इस देश में तेजी से फैल रहा ये मिस्ट्री वायरस, जानें आप कितने खतरे में?
रूस में एक नए वायरस की खबर ने सभी को चिंता में डाल दिया है! तेज़ बुखार और खूनी खांसी जैसे लक्षणों के बावजूद कोविड और फ्लू टेस्ट नेगेटिव आ रहे हैं-आखिर ये कौन सा वायरस है?
रूस में एक नए वायरस की खबर ने सभी को चिंता में डाल दिया है! तेज़ बुखार और खूनी खांसी जैसे लक्षणों के बावजूद कोविड और फ्लू टेस्ट नेगेटिव आ रहे हैं-आखिर ये कौन सा वायरस है?
Cancer Vaccine In Russia: रूस ने कैंसर के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी का दावा किया है। 2025 में लॉन्च होने वाली इस वैक्सीन को लेकर कई सवाल और उम्मीदें हैं। ये वैक्सीन इलाज के तरीकों में बड़ा बदलाव ला सकती है।
Zombie Virus में 13 नए वायरस को जिंदा करने की है ताकत, देखें इस वीडियो में।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि, खोस्ता-2 कोरोना संक्रमित ह्यूमन सेल्स को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। साथ ही कोविड वैक्सीन द्वारा मिलने वाली इम्यूनिटी से भी बच निकल सकता है।
Corona new variant: रूस के एक इंस्टीट्यूट में कई कई रिसर्च में ओमिक्रॉन का एक और नया सब वेरिएंट पाया गया। रिसर्चर के मुताबिक यह नया वेरिएंट BA.4 का उपवंश है और काफी संक्रामक हो सकता है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि उनके देश की स्पुतनिक वी वैक्सीन कोरोना के लिए बने दूसरे सभी टीकों की तुलना में ओमिक्रोन स्ट्रेन पर ज्यादा असरदार लग रही है।
रूस में हुए एक शोध में कहा गया है कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन ओमिक्रोन के खिलाफ जोरदार तरीके से कारगर है और उम्मीद की जा रही है कि इससे रोग की गंभीरता में कमी आएगी, साथ ही हॉस्पिटल में भर्ती होने का जोखिम भी कम होगा।
डॉ रेड्डी की प्रयोगशालाओं में एपीआई और फार्मा सेवाओं के प्रमुख दीपक सपरा का कहना है कि उन्हें भरोसा है कि स्पुतनिक वैक्सीन भारत में (Sputnik V In India) मार्च या अप्रैल महीने तक उपलब्ध हो जाएगी।
रूस अगस्त में एक कोविड-19 वैक्सीन को नियामक मंजूरी देने वाला पहला देश बना था, जब 'स्पुतनिक-वी' वैक्सीन को आधिकारिक तौर पर बड़े पैमाने पर क्लीनिकल ट्रायल के साथ पंजीकृत किया गया था। अब 'एपिवैककोरोना' वैक्सीन विनियामक अनुमोदन प्राप्त करने वाली दूसरी रूसी वैक्सीन बन गई है, जिसे वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है।
दुनियाभर में 50 से अधिक देशों से स्पुतनिक वी वैक्सीन (Sputnik V) की 1.2 अरब से अधिक खुराक के लिए अनुरोध प्राप्त हुए हैं। वैश्विक बाजार के लिए वैक्सीन की आपूर्ति भारत, ब्राजील, चीन, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों में आरडीआईएफ के अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों द्वारा उत्पादित की जाएगी।
रूस ने घोषणा की है कि वह जल्द ही एक और वैक्सीन रजिस्टर कराएगा और लोगों के लिए उसे उपलब्ध कराया जाएगा।
रूस की वैक्सीन स्पुतनिक-वी के ट्रायल के लिए 60 हजार से भी अधिक लोग आए आगे
ईरान और रूस मिलकर इस्लामिक गणराज्य में कोविड-19 वैक्सीन का उत्पादन करेंगे। ईरान-रूस के बीच वैक्सीन के प्रोडक्शन को लेकर कोऑपरेशन की घोषणा शनिवार को मॉस्को में ईरान के राजदूत कजेम जलाली और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के सीईओ किरील दिमित्रिग ने ऑनलाइन मीटिंग में की।
वहीं दूसरी तरफ विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) को लगता है कि वैक्सीन को कठोर सुरक्षा समीक्षा की आवश्यकता थी। वहीं चिकित्सा बिरादरी और वैज्ञानिक अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि क्या कोई वैक्सीन स्थायी रूप से लोगों को कोविड -19 से संक्रमित होने से रोक सकता है या वायरस को खत्म करने या इसका प्रकोप सीमित करने में मदद कर सकता है
रूस ने कोविड-19 के इलाज के लिए अपने वैक्सीन (vaccine) के पहले बैच का उत्पादन शुरू कर दिया है। यह जानकारी उनके स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में दी।
कोरोनावायरस वैक्सीन पंजीकरण को लेकर एक शीर्ष श्वसन चिकित्सक ने रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय की नैतिकता परिषद को छोड़ दिया, जबकि देश ने एक महत्वपूर्ण फेज-3 टेस्ट करने से पहले ही कोरोना वैक्सीन के पंजीकरण के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया।
रूस की स्पूतनिक-वी वैक्सीन को लेकर कई विवाद खड़े हो गए हैं। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस वैक्सीन को लेकर आशंकित हैं। विशेषज्ञों को लग रहा है कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन बनाने में रूस ने बहुत जल्दबाजी दिखाई है, जिसके कारण इसके सुरक्षा और लोगों पर होने वाले इसके प्रभावों पर चिंता जाहिर की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, रूस के उप-प्रधानमंत्री यूरी त्रुतनेव (yuri trutnev) कोरोनावायरस टेस्ट रिपोर्ट में पॉजिटिव बताए गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ द्वारा दी गयी ख़बर के अनुसार, रूस के उप-प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन की यात्रा से पहले, पूर्वी देशों के विदेश दौरे पर जाना था। लेकिन, कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इस यात्रा को रद्द कर दिया गया है।
यह सच है कि रशिया दुनियाभर में ऐसा पहला देश बन गया है जिसने कोरोना का सफल टीका बनाया है। लेकिन दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि इस वैक्सीन को तभी भारत लाया जा सकता है जब इसकी सुरक्षा के हर एंगल से जांच हो जाए। उनका कहना है कि 2 शर्तें है जिनकेदम पर इस वैक्सीन को भारत लाया जा सकता है। पहली है सुरक्षा और दूसरी है कोई साइड इफेक्ट न होना। डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अगर 'Sputnik V' सुरक्षित पाई गई और यह मरीजों को इम्युनिटी देने के साथ ही शरीर में मौजूद वायरस को खत्म करने में सफल होती है तो इसे भारत लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के पास इतनी क्षमता है कि वह उसका मास प्रॉडक्शन कर पाए।
पुतिन ने खुद कहा कि, यह वैक्सीन पूरी तरह से कारगर है। बुधवार सुबह यह ख़बर आयी कि, पुतिन की बेटी को इस कोविड-19 वैक्सीन स्पुटनिक की पहली खुराक दी गयी है। स्वयं राष्ट्रपति ने इस बात का खुलासा किया कि, उनकी दो बेटियों में से एक को यह वैक्सीन दी गयी है।
रूस में बनकर तैयार हुई कोविड-19 की वैक्सीन 1 जनवरी, 2021 से सिविलियन सकुर्लेशन में जाएगी यानी कि इसी दिन से इसकी पहुंच आम लोगों तक कराई जाएगी। हालांकि, रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने कहा कि कोविड-19 की वैक्सीन सबसे पहले चिकित्साकर्मियों और शिक्षकों को दी जाएगी।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को कहा है कि देश ने दुनिया का पहला कोविड -19 वैक्सीन पंजीकृत किया है। टास समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने कहा कि वैक्सीन मंगलवार की सुबह पंजीकृत किया गया। पुतिन को उद्धधृत करते हुए लिखा गया, "जहां तक मुझे पता है आज सुबह दुनिया में पहली बार कोरोनावायरस संक्रमण के खिलाफ एक वैक्सीन रजिस्टर किया गया।" स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने पहले कहा था कि गामालेया नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ऑफ रशियन हेल्थकेयर मिनिस्ट्री द्वारा विकसित वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल खत्म हो गए थे।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि, खोस्ता-2 कोरोना संक्रमित ह्यूमन सेल्स को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। साथ ही कोविड वैक्सीन द्वारा मिलने वाली इम्यूनिटी से भी बच निकल सकता है।
Corona new variant: रूस के एक इंस्टीट्यूट में कई कई रिसर्च में ओमिक्रॉन का एक और नया सब वेरिएंट पाया गया। रिसर्चर के मुताबिक यह नया वेरिएंट BA.4 का उपवंश है और काफी संक्रामक हो सकता है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि उनके देश की स्पुतनिक वी वैक्सीन कोरोना के लिए बने दूसरे सभी टीकों की तुलना में ओमिक्रोन स्ट्रेन पर ज्यादा असरदार लग रही है।
रूस में हुए एक शोध में कहा गया है कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन ओमिक्रोन के खिलाफ जोरदार तरीके से कारगर है और उम्मीद की जा रही है कि इससे रोग की गंभीरता में कमी आएगी, साथ ही हॉस्पिटल में भर्ती होने का जोखिम भी कम होगा।
डॉ रेड्डी की प्रयोगशालाओं में एपीआई और फार्मा सेवाओं के प्रमुख दीपक सपरा का कहना है कि उन्हें भरोसा है कि स्पुतनिक वैक्सीन भारत में (Sputnik V In India) मार्च या अप्रैल महीने तक उपलब्ध हो जाएगी।
रूस अगस्त में एक कोविड-19 वैक्सीन को नियामक मंजूरी देने वाला पहला देश बना था, जब 'स्पुतनिक-वी' वैक्सीन को आधिकारिक तौर पर बड़े पैमाने पर क्लीनिकल ट्रायल के साथ पंजीकृत किया गया था। अब 'एपिवैककोरोना' वैक्सीन विनियामक अनुमोदन प्राप्त करने वाली दूसरी रूसी वैक्सीन बन गई है, जिसे वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है।
दुनियाभर में 50 से अधिक देशों से स्पुतनिक वी वैक्सीन (Sputnik V) की 1.2 अरब से अधिक खुराक के लिए अनुरोध प्राप्त हुए हैं। वैश्विक बाजार के लिए वैक्सीन की आपूर्ति भारत, ब्राजील, चीन, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों में आरडीआईएफ के अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों द्वारा उत्पादित की जाएगी।
रूस ने घोषणा की है कि वह जल्द ही एक और वैक्सीन रजिस्टर कराएगा और लोगों के लिए उसे उपलब्ध कराया जाएगा।
रूस की वैक्सीन स्पुतनिक-वी के ट्रायल के लिए 60 हजार से भी अधिक लोग आए आगे
ईरान और रूस मिलकर इस्लामिक गणराज्य में कोविड-19 वैक्सीन का उत्पादन करेंगे। ईरान-रूस के बीच वैक्सीन के प्रोडक्शन को लेकर कोऑपरेशन की घोषणा शनिवार को मॉस्को में ईरान के राजदूत कजेम जलाली और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के सीईओ किरील दिमित्रिग ने ऑनलाइन मीटिंग में की।
वहीं दूसरी तरफ विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) को लगता है कि वैक्सीन को कठोर सुरक्षा समीक्षा की आवश्यकता थी। वहीं चिकित्सा बिरादरी और वैज्ञानिक अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि क्या कोई वैक्सीन स्थायी रूप से लोगों को कोविड -19 से संक्रमित होने से रोक सकता है या वायरस को खत्म करने या इसका प्रकोप सीमित करने में मदद कर सकता है
रूस ने कोविड-19 के इलाज के लिए अपने वैक्सीन (vaccine) के पहले बैच का उत्पादन शुरू कर दिया है। यह जानकारी उनके स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में दी।
कोरोनावायरस वैक्सीन पंजीकरण को लेकर एक शीर्ष श्वसन चिकित्सक ने रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय की नैतिकता परिषद को छोड़ दिया, जबकि देश ने एक महत्वपूर्ण फेज-3 टेस्ट करने से पहले ही कोरोना वैक्सीन के पंजीकरण के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया।
रूस की स्पूतनिक-वी वैक्सीन को लेकर कई विवाद खड़े हो गए हैं। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस वैक्सीन को लेकर आशंकित हैं। विशेषज्ञों को लग रहा है कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन बनाने में रूस ने बहुत जल्दबाजी दिखाई है, जिसके कारण इसके सुरक्षा और लोगों पर होने वाले इसके प्रभावों पर चिंता जाहिर की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, रूस के उप-प्रधानमंत्री यूरी त्रुतनेव (yuri trutnev) कोरोनावायरस टेस्ट रिपोर्ट में पॉजिटिव बताए गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ द्वारा दी गयी ख़बर के अनुसार, रूस के उप-प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन की यात्रा से पहले, पूर्वी देशों के विदेश दौरे पर जाना था। लेकिन, कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इस यात्रा को रद्द कर दिया गया है।
यह सच है कि रशिया दुनियाभर में ऐसा पहला देश बन गया है जिसने कोरोना का सफल टीका बनाया है। लेकिन दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि इस वैक्सीन को तभी भारत लाया जा सकता है जब इसकी सुरक्षा के हर एंगल से जांच हो जाए। उनका कहना है कि 2 शर्तें है जिनकेदम पर इस वैक्सीन को भारत लाया जा सकता है। पहली है सुरक्षा और दूसरी है कोई साइड इफेक्ट न होना। डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अगर 'Sputnik V' सुरक्षित पाई गई और यह मरीजों को इम्युनिटी देने के साथ ही शरीर में मौजूद वायरस को खत्म करने में सफल होती है तो इसे भारत लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के पास इतनी क्षमता है कि वह उसका मास प्रॉडक्शन कर पाए।
पुतिन ने खुद कहा कि, यह वैक्सीन पूरी तरह से कारगर है। बुधवार सुबह यह ख़बर आयी कि, पुतिन की बेटी को इस कोविड-19 वैक्सीन स्पुटनिक की पहली खुराक दी गयी है। स्वयं राष्ट्रपति ने इस बात का खुलासा किया कि, उनकी दो बेटियों में से एक को यह वैक्सीन दी गयी है।
रूस में बनकर तैयार हुई कोविड-19 की वैक्सीन 1 जनवरी, 2021 से सिविलियन सकुर्लेशन में जाएगी यानी कि इसी दिन से इसकी पहुंच आम लोगों तक कराई जाएगी। हालांकि, रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने कहा कि कोविड-19 की वैक्सीन सबसे पहले चिकित्साकर्मियों और शिक्षकों को दी जाएगी।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को कहा है कि देश ने दुनिया का पहला कोविड -19 वैक्सीन पंजीकृत किया है। टास समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने कहा कि वैक्सीन मंगलवार की सुबह पंजीकृत किया गया। पुतिन को उद्धधृत करते हुए लिखा गया, "जहां तक मुझे पता है आज सुबह दुनिया में पहली बार कोरोनावायरस संक्रमण के खिलाफ एक वैक्सीन रजिस्टर किया गया।" स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने पहले कहा था कि गामालेया नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ऑफ रशियन हेल्थकेयर मिनिस्ट्री द्वारा विकसित वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल खत्म हो गए थे।
रूस में एक नए वायरस की खबर ने सभी को चिंता में डाल दिया है! तेज़ बुखार और खूनी खांसी जैसे लक्षणों के बावजूद कोविड और फ्लू टेस्ट नेगेटिव आ रहे हैं-आखिर ये कौन सा वायरस है?
Cancer Vaccine In Russia: रूस ने कैंसर के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी का दावा किया है। 2025 में लॉन्च होने वाली इस वैक्सीन को लेकर कई सवाल और उम्मीदें हैं। ये वैक्सीन इलाज के तरीकों में बड़ा बदलाव ला सकती है।
Zombie Virus में 13 नए वायरस को जिंदा करने की है ताकत, देखें इस वीडियो में।