अल्कोहल के बिना भी आपका लिवर हो रहा है खराब? जानें कैसे
एक ऐसी बीमारी जो बिना शोर किए शरीर के अंदर बढ़ती जाती है और अक्सर वक्त रहते पकड़ में नहीं आती। अगर समय पर समझदारी न दिखाई जाए, तो इसके असर दूर तक जा सकते हैं।
एक ऐसी बीमारी जो बिना शोर किए शरीर के अंदर बढ़ती जाती है और अक्सर वक्त रहते पकड़ में नहीं आती। अगर समय पर समझदारी न दिखाई जाए, तो इसके असर दूर तक जा सकते हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर इस स्थिति का समय पर इलाज ना किया जाए तो यह बहुत गम्भीर बन सकती हैं और आगे चलकर लिवर डैमेज या लिवर सिरासिस जैसी बीमारियों का रिस्क भी बढ़ सकता है।
नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर (Non-alcoholic fatty liver disease) ऐसी समस्या है जो उन लोगों को होती है जो शराब का सेवन नहीं करते हैं या न के बराबर करते हैं। इस समस्या में लिवर की सेल्स के अंदर फैट जमा हो जाता है, जिससे लिवर खराब होने लगता है।
फैटी लिवर (Fatty Liver Disease) एक गंभीर रोग है। इससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है। यदि आप फैटी लिवर से छुटकारा चाहते हैं और एक हेल्दी लिवर पाना चाहते हैं तो इस डाइट को फॉलो कर सकते हैं।
फैटी लिवर की आयुर्वेदिक दवा (Fatty Liver Ayurvedic Medicine) और उपचार मौजूद है. जब फैटी लिवर की परेशानी होती है तो आयुर्वेदिक उपाचार भी लोग आजमाते हैं. फैटी लिवर के इलाज के लिए आयुर्वेदिक दवा के साथ-साथ आयुर्वेदिक खान-पान का सहारा लिया जाता है.
बेशक, आप एल्कोहल का सेवन नहीं करते हों, फिर भी मोटापा, डायबिटीज और बेतरतीब जीवनशैली नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर का कारण बन सकते हैं।
नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर (Non-alcoholic fatty liver disease) की बीमारी उन लोगों को होती है जो अल्कोहल/शराब का सेवन नहीं करते हैं. इंसान को नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज क्यों होती है अभी इसके कारण के बारे में पता नहीं लगाया जा सका है. नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर का इलाज कोई खास उपलब्ध नहीं है. इसकी वजह से होने वाली परेशानियों का इलाज ही अभी तक डॉक्टर करते हैं.
एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर इस स्थिति का समय पर इलाज ना किया जाए तो यह बहुत गम्भीर बन सकती हैं और आगे चलकर लिवर डैमेज या लिवर सिरासिस जैसी बीमारियों का रिस्क भी बढ़ सकता है।
नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर (Non-alcoholic fatty liver disease) ऐसी समस्या है जो उन लोगों को होती है जो शराब का सेवन नहीं करते हैं या न के बराबर करते हैं। इस समस्या में लिवर की सेल्स के अंदर फैट जमा हो जाता है, जिससे लिवर खराब होने लगता है।
फैटी लिवर की आयुर्वेदिक दवा (Fatty Liver Ayurvedic Medicine) और उपचार मौजूद है. जब फैटी लिवर की परेशानी होती है तो आयुर्वेदिक उपाचार भी लोग आजमाते हैं. फैटी लिवर के इलाज के लिए आयुर्वेदिक दवा के साथ-साथ आयुर्वेदिक खान-पान का सहारा लिया जाता है.
बेशक, आप एल्कोहल का सेवन नहीं करते हों, फिर भी मोटापा, डायबिटीज और बेतरतीब जीवनशैली नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर का कारण बन सकते हैं।
नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर (Non-alcoholic fatty liver disease) की बीमारी उन लोगों को होती है जो अल्कोहल/शराब का सेवन नहीं करते हैं. इंसान को नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज क्यों होती है अभी इसके कारण के बारे में पता नहीं लगाया जा सका है. नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर का इलाज कोई खास उपलब्ध नहीं है. इसकी वजह से होने वाली परेशानियों का इलाज ही अभी तक डॉक्टर करते हैं.
फैटी लिवर (Fatty Liver Disease) एक गंभीर रोग है। इससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है। यदि आप फैटी लिवर से छुटकारा चाहते हैं और एक हेल्दी लिवर पाना चाहते हैं तो इस डाइट को फॉलो कर सकते हैं।
एक ऐसी बीमारी जो बिना शोर किए शरीर के अंदर बढ़ती जाती है और अक्सर वक्त रहते पकड़ में नहीं आती। अगर समय पर समझदारी न दिखाई जाए, तो इसके असर दूर तक जा सकते हैं।