
स्क्रीन देखने की वजह से हो रहा है आंखों में दर्द, अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय; मिलेगी राहत
लंबे समय तक स्क्रीन पर देखने के कारण अक्सर लोगों को आंखों में दर्द होता है। लेकिन राहत की बात यह है कि आंखों के दर्द को घरेलू उपायों से मैनेज किया जा सकता है।

लंबे समय तक स्क्रीन पर देखने के कारण अक्सर लोगों को आंखों में दर्द होता है। लेकिन राहत की बात यह है कि आंखों के दर्द को घरेलू उपायों से मैनेज किया जा सकता है।

Smartphone Radiation Effects on Human Body: इस बारे में हर किसी को पता होना चाहिए कि मोबाइल भी रेडिएशन छोड़ता है और उससे आपके स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है इस बारे में हम आपको इस लेख में बताएंगे।

Bachho Ki Youtube Dekhne Ki Aadat Kaise Chhudaye: अगर आपके बच्चे को यूट्यूब देखने की आदत हो गई है तो इन 3 तरीकों से इस खराब आदत को छुड़ाया जा सकता है। साथ ही बच्चों के समय को प्रोडक्टिव भी बनाया जा सकता है।

क्या आपके स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है? जानिए आंखों की सेहत बनाए रखने के जरूरी टिप्स और इससे बचने के आसान उपाय!

माता-पिता शांति से काम करने के लिए अपने बच्चों को स्मार्टफोन दे देते हैं, लेकिन स्मार्टफोन देना सही है या गलत

अमेरिकी राज्य की तरफ से दर्ज किए गए केस में कहा गया है कि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के एडिक्शन से युवाओं में मानसिक समस्याएं बढ़ी हैं।

यदि आपको मोबाइल फोन चलाने की लत गई है तो यह आपकी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे हैं जो आपको मोबाइल फोन की लत से बचा सकते हैं।

अगर आप भी स्मार्ट फोन का ज्यादा प्रयोग करते हैं तो इससे आपको जोड़ों का दर्द देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं इस बारे में।

एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि ऐसे बच्चे, जो बहुत कम उम्र में फोन चलाना शुरू कर देते हैं उन्हें दूसरे बच्चों की तुलना में आगे चलकर मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

Smartphone Habits to Avoid in Kids : बच्चों से मोबाइल की आदत को छुड़ाने के लिए आप कुछ आसान से उपायों का सहारा ले सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में-

एक नयी स्टडी में यह बात सामने आयी है कि स्मार्टफोन का बहुत अधिक समय बितानेवाले लोगों में मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं (Side effects of increasing screen time) में इजाफा हो सकता है।

Right Age to Give Smartphone to kids in hindi : बच्चों को स्मार्टफोन लेकर देना आपका अपना व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन यह निर्णय लेने से पहले आपको कई बातों पर विचार करने की आवश्यकता होती है।

Male Infertility: पुरुषों के स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से बांझपन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वैज्ञानिकों ने अध्ययन में खुलासा किया है।

डिजिटल डिटॉक्स को मानसिक सेहत, तनाव से राहत और सकारात्मक महसूस करने के लिए आवश्यक माना जाता है। आइए जानते हैं क्या है डिजिटल डिटॉक्स के फायदे-

लॉकडाउन की वजह से कई ऐसी बीमारियों के बारे में भी पता चला है, जिससे हम आजतक अनजान थे। इन्हीं बीमारियों में से एक है Smartphone Pinky Syndrome, जो लगातार 5 से 6 घंटे तक फोन चलाने की वजह से हो रहा है। चलिए जानते हैं क्या है स्मार्टफोन पिंकी सिंड्रोम (Smartphone pinky syndrome)-

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अधिकतर लोग ऐसे होते हैं, जो हर घंटे 20 से भी अधिक सेल्फी लेते हैं और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करते रहते हैं। यह एक प्रकार का स्मार्टफोन एडिक्शन है, जिसे 'नोमोफोबिया' कहते हैं।

स्मार्टफोन आज ज़िंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। क्योंकि, यह कई तरह के फीचर्स के साथ आते हैं और हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के काम आसान बनाते हैं। लेकिन, जहां बहुत अधिक फोन का इस्तेमाल लोगों को एडिक्शन का शिकार बनाता है। वहीं, यह मेंटल, फिज़िकल हेल्थ के अलावा स्किन की हेल्थ भी बिगाड़ देता है। जाने, स्मार्ट फोन कैसे पहुंचाता है आपकी त्वचा को नुकसान।

Cardiovascular Health: स्मार्टफोन ऐप रिमाइंडर का उपयोग करने वालों को होता है दिल की बीमारियों का कम खतरा- स्टडीज़

37 हजार यूजर्स पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, मोबाइल डिवाइस और फिजिकल कीबोर्ड्स के बीच टाइपिंग स्पीड में अंतर कम हो रहा है और 10 से 19 साल के बच्चे अपने माता-पिता की पीढ़ी की तुलना में लगभग 10 शब्द-प्रति मिनट तेजी से टाइप कर सकते हैं।

एक शोध के मुताबिक, एक नोट पर लगभग 3,000 अलग-अलग तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं जो हाथों से होते हुए मुंह के जरिए पेट में पहुंच सकते हैं और आपको बीमार कर सकते हैं।

दो घंटे से अधिक टीवी देखने या मोबाइल पर गेम खेलने से बच्चों के बौद्धिक और तार्किक क्षमता पर बुरा असर पड़ता है।

रोज़मर्रा के इस्तेमाल की 4 चीज़ें बढ़ा सकती हैं खुजली की परेशानी !

वैज्ञानिकों ने एक स्मार्टफोन एप्लीकेशन विकसित किया है, जो दिल की धड़कन, सांस फूंलने, थकान आदि लक्षणों का इस्तेमाल कर दिल की धड़कन को मापता है।

41 फीसदी ने स्कूल में कम ग्रेड आने के लिए फोन को जिम्मेदार ठहराया।

लंबे समय तक स्क्रीन पर देखने के कारण अक्सर लोगों को आंखों में दर्द होता है। लेकिन राहत की बात यह है कि आंखों के दर्द को घरेलू उपायों से मैनेज किया जा सकता है।

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अमेरिकी राज्य की तरफ से दर्ज किए गए केस में कहा गया है कि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के एडिक्शन से युवाओं में मानसिक समस्याएं बढ़ी हैं।

यदि आपको मोबाइल फोन चलाने की लत गई है तो यह आपकी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे हैं जो आपको मोबाइल फोन की लत से बचा सकते हैं।

अगर आप भी स्मार्ट फोन का ज्यादा प्रयोग करते हैं तो इससे आपको जोड़ों का दर्द देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं इस बारे में।

एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि ऐसे बच्चे, जो बहुत कम उम्र में फोन चलाना शुरू कर देते हैं उन्हें दूसरे बच्चों की तुलना में आगे चलकर मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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एक नयी स्टडी में यह बात सामने आयी है कि स्मार्टफोन का बहुत अधिक समय बितानेवाले लोगों में मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं (Side effects of increasing screen time) में इजाफा हो सकता है।

Male Infertility: पुरुषों के स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से बांझपन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वैज्ञानिकों ने अध्ययन में खुलासा किया है।

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लॉकडाउन की वजह से कई ऐसी बीमारियों के बारे में भी पता चला है, जिससे हम आजतक अनजान थे। इन्हीं बीमारियों में से एक है Smartphone Pinky Syndrome, जो लगातार 5 से 6 घंटे तक फोन चलाने की वजह से हो रहा है। चलिए जानते हैं क्या है स्मार्टफोन पिंकी सिंड्रोम (Smartphone pinky syndrome)-

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अधिकतर लोग ऐसे होते हैं, जो हर घंटे 20 से भी अधिक सेल्फी लेते हैं और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करते रहते हैं। यह एक प्रकार का स्मार्टफोन एडिक्शन है, जिसे 'नोमोफोबिया' कहते हैं।

स्मार्टफोन आज ज़िंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। क्योंकि, यह कई तरह के फीचर्स के साथ आते हैं और हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के काम आसान बनाते हैं। लेकिन, जहां बहुत अधिक फोन का इस्तेमाल लोगों को एडिक्शन का शिकार बनाता है। वहीं, यह मेंटल, फिज़िकल हेल्थ के अलावा स्किन की हेल्थ भी बिगाड़ देता है। जाने, स्मार्ट फोन कैसे पहुंचाता है आपकी त्वचा को नुकसान।

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37 हजार यूजर्स पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, मोबाइल डिवाइस और फिजिकल कीबोर्ड्स के बीच टाइपिंग स्पीड में अंतर कम हो रहा है और 10 से 19 साल के बच्चे अपने माता-पिता की पीढ़ी की तुलना में लगभग 10 शब्द-प्रति मिनट तेजी से टाइप कर सकते हैं।

एक शोध के मुताबिक, एक नोट पर लगभग 3,000 अलग-अलग तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं जो हाथों से होते हुए मुंह के जरिए पेट में पहुंच सकते हैं और आपको बीमार कर सकते हैं।

दो घंटे से अधिक टीवी देखने या मोबाइल पर गेम खेलने से बच्चों के बौद्धिक और तार्किक क्षमता पर बुरा असर पड़ता है।

रोज़मर्रा के इस्तेमाल की 4 चीज़ें बढ़ा सकती हैं खुजली की परेशानी !

वैज्ञानिकों ने एक स्मार्टफोन एप्लीकेशन विकसित किया है, जो दिल की धड़कन, सांस फूंलने, थकान आदि लक्षणों का इस्तेमाल कर दिल की धड़कन को मापता है।

41 फीसदी ने स्कूल में कम ग्रेड आने के लिए फोन को जिम्मेदार ठहराया।

41 फीसदी किशोरों ने स्कूल में कम ग्रेड आने के लिए फोन को जिम्मेदार ठहराया।

क्या आप भी खाना खाते हुए या टीवी देखते हुए बार-बार अपना मोबाइल या लैपटॉप चेक करते हैं ?

एक अध्ययन के मुताबिक, जो लोग स्मार्टफोन का अधिक उपयोग करते हैं, वे लगातार गतिविधियों के बीच फोन में खो जाते हैं और अपना ध्यान केंद्रित नहीं रख पाते।

Right Age to Give Smartphone to kids in hindi : बच्चों को स्मार्टफोन लेकर देना आपका अपना व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन यह निर्णय लेने से पहले आपको कई बातों पर विचार करने की आवश्यकता होती है।

छोटे बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल पर गेम ना खेलने दें बल्कि उन्हें पार्क में खेलने के लिए भेजें!