हेल्थ एक्सपर्ट्स क्यों चाहते हैं मोबाइल के फ्रंट कैमरे पर लगा दिया जाय बैन
मोबाइल फ्रंट कैमरे का नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव सबसे अधिक दिल्ली के लोगों में पाए गए। उसके बाद मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता के पुरुषों और महिलाओं दोनों में देखे गए।
मोबाइल फ्रंट कैमरे का नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव सबसे अधिक दिल्ली के लोगों में पाए गए। उसके बाद मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता के पुरुषों और महिलाओं दोनों में देखे गए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी सेल्फी पोस्ट करने के बाद लोगों के व्यवहार को देखने वाले पूरे देश में किए गए इस अध्ययन में 60 प्रतिशत पुरुषों और 65 प्रतिशत महिलाओं में एंग्जाइटी में वृद्धि देखी गई।
पिछले दो वर्षो में दुनिया भर में सेल्फी का बुखार बढ़ा है। सेल्फी को दुनिया भर में बड़ी संख्या में मृत्यु दर और महत्वपूर्ण बीमारी से जोड़ा गया है।
मनोवैज्ञानिकों ही नहीं, प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े लोगों के लिए एक चुनौती बन गई है स्नेपचैट डिस्मोर्फिया।
हद से ज्यादा सेल्फी लेने से हो सकती है ''सेल्फी एल्बो'' की बीमारी।
दिग्गज फिल्मकार अदूर गोपालकृष्णन ''सेल्फी'' को बड़ी मुसीबत मानते हैं।
इस अभियान का लक्ष्य कैंसर सर्वाइवरों को सामने आने और उम्मीद की अपनी कहानी बयां करने के लिये प्रेरित करना है
यह स्मार्टफोन एडिक्शन है, जिसे नोमोफोबिया भी कहते हैं। यह एक खतरनाक स्थिति है, जिसे जानने की आवश्यकता है।
Selfie लेने की आपकी आदत आपको खुदगर्ज़ साबित करती है।
अगली बार प्रोफाइल में डीपी डालने से पहले एक बार यह गैलरी जरूर देख लेना!
मोबाइल फ्रंट कैमरे का नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव सबसे अधिक दिल्ली के लोगों में पाए गए। उसके बाद मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता के पुरुषों और महिलाओं दोनों में देखे गए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी सेल्फी पोस्ट करने के बाद लोगों के व्यवहार को देखने वाले पूरे देश में किए गए इस अध्ययन में 60 प्रतिशत पुरुषों और 65 प्रतिशत महिलाओं में एंग्जाइटी में वृद्धि देखी गई।
पिछले दो वर्षो में दुनिया भर में सेल्फी का बुखार बढ़ा है। सेल्फी को दुनिया भर में बड़ी संख्या में मृत्यु दर और महत्वपूर्ण बीमारी से जोड़ा गया है।
मनोवैज्ञानिकों ही नहीं, प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े लोगों के लिए एक चुनौती बन गई है स्नेपचैट डिस्मोर्फिया।
हद से ज्यादा सेल्फी लेने से हो सकती है ''सेल्फी एल्बो'' की बीमारी।
दिग्गज फिल्मकार अदूर गोपालकृष्णन ''सेल्फी'' को बड़ी मुसीबत मानते हैं।
इस अभियान का लक्ष्य कैंसर सर्वाइवरों को सामने आने और उम्मीद की अपनी कहानी बयां करने के लिये प्रेरित करना है
यह स्मार्टफोन एडिक्शन है, जिसे नोमोफोबिया भी कहते हैं। यह एक खतरनाक स्थिति है, जिसे जानने की आवश्यकता है।
Selfie लेने की आपकी आदत आपको खुदगर्ज़ साबित करती है।
अगली बार प्रोफाइल में डीपी डालने से पहले एक बार यह गैलरी जरूर देख लेना!