भारत में रोजाना दर्ज होते हैं थैलेसीमिया के 25-40 मामले, बीमारी के बोझ तले दब रहा है भारत
Thalassemia Ke New Case: भारत दिन ब दिन थैलेसीमिया के मामलों में आगे बढ़ रहा है। रोजाना 25-40 मामले आमा सामान्य नहीं है। ऐसा क्यों हो रहा है, आइए जानते हैं।
Thalassemia Ke New Case: भारत दिन ब दिन थैलेसीमिया के मामलों में आगे बढ़ रहा है। रोजाना 25-40 मामले आमा सामान्य नहीं है। ऐसा क्यों हो रहा है, आइए जानते हैं।
थैलेसीमिया एक ब्लड डिसऑर्डर है, जो जेनेटिक होता है। यानी यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में आती है। आइए, जानते हैं इस बीमारी से जुड़े तमाम सवालों के जवाब-
Thalassemia in Children: थैलेसीमिया बच्चों में होने वाली एक बेहद गंभीर बीमारी है, जिसका जितना जल्दी हो सके इलाज शुरू करना बेहद जरूरी होता है। इस लेख में जानें बच्चों में थैलेसीमिया के लक्षण क्या हैं और पेरेंट्स क्या करें।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 7 से 10 हजार ऐसे बच्चों का जन्म होता है जिन्हें अनुवांशिक थैलीसीमिया की बीमारी होती है।
World Thalassemia Day 2024: थैलेसीमिया के मरीजों को अपनी डाइट पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है। आइए, जानते हैं थैलेसीमिया में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
थैलेसीमिया के लक्षण की बात करें तो इसमें खून की कमी हो जाना, थकान महसूस होना, कमजोरी होना, बच्चे की बॉडी ग्रोथ रुक जाना या थम जाना, भूख लगना बंद हो जाना शामिल है।
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थैलेसीमिया एक ब्लड डिसऑर्डर है, जो जेनेटिक होता है। यानी यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में आती है। आइए, जानते हैं इस बीमारी से जुड़े तमाम सवालों के जवाब-
Thalassemia in Children: थैलेसीमिया बच्चों में होने वाली एक बेहद गंभीर बीमारी है, जिसका जितना जल्दी हो सके इलाज शुरू करना बेहद जरूरी होता है। इस लेख में जानें बच्चों में थैलेसीमिया के लक्षण क्या हैं और पेरेंट्स क्या करें।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 7 से 10 हजार ऐसे बच्चों का जन्म होता है जिन्हें अनुवांशिक थैलीसीमिया की बीमारी होती है।
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थैलेसीमिया के लक्षण की बात करें तो इसमें खून की कमी हो जाना, थकान महसूस होना, कमजोरी होना, बच्चे की बॉडी ग्रोथ रुक जाना या थम जाना, भूख लगना बंद हो जाना शामिल है।