
बच्चों को बीमार कर सकते हैं चूहे, घर से चूहे भगाने के लिए आजमाएं ये 3 देसी तरीके
चूहे भगाने का आसान तरीका: बारिश के बाद अचानक से घर में चूहे बढ़ गए हैं तो, इनसे सतर्क रहें और छुटकापा पाने के लिए इन तरीकों को अपनाएं।

चूहे भगाने का आसान तरीका: बारिश के बाद अचानक से घर में चूहे बढ़ गए हैं तो, इनसे सतर्क रहें और छुटकापा पाने के लिए इन तरीकों को अपनाएं।

यह वैक्सीन अपने ही देश में भारत बायोटेक द्वारा डिजाइन और विकसित की गई है। रोटा वायरस केकारण भारत में लगभग 8 लाख 72 हजार मरीज अस्पताल में भर्ती होते हैं और रोटा वायरस के कारण ही सालाना 78 हजार मौतें होती हैं।

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) के अनुसार पांच वर्ष से कम उम्र का हर बच्चा कम से कम एक बार रोटावायरस (Rotavirus) का शिकार अवश्य होता है।

गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी मुख्यतः संक्रमण की बीमारी है। गैस्ट्रोएन्टेराइटिस की बीमारी में इंसान डायरिया और अतिसार का शिकार भी हो सकता है। गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी को स्टमक फ्लू के नाम से भी जाना जाता है।

राष्ट्रीय टीकाकरण अधिकारी ए.पी. चतुर्वेदी ने कहा, "सभी नवजात बच्चों को पेंटावैलेंट 1,2,3 टीके की 5 बूंदों की 3 खुराक छठे, 10वें और 14वें सप्ताह पर अवश्य दी जानी चाहिए।"

अगर आप टीके के बाद बच्चे को चुप कराने के लिए फीडिंग कराती हैं, तो एक बार इस पोस्ट को पढ़ लें!

चूहे भगाने का आसान तरीका: बारिश के बाद अचानक से घर में चूहे बढ़ गए हैं तो, इनसे सतर्क रहें और छुटकापा पाने के लिए इन तरीकों को अपनाएं।

यह वैक्सीन अपने ही देश में भारत बायोटेक द्वारा डिजाइन और विकसित की गई है। रोटा वायरस केकारण भारत में लगभग 8 लाख 72 हजार मरीज अस्पताल में भर्ती होते हैं और रोटा वायरस के कारण ही सालाना 78 हजार मौतें होती हैं।

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) के अनुसार पांच वर्ष से कम उम्र का हर बच्चा कम से कम एक बार रोटावायरस (Rotavirus) का शिकार अवश्य होता है।

गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी मुख्यतः संक्रमण की बीमारी है। गैस्ट्रोएन्टेराइटिस की बीमारी में इंसान डायरिया और अतिसार का शिकार भी हो सकता है। गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बीमारी को स्टमक फ्लू के नाम से भी जाना जाता है।

राष्ट्रीय टीकाकरण अधिकारी ए.पी. चतुर्वेदी ने कहा, "सभी नवजात बच्चों को पेंटावैलेंट 1,2,3 टीके की 5 बूंदों की 3 खुराक छठे, 10वें और 14वें सप्ताह पर अवश्य दी जानी चाहिए।"

अगर आप टीके के बाद बच्चे को चुप कराने के लिए फीडिंग कराती हैं, तो एक बार इस पोस्ट को पढ़ लें!