क्या आपका दोस्त करता है सुसाइड करने की बात? सुसाइडल thoughts से अपनों को बाहर निकालने में ऐसे करें उनकी हेल्प
एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 तक भारत में हर साल 1 लाख लोगों ने सुसाइड किया।
एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 तक भारत में हर साल 1 लाख लोगों ने सुसाइड किया।
लोगों के मनन में सुसाइड के ख़याल डिप्रेशन से ही आते है या इसकी और भी वजह है?
World Suicide prevention 2022: पिछले कई सालों में आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ गए हैं। ऐसे में एक्सपर्ट से समझते हैं आत्महत्या का कारण और ऐसे लोगों को रोकने का तरीका।
भारत समेत पूरी दुनिया में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं एनसीआरबी की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पिछले साल डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की है।
आत्महत्या का ख्याल तब आता है जब व्यक्ति बहुत ज्यादा तनाव या डिप्रेशन में होता है, इससे निपटने के 10 उपाय हैं.
जब व्यक्ति आत्महत्या करने के बारे में सोचता है तो उसे मुक्ति पाने का यही एक आखिरी विकल्प दिखता है. किसी की जिंदगी बचाना सबसे बड़ा कर्म होता है. इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स दे रहे हैं जिनसे आप किसी को आत्महत्या करने से रोक सकते हैं.
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस यानि वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन दिवस (World Suicide Prevention Day) के अवसर पर विश्व में बढ़ते सुसाइड के मामलों की ओर ध्यान देने की ज़रूरत की। इस दिन का मकसद यही है कि लोगों को आत्महत्या करने से रोकने और उन्हें खुद को नुकसान पहुंचाने के विचारों से बचने में मदद की जा सके। आइए समझते हैं कि आत्महत्या के विचारों से घिरे व्यक्ति की मदद कैसे की जा सकती है।
'वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे' 10 सितंबर को इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन (IASP) द्वारा आयोजित किया जाता है। इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में बढ़ रहे आत्महत्या के मामलों को कम करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी सुसाइड के मामले काफी बढ़े हैं। आखिर किन कारणों से लोग करते हैं आत्महत्या, क्या हैं इसके संकेत, लक्षण और प्रिवेंटिव टिप्स, जानें सबकुछ...
दुनियार भर में हर 40 सैकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करताक है। आत्महत्या करने वालों में ज्यादातर लोग अवसाद के शिकार होते हैं। आत्महत्या से बचने के लिए जरूरी है अवसाद से बचना।
डब्लूएचओ के अनुसार, प्रत्येक 40 सेकेंड में एक व्यक्ति सुसाइड करता है। आखिर क्या वजह है, जो लोगों को सुसाइड करने की ओर धकेलती है, जानें ''वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे'' पर सबकुछ।
एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 तक भारत में हर साल 1 लाख लोगों ने सुसाइड किया।
भारत समेत पूरी दुनिया में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं एनसीआरबी की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पिछले साल डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की है।
आत्महत्या का ख्याल तब आता है जब व्यक्ति बहुत ज्यादा तनाव या डिप्रेशन में होता है, इससे निपटने के 10 उपाय हैं.
जब व्यक्ति आत्महत्या करने के बारे में सोचता है तो उसे मुक्ति पाने का यही एक आखिरी विकल्प दिखता है. किसी की जिंदगी बचाना सबसे बड़ा कर्म होता है. इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स दे रहे हैं जिनसे आप किसी को आत्महत्या करने से रोक सकते हैं.
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस यानि वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन दिवस (World Suicide Prevention Day) के अवसर पर विश्व में बढ़ते सुसाइड के मामलों की ओर ध्यान देने की ज़रूरत की। इस दिन का मकसद यही है कि लोगों को आत्महत्या करने से रोकने और उन्हें खुद को नुकसान पहुंचाने के विचारों से बचने में मदद की जा सके। आइए समझते हैं कि आत्महत्या के विचारों से घिरे व्यक्ति की मदद कैसे की जा सकती है।
'वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे' 10 सितंबर को इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन (IASP) द्वारा आयोजित किया जाता है। इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में बढ़ रहे आत्महत्या के मामलों को कम करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी सुसाइड के मामले काफी बढ़े हैं। आखिर किन कारणों से लोग करते हैं आत्महत्या, क्या हैं इसके संकेत, लक्षण और प्रिवेंटिव टिप्स, जानें सबकुछ...
दुनियार भर में हर 40 सैकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करताक है। आत्महत्या करने वालों में ज्यादातर लोग अवसाद के शिकार होते हैं। आत्महत्या से बचने के लिए जरूरी है अवसाद से बचना।
डब्लूएचओ के अनुसार, प्रत्येक 40 सेकेंड में एक व्यक्ति सुसाइड करता है। आखिर क्या वजह है, जो लोगों को सुसाइड करने की ओर धकेलती है, जानें ''वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे'' पर सबकुछ।
World Suicide prevention 2022: पिछले कई सालों में आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ गए हैं। ऐसे में एक्सपर्ट से समझते हैं आत्महत्या का कारण और ऐसे लोगों को रोकने का तरीका।
लोगों के मनन में सुसाइड के ख़याल डिप्रेशन से ही आते है या इसकी और भी वजह है?