हार्ट अटैक के बाद तेज रिकवरी के लिए फॉलो करें ऐसी डाइट, इन बातों का भी रखें ध्यान
हार्ट को हेल्दी रखने के लिए सही और बैलेंस्ड डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद भी ली जा सकती है।
हार्ट को हेल्दी रखने के लिए सही और बैलेंस्ड डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद भी ली जा सकती है।
कई आदतें होती हैं, जो हार्ट डिजीज होने की संभावनाओं को बढ़ा देती हैं जैसे हद से ज्यादा तंबाकू का सेवन, अनहेल्दी ईटिंग हैबिट्स, शारीरिक रूप से एक्टिव ना रहना, एल्कोहल, सिगरेट का सेवन आदि। यदि आपको हृदय रोगों से बचे रहना है, तो अपनी जीवनशैली को बदलना होगा।
डॉक्टर का कहना है कि कोरोना से रिकवर होने के बाद हृदय संबंधी समस्याएं (Heart problems are increasing after recovering from corona) काफी बढ़ रही हैं. इसलिए समय-समय पर जांच करना बहुत जरूरी है.
स्वीडन में की गयी एक स्टडी के मुताबिक, कोविड संक्रमण से ठीक होने के ठीक बाद के 2 सप्ताह की अवधि में मरीजों को हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना 3 गुना अधिक होती है। (Risk Of Heart Attack After Covid Recovery)
फेद बाल हाई कोरोनरी धमनी रोगों (coronary artery diseases) से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकती है, जो प्लाक बिल्ड-अप द्वारा ट्रिगर होती हैं। इतना ही नहीं, रिसर्च में दावा किया गया है कि यह ऐसी कई बीमारियों का संकेत हो सकती है। आइए जानते हैं क्या कहती है रिसर्च-
वर्क स्ट्रेस से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो हर दिन लगभग 30 मिनट शारीरिक व्यायाम करें।
एक विशेष योग पद्धति 'क्रयोग' यानी ''कार्डियेक रिहैब'' से भी दिल की बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
डॉक्टर का कहना है कि कोरोना से रिकवर होने के बाद हृदय संबंधी समस्याएं (Heart problems are increasing after recovering from corona) काफी बढ़ रही हैं. इसलिए समय-समय पर जांच करना बहुत जरूरी है.
स्वीडन में की गयी एक स्टडी के मुताबिक, कोविड संक्रमण से ठीक होने के ठीक बाद के 2 सप्ताह की अवधि में मरीजों को हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना 3 गुना अधिक होती है। (Risk Of Heart Attack After Covid Recovery)
फेद बाल हाई कोरोनरी धमनी रोगों (coronary artery diseases) से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकती है, जो प्लाक बिल्ड-अप द्वारा ट्रिगर होती हैं। इतना ही नहीं, रिसर्च में दावा किया गया है कि यह ऐसी कई बीमारियों का संकेत हो सकती है। आइए जानते हैं क्या कहती है रिसर्च-
वर्क स्ट्रेस से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो हर दिन लगभग 30 मिनट शारीरिक व्यायाम करें।
एक विशेष योग पद्धति 'क्रयोग' यानी ''कार्डियेक रिहैब'' से भी दिल की बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
हार्ट को हेल्दी रखने के लिए सही और बैलेंस्ड डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद भी ली जा सकती है।
कई आदतें होती हैं, जो हार्ट डिजीज होने की संभावनाओं को बढ़ा देती हैं जैसे हद से ज्यादा तंबाकू का सेवन, अनहेल्दी ईटिंग हैबिट्स, शारीरिक रूप से एक्टिव ना रहना, एल्कोहल, सिगरेट का सेवन आदि। यदि आपको हृदय रोगों से बचे रहना है, तो अपनी जीवनशैली को बदलना होगा।