क्यों जरूरी है सोशल मीडिया डिटॉक्स, जानें कब और कैसे करें
Social Media Detox: सोशल मीडिया का घंटों तक यूज करना मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसलिए कुछ-कुछ समय बाद इससे दूरी बनाना बहुत जरूरी है।
Social Media Detox: सोशल मीडिया का घंटों तक यूज करना मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसलिए कुछ-कुछ समय बाद इससे दूरी बनाना बहुत जरूरी है।
Kya Social Media Bas Ek Jhuth Hai: हममें से ज्यादातर लोग दिन की शुरुआत अपने ख्यालों से नहीं, फोन से करते हैं। आंख खुलते ही हाथ सीधे स्क्रीन पर जाता है। रात को भी आखिरी चीज जो हम देखते हैं, वो कोई इंसान नहीं, एक स्क्रीन होती है।
क्या आप भी अपनी सोफे पर लेटे-बैठे, चलते-घूमते और खाते हुए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं? अगर हां और इस आदत को सुधारना चाहते हैं तो आइए डॉक्टर मालिनी से जानते हैं।
Reels Addiction: अगर आपको भी एक के बाद एक रील्स देखने की आदत है, तो आपको बता दें कि ये एडिक्शन सेहत के लिए बहुत ही खतरनाक हो सकता है। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
एक ऐसा नाम जिसने अपने जज़्बे और मुस्कान से लाखों दिलों को जीना सिखाया। उनकी कहानी आज भी उम्मीद और प्रेरणा का अनमोल सबक है, जो मुश्किलों में भी पॉज़िटिव रहने का संदेश देती है।
Social media addiction: आजकल बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया के एक्टिव यूजर्स बन चुके हैं और यहां तक कि कुछ लोग दिन का ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर ही बिताते हैं। ऐसा करना उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है।
एक नये अध्ययन में जिसके अनुसार, सोशल मीडिया से केवल सप्ताहभर की दूरी भी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत बेहतर साबित हो सकती है।
Social Media Effects in Teenagers: किशोरों में सोशल मीडिया का इस्तेमाल पिछले दशक के बाद काफी तेजी से बढ़ा है। यूके में की गई एक स्टडी के अनुसार अधिक सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले किशोर अपने जीवन से खुश नहीं रहते हैं।
एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है स्नैपचैट, फेसबुक या टिकटॉक सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने से अवसाद के लक्षणों में बाद में वृद्धि की अधिक संभावना होती है।
हाल ही में वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा सामने आए इंटर्नल फेसबुक शोध के अनुसार, किम कर्दाशियन, जस्टिन बीबर सहित प्रमुख सोशल मीडिया सेलिब्रिटीज उन मशहूर हस्तियों में शामिल हैं, जिनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स अपनी सेल्फ-इमेज के बारे में अधिक नकारात्मक भावनाओं का अनुभव करते हैं।
आपका हर बात सोशल मीडिया पर शेयर करना आपके बच्चों की जिंदगी और उनकी आईडी के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए आपको हमेशा एक सीमा में ही शेयर करना चाहिए ताकि किसी को नुकसान न पहुंच सकें।
वह अपने साथ के लोगों की तरह सोशल मीडिया के दबाव के आगे नहीं झुकने का विकल्प चुना है। इसके लिए अभिनेत्री ने डिजिटल डिटॉक्स का तरीका चुना है। एक्ट्रेस जितना हो सके गैजेट्स से दूर रहना पसंद करती हैं। (Tanya Maniktala Digital Detox)
अव्यवस्थित डेली रुटीन के कारण व्यक्ति की पर्फोमन्स खराब होती है जिसके चलते उसके स्वभाव में कई तरह के बदलाव आते हैं। जब स्वभाव में बदलाव आता है तो इसका मानसिक स्वास्थ्य पर भी बहुत गहरा असर पड़ता है। जिससे व्यक्ति एंग्जाइटी, स्ट्रेस और अन्य मानसिक रोगों का शिकार होता है।
मनोचिकित्सक (Psychiatrist) साईमेट कहते हैं कि यह समझना जरूरी है कि, यदि कोई खुद को चोट पहुंचा रहा है या काट रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह खुद को खत्म कर देना चाहता है या आत्म-हत्या (Suicide) करना चाहता है।।
जैसा कि पूरी दुनिया लॉकडाउन के माहौल से गुज़र रही है। ऐसे में लोग बहुत सारा समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं। इसीलिए, अगर आप ऐसे में तनाव से बचना चाहते हैं। तो, इन टिप्स को करें फॉलो-
सोशल मीडिया और स्मार्टफोन का किशोर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है. स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के उपयोग से किशोर बच्चे नकारात्मकता के शिकार हो रहे हैं. कुछ बच्चों में सोशल मीडिया की वजह से आत्महत्या जैसे विचार जन्म ले लेते हैं.
जानें, सोशल मीडिया कैसे आपके रिश्ते को कर रहा है बर्बाद...
दुनिया भर के विशेषज्ञों के साथ नियमित परामर्श का आयोजन शुरू किया। इसमें सुसाइड नोट से, ऑनलाइन दुख भरे कंटेट के जोखिस से कैसे निपटें, यह शामिल है।
Social Media Detox: सोशल मीडिया का घंटों तक यूज करना मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसलिए कुछ-कुछ समय बाद इससे दूरी बनाना बहुत जरूरी है।
Kya Social Media Bas Ek Jhuth Hai: हममें से ज्यादातर लोग दिन की शुरुआत अपने ख्यालों से नहीं, फोन से करते हैं। आंख खुलते ही हाथ सीधे स्क्रीन पर जाता है। रात को भी आखिरी चीज जो हम देखते हैं, वो कोई इंसान नहीं, एक स्क्रीन होती है।
क्या आप भी अपनी सोफे पर लेटे-बैठे, चलते-घूमते और खाते हुए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं? अगर हां और इस आदत को सुधारना चाहते हैं तो आइए डॉक्टर मालिनी से जानते हैं।
Reels Addiction: अगर आपको भी एक के बाद एक रील्स देखने की आदत है, तो आपको बता दें कि ये एडिक्शन सेहत के लिए बहुत ही खतरनाक हो सकता है। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Social media addiction: आजकल बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया के एक्टिव यूजर्स बन चुके हैं और यहां तक कि कुछ लोग दिन का ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर ही बिताते हैं। ऐसा करना उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है।
एक नये अध्ययन में जिसके अनुसार, सोशल मीडिया से केवल सप्ताहभर की दूरी भी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत बेहतर साबित हो सकती है।
Social Media Effects in Teenagers: किशोरों में सोशल मीडिया का इस्तेमाल पिछले दशक के बाद काफी तेजी से बढ़ा है। यूके में की गई एक स्टडी के अनुसार अधिक सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले किशोर अपने जीवन से खुश नहीं रहते हैं।
एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है स्नैपचैट, फेसबुक या टिकटॉक सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने से अवसाद के लक्षणों में बाद में वृद्धि की अधिक संभावना होती है।
हाल ही में वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा सामने आए इंटर्नल फेसबुक शोध के अनुसार, किम कर्दाशियन, जस्टिन बीबर सहित प्रमुख सोशल मीडिया सेलिब्रिटीज उन मशहूर हस्तियों में शामिल हैं, जिनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स अपनी सेल्फ-इमेज के बारे में अधिक नकारात्मक भावनाओं का अनुभव करते हैं।
आपका हर बात सोशल मीडिया पर शेयर करना आपके बच्चों की जिंदगी और उनकी आईडी के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए आपको हमेशा एक सीमा में ही शेयर करना चाहिए ताकि किसी को नुकसान न पहुंच सकें।
वह अपने साथ के लोगों की तरह सोशल मीडिया के दबाव के आगे नहीं झुकने का विकल्प चुना है। इसके लिए अभिनेत्री ने डिजिटल डिटॉक्स का तरीका चुना है। एक्ट्रेस जितना हो सके गैजेट्स से दूर रहना पसंद करती हैं। (Tanya Maniktala Digital Detox)
अव्यवस्थित डेली रुटीन के कारण व्यक्ति की पर्फोमन्स खराब होती है जिसके चलते उसके स्वभाव में कई तरह के बदलाव आते हैं। जब स्वभाव में बदलाव आता है तो इसका मानसिक स्वास्थ्य पर भी बहुत गहरा असर पड़ता है। जिससे व्यक्ति एंग्जाइटी, स्ट्रेस और अन्य मानसिक रोगों का शिकार होता है।
मनोचिकित्सक (Psychiatrist) साईमेट कहते हैं कि यह समझना जरूरी है कि, यदि कोई खुद को चोट पहुंचा रहा है या काट रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह खुद को खत्म कर देना चाहता है या आत्म-हत्या (Suicide) करना चाहता है।।
जैसा कि पूरी दुनिया लॉकडाउन के माहौल से गुज़र रही है। ऐसे में लोग बहुत सारा समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं। इसीलिए, अगर आप ऐसे में तनाव से बचना चाहते हैं। तो, इन टिप्स को करें फॉलो-
सोशल मीडिया और स्मार्टफोन का किशोर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है. स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के उपयोग से किशोर बच्चे नकारात्मकता के शिकार हो रहे हैं. कुछ बच्चों में सोशल मीडिया की वजह से आत्महत्या जैसे विचार जन्म ले लेते हैं.
दुनिया भर के विशेषज्ञों के साथ नियमित परामर्श का आयोजन शुरू किया। इसमें सुसाइड नोट से, ऑनलाइन दुख भरे कंटेट के जोखिस से कैसे निपटें, यह शामिल है।
अगर आप तनाव से मुक्त होने के लिए सोशल मीडिया पर जा रहे हैं, तो एक बार दोबारा सोच लीजिए, हो सकता है यहां से आप दोहरा तनाव लेकर लौटें। इससे बचना है तो कुछ टिप्स फॉलो करें।
इस बार 10वां World Social Media Day मनाया जा रहा है. सोशल मीडिया ने ना सिर्फ लोगों को अपनी बात रखने का स्वतंत्र मंच दिया है बल्कि ये सारी भौगोलिक सीमाओं को लांघते हुए दुनिया भर के लोगों को एक दूसरे से जोड़ता है.
जानें, सोशल मीडिया कैसे आपके रिश्ते को कर रहा है बर्बाद...
फेसबुक यूज करने वाले लोगों में तनाव और डिप्रेशन कम होता है. ऐसा एक नये शोध में पाया गया है. अगर आप भी फेसबुक उपयोग करते हैं तो यह आपके लिये अच्छी खबर है.
लड़कियां ये भी देखती हैं कि आप किस तरह के पेज लाइक करते हैं, और किस किस ग्रुप में हैं और सोशल मीडिया पर आपकी भाषा ही आपकी पहचान निश्चित करती है।
सेलेब्रिटी न्यूट्रशनिस्ट रूजुता दीवेकर बता रही हैं 5 नियम जिन्हें फॉलो कर आप अपने बच्चे को स्वस्थ और खुशहाल बना सकते हैं।
साल 2017 में नेल आर्ट की दुनिया में बहुत कुछ क्रिएटिव ट्राई किया गया।
अगली बार प्रोफाइल में डीपी डालने से पहले एक बार यह गैलरी जरूर देख लेना!
क्या आपने सुना है चमकदार वैजाइना केक के बारे में!
एक ऐसा नाम जिसने अपने जज़्बे और मुस्कान से लाखों दिलों को जीना सिखाया। उनकी कहानी आज भी उम्मीद और प्रेरणा का अनमोल सबक है, जो मुश्किलों में भी पॉज़िटिव रहने का संदेश देती है।