीबी को इस तरह समाप्‍त करेंगे उत्‍तर प्रदेश के मंत्री, जानें क्‍या है भारत का संकल्‍प

भारत ने 2025 तक टीबी को पूरी तरह से समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार की ओर से वृहत स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में बुधवार को उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने एक नई पहल की घोषणा की।

भारत में टीबी की समस्या क्यों है ज्यादा गंभीर

भारत में टीबी की समस्या क्यों है ज्यादा गंभीर

भारत दुनिया में सबसे अधिक टीबी मरीजों का देश है यह कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि दुनिया के 27 प्रतिशत मरीज भारत में हैं। भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य यह है कि 2025 तक टीबी से मुक्ति मिल जायेगी। वर्तमान समय में देखें तो जो मामले प्रकाश में हैं उनके हिसाब से भारत मं टीबी के करीब 28 लाख लोग शिका हैं। वर्ष 2017 के आंकड़े के अनुसार भारत में लगभग 4 लाख लोगों की मौत टीबी से हुयी थी। 

Tuberculosis : जानें टीबी को क्‍यों कहा जाता है 'साइलेंट किलर'

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2030 तक टीबी (Tuberculosis) को दुनिया से समाप्त कर देने का लक्ष्य रखा है। पर हालत अभी तक ये है कि हर साल भारत में ही इससे (Tuberculosis) 28 लाख लोग पीडि़त होते हैं। जिनमे से चार लाख से ज्यादा की मौत हो जाती है।

भारत में लाखों महिलाएं नहीं कराती हैं टीबी का उपचार, इसके प्रति जागरूक करने के लिए आईएमए ने चलाया राष्ट्रव्यापी अभियान

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आईएमए भारत सरकार के साथ घनिष्ठतापूर्वक मिलकर काम कर रहा है और देश भर के मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए श्रृंखलाबद्ध टीबी प्रोग्राम्स आयोजित कर रहा है, ताकि भारत में सभी डॉक्टर्स द्वारा टीबी को अधिसूचित किया जाना सुनिश्चित किया जा सके।

संभव है टीबी का इलाज, पर उपचार को पूरा न करना टीबी उन्मूलन में है एक बड़ी समस्या

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भारत में टीबी के 56 फीसदी से अधिक मरीज इलाज के लिए निजी चिकित्सकों के पास पहुंचते हैं, जो इन मामलों को दर्ज नहीं कराना चाहते। इन डॉक्टर्स को संवेदनशील बनाने और सलाह-मशवरा देने के लिए राष्ट्रीय अभियान चलाया जा रहा है। इससे 2025 तक टीबी उन्मूलन और नियन्त्रण के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।

टीबी दिवस विशेष: उत्तर प्रदेश में टीबी के मरीज की संख्या क्यों है अधिक

टीबी दिवस विशेष: उत्तर प्रदेश में टीबी के मरीज की संख्या क्यों है अधिक

उत्तर प्रदेश में 4 लाख 20 हजार टीबी के मरीज इसकी गवाही दे रहे हैं। हालात यह है कि इनमें 15 हजार गंभीर रूप से बीमार हैं। इन्हें मल्टी ड्रग रेजिडेंट (एमडीआर) ने अपनी चपेट में ले रखा है। इतना ही नहीं देश के टीबी मरीजों के 20 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हैं। एमडीआर के मरीजों को बचाने की सबसे ज्यादा चुनौती है। स्टेट टीबी अफसर डॉ. संतोष गुप्ता ने भी इसकी पुष्टि की है।

टीबी को इस तरह समाप्‍त करेंगे उत्‍तर प्रदेश के मंत्री, जानें क्‍या है भारत का संकल्‍प

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भारत ने 2025 तक टीबी को पूरी तरह से समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार की ओर से वृहत स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में बुधवार को उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने एक नई पहल की घोषणा की।

भारत में टीबी की समस्या क्यों है ज्यादा गंभीर

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भारत दुनिया में सबसे अधिक टीबी मरीजों का देश है यह कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि दुनिया के 27 प्रतिशत मरीज भारत में हैं। भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य यह है कि 2025 तक टीबी से मुक्ति मिल जायेगी। वर्तमान समय में देखें तो जो मामले प्रकाश में हैं उनके हिसाब से भारत मं टीबी के करीब 28 लाख लोग शिका हैं। वर्ष 2017 के आंकड़े के अनुसार भारत में लगभग 4 लाख लोगों की मौत टीबी से हुयी थी। 

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आईएमए भारत सरकार के साथ घनिष्ठतापूर्वक मिलकर काम कर रहा है और देश भर के मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए श्रृंखलाबद्ध टीबी प्रोग्राम्स आयोजित कर रहा है, ताकि भारत में सभी डॉक्टर्स द्वारा टीबी को अधिसूचित किया जाना सुनिश्चित किया जा सके।

संभव है टीबी का इलाज, पर उपचार को पूरा न करना टीबी उन्मूलन में है एक बड़ी समस्या

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भारत में टीबी के 56 फीसदी से अधिक मरीज इलाज के लिए निजी चिकित्सकों के पास पहुंचते हैं, जो इन मामलों को दर्ज नहीं कराना चाहते। इन डॉक्टर्स को संवेदनशील बनाने और सलाह-मशवरा देने के लिए राष्ट्रीय अभियान चलाया जा रहा है। इससे 2025 तक टीबी उन्मूलन और नियन्त्रण के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।

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उत्तर प्रदेश में 4 लाख 20 हजार टीबी के मरीज इसकी गवाही दे रहे हैं। हालात यह है कि इनमें 15 हजार गंभीर रूप से बीमार हैं। इन्हें मल्टी ड्रग रेजिडेंट (एमडीआर) ने अपनी चपेट में ले रखा है। इतना ही नहीं देश के टीबी मरीजों के 20 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हैं। एमडीआर के मरीजों को बचाने की सबसे ज्यादा चुनौती है। स्टेट टीबी अफसर डॉ. संतोष गुप्ता ने भी इसकी पुष्टि की है।