How can asthma patients protect themselves from winter smog?
सर्दियों का मौसम आते ही एक और मुसीबत साथ आती है... विंटर स्मॉग! और ये स्मॉग सबसे ज्यादा परेशान करता ...
सर्दियों का मौसम आते ही एक और मुसीबत साथ आती है... विंटर स्मॉग! और ये स्मॉग सबसे ज्यादा परेशान करता ...
बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए सबसे पहले उन्हें बाहर की जहरीली हवा से दूर रखना जरूरी है। जब ...
दिल्ली की हवा फिर से खतरनाक ज़ोन में पहुंच चुकी है। AQI 400 के पार है, और प्रदूषण से होने ...
Air Pollution: सर्दियों से पहले मौसम में भी बदलाव देखा जा रहा है। ऐसे में जहरीली हवा और मौसम का ...
Winter Smog : सर्दियों में खुद को स्मॉग से सुरक्षित रखना बहुत ही जरूरी है, ताकि इस सीजन में होने वाली गंभीर परेशानियों से बचा जा सके। आइए जानते हैं स्मॉग से कैसे रखें खुद को सुरक्षित?
स्मॉग या फिर कोहरा आपके लिए कितना घातक साबित होता है इसका अंदाजा सिर्फ उन लोगों से लगाया जा सकता है, जो इसकी वजह से बीमार हुए हैं। जानें इससे बचने के 7 उपाय।
दिवाली जैसे त्योहारों के बाद स्किन का ख्याल रखने और स्किन को पहले की तरह सॉफ्ट और हेल्दी बनाने के लिए आप इन टिप्स पर अमल कर सकते हैं।
Diwali smog: दिवाली में लोगों का पटाखे जलाना वातावरण को प्रदूषित करता है। इससे स्मॉग बढ़ता है, जो कि सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को ट्रिगर करता है।
Diwali After Effects: दिवाली के दौरान असंतुलित डाइट और पटाखों के कारण प्रदूषित हवा आपकी सेहत बिगाड़ सकती है। कैसे, जानते हैं।
Home Remedies for Smog: प्रदूषण और स्मॉग के बढ़ने के कारण लोगों को कई तरह की शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। बेहतर है कि इनके दुष्प्रभावों से बचे रहने के लिए फॉलो करें ये 3 आसान उपाय....
सर्दी हमें गर्म और पसीने वाले दिनों से राहत देती है, लेकिन यह स्वास्थ्य समस्याओं की भी अधिकता लाती है, खासकर हमारी आंखों के लिए, क्योंकि शांत और ठंडा मौसम हवा में प्रदूषण को भारी बनाता है। और चिंता की बात यह है कि हर साल स्मॉग की गंभीरता राजधानी शहर और आसपास के इलाकों में बढ़ती जा रही है। आश्चर्यजनक रूप से, कई लोगों ने चंद्रमा को इस करवा-चौथ को देखने में असमर्थता की भी शिकायत की, क्योंकि चंद्रमा धुंधले धुएं से ढंका था।
Fog Health Hazards: कोहरा कई बीमारियों का कारण भी बन सकता है।क्योंकि, हवा में सल्फर डायऑक्साइड, नाइट्रोजन डायऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड के अलावा कई तरह के ख़तरनाक केमिकल्स, धूल और और मिट्टी भी होती है। ये सभी तत्व सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं। जिससे, फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां, अस्थमा और सर्दी-ज़ुकाम जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
शनिवार को अधिकतम तापमान औसत से दो डिग्री अधिक 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी ने कहा कि पालम क्षेत्र में सुबह 5.30 बजे दृश्यता 600 मीटर दर्ज की गई थी। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के आंकड़ों के अनुसार, लोधी रोड क्षेत्र में प्रमुख प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 का स्तर 264 और पीएम 10 का स्तर 260 दर्ज किया गया, जिससे एक्यूआई 'खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया।
यह पटाखा आवाज नहीं करता,इसलिए पेरेंट्स बेझिझक बच्चों को यह दिलवा देते हैं। जबकि यह सबसे ज्यादा मात्रा में पीएम 2.5 छोड़ता है।
ग्वालियर में इससे पहले भी पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम उठाए गए हैं, जिसमें बंदूक का लाइसेंस बनवाने के लिए पौधों का रोपण करने और उनकी देखभाल की शर्त लगाई गई है, वहीं क्रेशर संचालकों के लिए भी पौधरोपण अनिवार्य कर दिया गया है। अब मिट्टी के दीये का उपयोग करने को प्रोत्साहित किया जाता है।
डायटीशियन के सुझाये देशी घी व गुड़ से बना ये लड्डू ठंड में आपको स्मॉग व फ्लू से बचाता है
बाल, स्किन के साथ-साथ यह वायु प्रदूषण आपकी आंखें भी खराब कर देती है।
देश के कुछ शहरों में प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ गया है कि वह आम आदमी को ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चों को भी प्रभावित कर रहा है। इससे बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, वायु गुणवत्ता एक नवंबर से और बिगड़ती जाएगी और इस साल दिवाली अधिक प्रदूषित हो सकती है।
मास्क खरीदने और पहनने का भी एक तरीका होता है और यह एक निश्चित तरह के प्रदूषण से बचा पाने में ही सक्षम होता है।
अक्टूबर-नवंबर में बढ़ने वाला स्मॉग और पॉल्यूशन है स्किन का दुश्मन।
वायु प्रदूषण से प्रेगनेंट महिलाओं की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
हवा में प्रदूषण का स्तर यदि अधिक बढ़ा तो इससे गर्भ में पलने वाले बच्चे भी हो सकते हैं प्रभावित।
तमाम रोक के बावजूद नहीं मान रहे पड़ोसी राज्य के किसान।
Winter Smog : सर्दियों में खुद को स्मॉग से सुरक्षित रखना बहुत ही जरूरी है, ताकि इस सीजन में होने वाली गंभीर परेशानियों से बचा जा सके। आइए जानते हैं स्मॉग से कैसे रखें खुद को सुरक्षित?
स्मॉग या फिर कोहरा आपके लिए कितना घातक साबित होता है इसका अंदाजा सिर्फ उन लोगों से लगाया जा सकता है, जो इसकी वजह से बीमार हुए हैं। जानें इससे बचने के 7 उपाय।
Diwali smog: दिवाली में लोगों का पटाखे जलाना वातावरण को प्रदूषित करता है। इससे स्मॉग बढ़ता है, जो कि सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को ट्रिगर करता है।
Home Remedies for Smog: प्रदूषण और स्मॉग के बढ़ने के कारण लोगों को कई तरह की शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। बेहतर है कि इनके दुष्प्रभावों से बचे रहने के लिए फॉलो करें ये 3 आसान उपाय....
सर्दी हमें गर्म और पसीने वाले दिनों से राहत देती है, लेकिन यह स्वास्थ्य समस्याओं की भी अधिकता लाती है, खासकर हमारी आंखों के लिए, क्योंकि शांत और ठंडा मौसम हवा में प्रदूषण को भारी बनाता है। और चिंता की बात यह है कि हर साल स्मॉग की गंभीरता राजधानी शहर और आसपास के इलाकों में बढ़ती जा रही है। आश्चर्यजनक रूप से, कई लोगों ने चंद्रमा को इस करवा-चौथ को देखने में असमर्थता की भी शिकायत की, क्योंकि चंद्रमा धुंधले धुएं से ढंका था।
Fog Health Hazards: कोहरा कई बीमारियों का कारण भी बन सकता है।क्योंकि, हवा में सल्फर डायऑक्साइड, नाइट्रोजन डायऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड के अलावा कई तरह के ख़तरनाक केमिकल्स, धूल और और मिट्टी भी होती है। ये सभी तत्व सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं। जिससे, फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां, अस्थमा और सर्दी-ज़ुकाम जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
शनिवार को अधिकतम तापमान औसत से दो डिग्री अधिक 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी ने कहा कि पालम क्षेत्र में सुबह 5.30 बजे दृश्यता 600 मीटर दर्ज की गई थी। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के आंकड़ों के अनुसार, लोधी रोड क्षेत्र में प्रमुख प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 का स्तर 264 और पीएम 10 का स्तर 260 दर्ज किया गया, जिससे एक्यूआई 'खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया।
यह पटाखा आवाज नहीं करता,इसलिए पेरेंट्स बेझिझक बच्चों को यह दिलवा देते हैं। जबकि यह सबसे ज्यादा मात्रा में पीएम 2.5 छोड़ता है।
ग्वालियर में इससे पहले भी पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम उठाए गए हैं, जिसमें बंदूक का लाइसेंस बनवाने के लिए पौधों का रोपण करने और उनकी देखभाल की शर्त लगाई गई है, वहीं क्रेशर संचालकों के लिए भी पौधरोपण अनिवार्य कर दिया गया है। अब मिट्टी के दीये का उपयोग करने को प्रोत्साहित किया जाता है।
बाल, स्किन के साथ-साथ यह वायु प्रदूषण आपकी आंखें भी खराब कर देती है।
देश के कुछ शहरों में प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ गया है कि वह आम आदमी को ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चों को भी प्रभावित कर रहा है। इससे बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, वायु गुणवत्ता एक नवंबर से और बिगड़ती जाएगी और इस साल दिवाली अधिक प्रदूषित हो सकती है।
मास्क खरीदने और पहनने का भी एक तरीका होता है और यह एक निश्चित तरह के प्रदूषण से बचा पाने में ही सक्षम होता है।
अक्टूबर-नवंबर में बढ़ने वाला स्मॉग और पॉल्यूशन है स्किन का दुश्मन।
वायु प्रदूषण से प्रेगनेंट महिलाओं की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
हवा में प्रदूषण का स्तर यदि अधिक बढ़ा तो इससे गर्भ में पलने वाले बच्चे भी हो सकते हैं प्रभावित।
तमाम रोक के बावजूद नहीं मान रहे पड़ोसी राज्य के किसान।
इतनी सिगरेट दिल्ली निवासी केवल सांस लेकर फूंक रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 11 लाख के आंकड़े के साथ भारत और चीन वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों में शीर्ष पर हैं।
रिपोर्ट में यह सामने आया है कि वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर गंगा के मैदानी इलाके में हैं।
वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से बांझपन, मेटाबॉलिक सिंड्रोम व पॉलीस्टिक ओवरी सिंड्रोम हो सकता है।
बालों को प्रदूषण से बचाने के लिए किस तरह के हर्बल शैंपू का इस्तेमाल करना चाहिए!
विराट कोहली ने ट्वीटर पर किया एक वीडियो शेयर, क्यों सोशल मीडिया में हुआ ये वायरल!
प्रदूषण भरे वातवरण में दमकती त्वचा पाने के लिए एक्सपर्ट के ये टिप्स फॉलो करें!
दिवाली जैसे त्योहारों के बाद स्किन का ख्याल रखने और स्किन को पहले की तरह सॉफ्ट और हेल्दी बनाने के लिए आप इन टिप्स पर अमल कर सकते हैं।
डायटीशियन के सुझाये देशी घी व गुड़ से बना ये लड्डू ठंड में आपको स्मॉग व फ्लू से बचाता है
खतरनाक धुंध (Smog) से बचने के लिए एक तरीका है हेल्दी खाना।
स्मॉग की परेशानी से शरीर पर असर हुआ तो तुरंत किजिये ये इलाज !
जरूरी नहीं है सरकार ही सब कुछ करे, आपका भी तो कुछ फर्ज बनता है!
स्मॉग से समय घर से बाहर निकलते हुए कौन-सा मास्क इस्तेमाल करना चाहिए?
श्वसन प्रणाली को बेहतर बनाने और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए ये योगासन जरूर करें!
Air Pollution: सर्दियों से पहले मौसम में भी बदलाव देखा जा रहा है। ऐसे में जहरीली हवा और मौसम का ...
Diwali After Effects: दिवाली के दौरान असंतुलित डाइट और पटाखों के कारण प्रदूषित हवा आपकी सेहत बिगाड़ सकती है। कैसे, जानते हैं।