
रात में काम करने वाले लोगों में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा ज्यादा क्यों है
Night Shift: टाइप 2 डायबिटीज का खतरा उन लोगों में भी काफी बढ़ सकता है, जो लोग नाइट शिफ्ट में काम करते हैं और ऐसा स्टडी में देखा गया है जिसके बारे में हम इस लेख में बात करेंगे।

Night Shift: टाइप 2 डायबिटीज का खतरा उन लोगों में भी काफी बढ़ सकता है, जो लोग नाइट शिफ्ट में काम करते हैं और ऐसा स्टडी में देखा गया है जिसके बारे में हम इस लेख में बात करेंगे।

जहरीली हवा लंग्स को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकती है।

फिलहाल देश में 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। वहीं, आशंका जतायी जा रही है कि आनेवाले कुछ वर्षों में भारत में मधुमेह या डायबिटीज के मरीजों की संख्या और भी बढ़ सकती है।

दुनियाभर में कुल डायबिटीज मरीजों के आंकड़ों की बात की जाए तो इसमें भारत में डायबिटीज पेशेंट्स की संख्या सबसे अधिक है।

नाइट शिफ्ट करने के नुकसान को इसी बात से समझा जा सकता है कि केवल तीन-रातों तक जागने से हेल्थ के लिए खतरा बढ़ सकता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार पीसीओएस होने पर डायबिटीज की बीमारी का रिस्क कई गुना बढ़ जाता है। जानें पीसीओएस में डायबिटीज से बचने के उपाय।

नींद की कमी पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कार्डियो-मेटाबोलिक हेल्थ को अधिक नुकसान पहुंचाती है और इससे उनके स्वास्थ्य पर अधिक प्रभाव पड़ता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ बातों का ध्यान रखकर और डायबिटीज के लक्षणों को मैनेज करने के साथ ही डायबिटीज रिवर्सल की यह प्रक्रिया शुरू हो सकती है

शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर नाइट शिफ्ट करने वाले दिन में खाना खाते हैं और रात में शिफ्ट के दौरान नहीं तो इससे, उनका ब्लड शुगर लेवल कम रह सकता है।

एक नयी स्टडी में कहा गया है कि, सुबह जल्दी जागने वाले लोगों में डायबिटीज की बीमारी का रिस्क बहुत कम होता है। (Tips to prevent diabetes )

ऑस्ट्रेलिया की ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के एक नए रिसर्च में पाया गया है कि कैंसर, क्रोनिक किडनी डिज़िज़, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां , कोविड-19 मौतों (Covid-19 Death Causes) के लिए जिम्मेदार 4 प्रमुख सह-बीमारियां यानि कॉम्बिडिटीज (comorbidities) हैं। (Covid-19 Death Causes)

इस रिसर्च में 2500 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया।

Night Shift: टाइप 2 डायबिटीज का खतरा उन लोगों में भी काफी बढ़ सकता है, जो लोग नाइट शिफ्ट में काम करते हैं और ऐसा स्टडी में देखा गया है जिसके बारे में हम इस लेख में बात करेंगे।

जहरीली हवा लंग्स को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकती है।

फिलहाल देश में 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। वहीं, आशंका जतायी जा रही है कि आनेवाले कुछ वर्षों में भारत में मधुमेह या डायबिटीज के मरीजों की संख्या और भी बढ़ सकती है।

दुनियाभर में कुल डायबिटीज मरीजों के आंकड़ों की बात की जाए तो इसमें भारत में डायबिटीज पेशेंट्स की संख्या सबसे अधिक है।

नाइट शिफ्ट करने के नुकसान को इसी बात से समझा जा सकता है कि केवल तीन-रातों तक जागने से हेल्थ के लिए खतरा बढ़ सकता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार पीसीओएस होने पर डायबिटीज की बीमारी का रिस्क कई गुना बढ़ जाता है। जानें पीसीओएस में डायबिटीज से बचने के उपाय।

नींद की कमी पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कार्डियो-मेटाबोलिक हेल्थ को अधिक नुकसान पहुंचाती है और इससे उनके स्वास्थ्य पर अधिक प्रभाव पड़ता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ बातों का ध्यान रखकर और डायबिटीज के लक्षणों को मैनेज करने के साथ ही डायबिटीज रिवर्सल की यह प्रक्रिया शुरू हो सकती है

शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर नाइट शिफ्ट करने वाले दिन में खाना खाते हैं और रात में शिफ्ट के दौरान नहीं तो इससे, उनका ब्लड शुगर लेवल कम रह सकता है।

एक नयी स्टडी में कहा गया है कि, सुबह जल्दी जागने वाले लोगों में डायबिटीज की बीमारी का रिस्क बहुत कम होता है। (Tips to prevent diabetes )

ऑस्ट्रेलिया की ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के एक नए रिसर्च में पाया गया है कि कैंसर, क्रोनिक किडनी डिज़िज़, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां , कोविड-19 मौतों (Covid-19 Death Causes) के लिए जिम्मेदार 4 प्रमुख सह-बीमारियां यानि कॉम्बिडिटीज (comorbidities) हैं। (Covid-19 Death Causes)

इस रिसर्च में 2500 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया।