गर्मियों में हो सकती है आंखों की ये गम्भीर समस्या, शुगर और High BP पेशेंट्स को खतरा सबसे ज्यादा
गर्मियों में आई स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है। आइए जानें आई स्ट्रोक के लक्षणों और इससे बचाव के उपायों के बारे में।
गर्मियों में आई स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है। आइए जानें आई स्ट्रोक के लक्षणों और इससे बचाव के उपायों के बारे में।
भीषण गर्मी और हीटवेव से आई स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जानिए आई स्ट्रोक क्या होता है और गर्मी में कैसे रखें अपनी आंखों को सुरक्षित -
Stroke Warning Signs: स्ट्रोक आने से लगभग एक महीने पहले ही शरीर कुछ खास संकेत देना शुरू कर देता है। आइए, जानते हैं इन संकेतों के बारे में विस्तार से -
दिमाग की नसों में सिकुड़न की वजह से मरीजों के शरीर में कई तरह के संकेत दिख सकते हैं। आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में-
Heat Stroke Ayurvedic Tips: जब आपकी बॉडी का टेंपरेचर कंट्रोल सिस्टम फेल हो जाता है तो आप हीट स्ट्रोक (लू लगना) की चपेट में आ जाते हैं। समय पर इस स्थिति पर ध्यान नहीं देना जानलेवा भी हो सकता है।
Herbs for Heat stroke : हीट स्ट्रोक के खतरों को कम करने के लिए आप कई तरह के आयुर्वेदिक हर्ब्स का प्रयोग कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन हर्ब्स के बारे में-
स्ट्रोक एक ऐसी स्थिति है, जब दिमाग में पर्याप्त मात्रा में खून की सप्लाई नहीं हो पाती है। इससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। स्ट्रोक आने से पहले शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आने लगते हैं। आइए, जानते हैं इनके बारे में -
Brain Stroke Symptoms: आजकल की खराब जीवनशैली के कारण ब्रेन स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ गया है। जानें इसके शुरूआती लक्षण और बचाव के तरीके।
हीट स्ट्रोक एक खतरनाक स्थिति होती है जो तेज धूप में लंबी अवधि तक रहने से होती है। यह स्थिति जानलेवा हो सकती है और इससे बचना बहुत जरूरी है। इसलिए, निम्नलिखित हीट स्ट्रोक से बचने के 5 उपाय हैं:
जैसे ही हीट स्ट्रोक की खबरें सामने आईं मौसम विभाग ने कई राज्यों में ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया है, लेकिन आखिर क्या होता है हीट स्ट्रोक और इससे कैसे बचा जा सकता है, जानिए इस वीडियो में।
लू लगना यानी हीट स्ट्रोक गर्मी के दिनों में होने वाली एक गंभीर समस्या है। इससे खुद को बचाना बहुत जरूरी होता है।
हीट स्ट्रोक या लू लगने के बाद क्या समस्याएं होती हैं या जिस तरह के लक्षण दिखायी देते हैं उनके बारे में जानकारी होने पर हीट स्ट्रोक से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।
हीट स्ट्रोक के मामले अब 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के साथ ही युवाओं में भी देखने को मिल रहे हैं। लेकिन आखिर ये हीट स्ट्रोक है क्या सबसे पहले ये जान लेते हैं।
Stroke Signs : आपको बताते हैं कि कैसे आप ये पता लगा सकते हैं कि आपके दिमाग तक जरूरी पोषक तत्व और ऑक्सीजन के साथ-साथ खून पहुंच रहा है या नहीं।
Eye Stroke : शायद ही लोगों को इस बात की जानकारी हो कि आंखों में भी स्ट्रोक होता है लेकिन आपको जानकर ये अचंभा हो सकता है कि ये स्थिति किसी के साथ भी हो सकती। ऐसे पहचानें लक्षण।
अब, विशेषज्ञों का कहना है कि जब से दिल्ली में शीत लहर और ज्यादा सर्दी शुरू हुई है, शहर और आस-पास की जगहों में हार्ट अटैक, हाई बीपी और ब्रेन स्ट्रोक जैसी सीरियस बीमारी के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
Heart Attack And Stroke Symptoms: आमतौर पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक को लोग एक ही समझ लेते हैं जबकि इन दोनों में काफी असमानताएं हैं.
विश्वव्यापी महामारी के बीच, जहां दुनिया पहले ही कोरोना को हराने में जुटी हुई है, स्वास्थ्य को बिगाड़ने में ठंड का बड़ा हाथ हो सकता है। वहीं दिल्ली एनसीआर में तापमान का स्तर गिरने के साथ बढ़ते प्रदूषण ने कई बीमारियों को बुलावा दिया है। (Stroke Causes And Prevention In Hindi)
Eye Stroke : शायद ही लोगों को इस बात की जानकारी हो कि आंखों में भी स्ट्रोक होता है लेकिन आपको जानकर ये अचंभा हो सकता है कि ये स्थिति किसी के साथ भी हो सकती। ऐसे पहचानें लक्षण।
Heart Attack And Stroke Symptoms: आमतौर पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक को लोग एक ही समझ लेते हैं जबकि इन दोनों में काफी असमानताएं हैं.
विश्वव्यापी महामारी के बीच, जहां दुनिया पहले ही कोरोना को हराने में जुटी हुई है, स्वास्थ्य को बिगाड़ने में ठंड का बड़ा हाथ हो सकता है। वहीं दिल्ली एनसीआर में तापमान का स्तर गिरने के साथ बढ़ते प्रदूषण ने कई बीमारियों को बुलावा दिया है। (Stroke Causes And Prevention In Hindi)
क्या है ब्रेन स्ट्रोक (Brain stroke), इसके कारण, लक्षण और उपचार, जानें यहां...
सर्दियों के दौरान वायु काफी हद तक प्रदूषित रहती है। प्रदूषित वायु के कारण लोगों की छाती और हृदय की स्थिति और भी बिगड़ जाती है।
केवल 10-15 प्रतिशत स्ट्रोक पीड़ित ही पूरी तरह से ठीक हो पाते हैं, 25-30 प्रतिशत में हल्की विकलांगता रह जाती है, 40-50 प्रतिशत को गंभीर नुकसान का सामना करना पड़ता है और शेष 10-15 प्रतिशत लोगों की स्ट्रोक के तुरंत बाद मौत हो जाती है।
दिमाग में ब्लड की कमी या ब्लड के फैलने से स्ट्रोक होता है जो न्यूरोलॉजिकल फंक्शन को प्रभावित करता है।
जानिए स्ट्रोक के खतरे से बचने के लिए ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखना क्यों जरूरी है!