दिवाली 2022: पटाखे जलाते समय अगर जल जाए स्किन तो तुरंत करें ये 5 काम, दर्द और जलन से मिलेगी राहत
दिवाली पर पटाखे जलाए मगर सावधानी से। लेकिन, अगर फिर भी हाथ जल जाए तो घर में रखी इन चीजों से आप अपना घरेलू इलाज कर सकते हैं। कैसे, जानते हैं।
दिवाली पर पटाखे जलाए मगर सावधानी से। लेकिन, अगर फिर भी हाथ जल जाए तो घर में रखी इन चीजों से आप अपना घरेलू इलाज कर सकते हैं। कैसे, जानते हैं।
दिवाली के दिन पटाखे जलाते समय जरा सी भी लापरवाही हुई तो हाथ-पैर जलने का खतरा रहता है। कई बच्चे दौड़-भाग में गिर जाते हैं, जिससे हाथों-पैरों में चोट लग जाती है। ऐसे में दिवाली पर कुछ सेफ्टी टिप्स और फर्स्ट एड के बारे में जान लें, ताकि समय रहते सही उपचार दिया जा सके।
क्योंकि बच्चे अनजान होते हैं इसलिए इस दौरान उन्हें चोट लगना और हाथ जलने की दिक्कत हो सकती है। यदि जली हुई जगह पर तुंरत सही उपचार अपनाया जाए तो किसी बड़े खतरे को टाला जा सकता है। इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं कि यदि फूलझड़ी आदि से बच्चों का हाथ जल जाए तो आपको तुरंत क्या करना चाहिए।
दिवाली के दिन अस्थमा और दिल के मरीजों को क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए जानें यहां…
दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाले धुएं और तेज आवाज से त्वचा, आंख, कान, हार्ट डिजीज, क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस और अस्थमा से पीड़ित लोगों को सबसे ज्यादा खतरा रहता है।
पटाखों से निकलने वाले हानिकारक धुएं गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ उनके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी बहुत खतरनाक साबित हो सकते हैं।
दीपावली पर पटाखों के धुएं से कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें हवा में घुल जाती हैं। ये अस्थमा के मरीजों के फेफड़ों में जाकर एलर्जी करती है, जिससे सीने में जलन, सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न व अस्थमा का अटैक भी हो सकता है।
दिवाली पर पटाखे जलाए मगर सावधानी से। लेकिन, अगर फिर भी हाथ जल जाए तो घर में रखी इन चीजों से आप अपना घरेलू इलाज कर सकते हैं। कैसे, जानते हैं।
दिवाली के दिन पटाखे जलाते समय जरा सी भी लापरवाही हुई तो हाथ-पैर जलने का खतरा रहता है। कई बच्चे दौड़-भाग में गिर जाते हैं, जिससे हाथों-पैरों में चोट लग जाती है। ऐसे में दिवाली पर कुछ सेफ्टी टिप्स और फर्स्ट एड के बारे में जान लें, ताकि समय रहते सही उपचार दिया जा सके।
क्योंकि बच्चे अनजान होते हैं इसलिए इस दौरान उन्हें चोट लगना और हाथ जलने की दिक्कत हो सकती है। यदि जली हुई जगह पर तुंरत सही उपचार अपनाया जाए तो किसी बड़े खतरे को टाला जा सकता है। इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं कि यदि फूलझड़ी आदि से बच्चों का हाथ जल जाए तो आपको तुरंत क्या करना चाहिए।
दिवाली के दिन अस्थमा और दिल के मरीजों को क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए जानें यहां…
दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाले धुएं और तेज आवाज से त्वचा, आंख, कान, हार्ट डिजीज, क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस और अस्थमा से पीड़ित लोगों को सबसे ज्यादा खतरा रहता है।
पटाखों से निकलने वाले हानिकारक धुएं गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ उनके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी बहुत खतरनाक साबित हो सकते हैं।
दीपावली पर पटाखों के धुएं से कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें हवा में घुल जाती हैं। ये अस्थमा के मरीजों के फेफड़ों में जाकर एलर्जी करती है, जिससे सीने में जलन, सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न व अस्थमा का अटैक भी हो सकता है।