एक्सरसाइज नहीं करने से क्या होता है? जानिए हड्डियों और मांसपेशियों व्यायाम न करने का असर
Exercise Nahi Karne Ke Nuksan: नियमित एक्सरसाइज करना आपके खुद के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक अच्छा तरीका है। इससे आप अपने स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।
Exercise Nahi Karne Ke Nuksan: नियमित एक्सरसाइज करना आपके खुद के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक अच्छा तरीका है। इससे आप अपने स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।
Sedentary Lifestyle Effects: हाल ही में हुई एक स्टडी में पाया गया कि रोजाना 6 से 8 घंटे बैठने से हृदय रोग और समय से पहले मृत्यु होने का खतरा 12 से 13 प्रतिशत बढ़ जाता है और 8 से ज्यादा घंटे बैठने से यह खतरा 20 प्रतिशत तक ज्यादा हो सकता है।
बैठे-बैठे खाने, स्नैंकिंग और बार-बार चाय-कॉफी पीने से लोगों को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। वहीं, पेट निकलने, मोटापा बढ़ने, डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी समस्याओं में भी इजाफा देखा जा रहा है।
डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर के अलावा हार्ट डिज़िज़ेज़ जैसी गम्भीर बीमारियों की एक प्रमुख वजह अनहेल्दी और सुस्त लाइफस्टाइल ही मानी जाती है।
Sedentary Lifestyle Side Effects: अगर आप भी इस प्रकार की जीवनशैली और आदतों के साथ जीवन जी रहे हैं तो आपके बीमार होने की संभावना बहुत अधिक है।
लगातार बैठे रहने और बिल्कुल भी बाहर ना निकलने से लोगों के लिए लॉकडाउन में हेल्दी लाइफस्टाइल (Healthy Lifestyle) अपनाना थोड़ा मुश्किल हो गया है। ऐसे में स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। हम यहां लिख रहे हैं कुछ हेल्थ टिप्स, जिनकी मदद से आप वर्क फ्रॉम होम के दौरान अपने दिल की सेहत का ख्याल रख सकते हैं।
कुछ समय पहले प्रकाशित एक स्टडी में यह कहा गया कि जो लोग लगातार बैठकर काम करते रहते हैं। उन्हें, दिल की बीमारियों का ख़तरा अधिक होता है। अब, चूंकि लॉक डाउन के दौरान लोग टीवी और कम्प्यूटर के सामने बहुत अधिक वक़्त बिता रहे हैं। ऐसे में, उन्हें अपनी सेहत और खासकर, हार्ट हेल्थ के बारे में ज़रूर सोचना चाहिए।
आज अधिकतर लोगों की लाइफस्टाइल और वर्क कल्चर ऐसा हो गया है, जिसमें देर तक बैठकर काम करना होता है। क्या आप जानते हैं कि बस बैठे रहना और आराम करना आपकी सेहत के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है? इससे शरीर के साथ ही मानसिक सेहत पर भी बुरा असर (Sedentary lifestyle side effects) पड़ता है। जानें, लगातार बैठे रहने से आप किन बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं...
जिंदगी में तमाम तरह के बदलाव और तनाव के चलते खुद का ध्यान देना न भूलें. कुछ ऐसी आदतें हैं जो आपको आसानी से अपने दिमाग और सेहत दोनों को खुश रखने में मदद करती हैं.
एंकाइलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस स्पाइन और पेल्विस का क्रोनिक इन्फ्लेमेशन है। गंभीर मामलों में दर्द और अकड़न बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिसके कारण जोड़ों में विकार आ जाता है। मरीज के लिए चलना-फिरना तक मुश्किल हो जाता है।
नायडु ने कहा, "बेहतर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए सार्वजनिक और निजी भागीदारी एक आदर्श प्रारूप हो सकता है।"
सुस्त जीवन शैली, जंक फूड छोंड़ें और स्वस्थ रहें : उप राष्ट्रपति
एक शोध में यह बात सामने आई है कि एक-चौथाई सोरायसिस मरीज सोरियाटिक अर्थराइटिस से पीड़ित पाए जाते हैं।
दुनिया भर में तीन में से एक महिला पर्याप्त शारीरिक क्रियाकलाप नहीं करती है, जबकि पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा चार में से एक है।
क्या आपको पता है कि उचित शारीरिक गतिविधि के बिना, हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और आसानी से फ्रैक्चर हो सकता है?
दिल के बीमार होने की संभवना को कम करने के लिए ज़रूरी है आप देर तक बैठकर काम न करें बीच-बीच में शरीर को एक्टिव रखने की कोशिश करें।
Exercise Nahi Karne Ke Nuksan: नियमित एक्सरसाइज करना आपके खुद के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक अच्छा तरीका है। इससे आप अपने स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।
Sedentary Lifestyle Effects: हाल ही में हुई एक स्टडी में पाया गया कि रोजाना 6 से 8 घंटे बैठने से हृदय रोग और समय से पहले मृत्यु होने का खतरा 12 से 13 प्रतिशत बढ़ जाता है और 8 से ज्यादा घंटे बैठने से यह खतरा 20 प्रतिशत तक ज्यादा हो सकता है।
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डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर के अलावा हार्ट डिज़िज़ेज़ जैसी गम्भीर बीमारियों की एक प्रमुख वजह अनहेल्दी और सुस्त लाइफस्टाइल ही मानी जाती है।
Sedentary Lifestyle Side Effects: अगर आप भी इस प्रकार की जीवनशैली और आदतों के साथ जीवन जी रहे हैं तो आपके बीमार होने की संभावना बहुत अधिक है।
लगातार बैठे रहने और बिल्कुल भी बाहर ना निकलने से लोगों के लिए लॉकडाउन में हेल्दी लाइफस्टाइल (Healthy Lifestyle) अपनाना थोड़ा मुश्किल हो गया है। ऐसे में स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। हम यहां लिख रहे हैं कुछ हेल्थ टिप्स, जिनकी मदद से आप वर्क फ्रॉम होम के दौरान अपने दिल की सेहत का ख्याल रख सकते हैं।
कुछ समय पहले प्रकाशित एक स्टडी में यह कहा गया कि जो लोग लगातार बैठकर काम करते रहते हैं। उन्हें, दिल की बीमारियों का ख़तरा अधिक होता है। अब, चूंकि लॉक डाउन के दौरान लोग टीवी और कम्प्यूटर के सामने बहुत अधिक वक़्त बिता रहे हैं। ऐसे में, उन्हें अपनी सेहत और खासकर, हार्ट हेल्थ के बारे में ज़रूर सोचना चाहिए।
जिंदगी में तमाम तरह के बदलाव और तनाव के चलते खुद का ध्यान देना न भूलें. कुछ ऐसी आदतें हैं जो आपको आसानी से अपने दिमाग और सेहत दोनों को खुश रखने में मदद करती हैं.
एंकाइलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस स्पाइन और पेल्विस का क्रोनिक इन्फ्लेमेशन है। गंभीर मामलों में दर्द और अकड़न बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिसके कारण जोड़ों में विकार आ जाता है। मरीज के लिए चलना-फिरना तक मुश्किल हो जाता है।
नायडु ने कहा, "बेहतर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए सार्वजनिक और निजी भागीदारी एक आदर्श प्रारूप हो सकता है।"
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एक शोध में यह बात सामने आई है कि एक-चौथाई सोरायसिस मरीज सोरियाटिक अर्थराइटिस से पीड़ित पाए जाते हैं।
दुनिया भर में तीन में से एक महिला पर्याप्त शारीरिक क्रियाकलाप नहीं करती है, जबकि पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा चार में से एक है।
क्या आपको पता है कि उचित शारीरिक गतिविधि के बिना, हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और आसानी से फ्रैक्चर हो सकता है?
दिल के बीमार होने की संभवना को कम करने के लिए ज़रूरी है आप देर तक बैठकर काम न करें बीच-बीच में शरीर को एक्टिव रखने की कोशिश करें।
आज अधिकतर लोगों की लाइफस्टाइल और वर्क कल्चर ऐसा हो गया है, जिसमें देर तक बैठकर काम करना होता है। क्या आप जानते हैं कि बस बैठे रहना और आराम करना आपकी सेहत के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है? इससे शरीर के साथ ही मानसिक सेहत पर भी बुरा असर (Sedentary lifestyle side effects) पड़ता है। जानें, लगातार बैठे रहने से आप किन बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं...