पूर्व AIIMS प्रमुख रणदीप गुलेरिया ने दी कोविड जैसी एहतियात बरतने की सलाह, हैंड हाइजिन और मास्क पहनने को बताया जरूरी
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अब समय आ गया है कि लोग कोविड मास्क पहनना और हैंड हाइजिन से जुड़ी आदतों को गम्भीरता से अपनाएं।
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अब समय आ गया है कि लोग कोविड मास्क पहनना और हैंड हाइजिन से जुड़ी आदतों को गम्भीरता से अपनाएं।
एम्स, दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया का कार्यकाल शुक्रवार (23 सितंबर) को समाप्त हो रहा है।
डॉ. गुलेरिया ने यह भी कहा कि, देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर जैसी गम्भीर स्थिति नहीं होगी और ऐसी लहर दोबारा आने की संभावना नहीं है ।उन्होंने कहा भविष्य में देश में संक्रमण की स्थिति पूरी तरह से लोगों के व्यवहार पर ही निर्भर करेगी।
AIIMS प्रमुख ने कहा कि इस बीमारी के लक्षण हल्के हैं लेकिन इसके प्रति लोगों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। (AIIMS director Randeep Guleria on coronavirus cases in India.)
डॉ.गुलेरिया ने कहा कि, मैं सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि पैनिक होकर ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाइयां खरीदने का काम ना करें, यह अनावश्यक तरीके हैं जिनमें समय और पैसे की बर्बादी होती है।
डॉ. गुलेरिया ने कहा इस बात का गहन मूल्याकंन करना होगा कि नये वेरिएंट के खिलाफ कोविड वैक्सीन कितनी असरदार है।
कोरोनावायरस संक्रमण के बीच दिल्ली एनसीआर में फैले स्मॉग और एयर पॉल्यूशन को लेकर दिल्ली के डॉक्टरों ने चिंता व्यक्त की है।
एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को कहा कि कोविड महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और इसलिए लोगों को लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
कोरोनावायरस के खिलाफ जारी अभियान के बीच एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर अब नहीं आएगी।
इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने अनुमान लगाया है कि अगस्त के अंत तक भारत में तीसरी लहर आने की संभावना है और कहा कि यह अपरिहार्य नहीं है।
डॉ. गुलेरिया ने कहा कि, वायरस का खतरा टला नहीं है। यह म्यूटेंट होकर अलग-अलग रूपों में लोगों को संक्रमित कर रहा है। इसीलिए, लापरवाही बरतना खतरे से खाली नहीं। (Delta Plus Variant and Kids)
Covid-19 Third Wave : डॉ रणदीप गुलेरिया ने आगे कहा, "देश और दुनिया के आंकड़ों में देखें तो कहीं भी बच्चों पर गंभीर प्रभाव देखने को नहीं मिले हैं। ऐसे में मुझे ये नहीं लगता कि कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों पर गंभीर असर दिखेगा।"
COVID-19 New Variant Symptoms: अगर आपके शरीर में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, और RT-PCR टेस्ट में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है, तो आपको एम्स के डॉक्टर की सलाह माननी चाहिए।
डॉ. रणदीप गुलेरिया (Dr. Randeep Guleria) ने कहा है कि म्यूकरमाइकोसिस यानि ब्लैक फंगस के बीजाणु हवा, मिट्टी, और भोजन में भी मौजूद होते हैं। हालांकि, ये आमतौर पर कमज़ोर होते हैं और इनसे इंफेक्शन नहीं पनपता। हालांकि, कुछ ग़लतियों के कारण ब्लैक फंगस इंफेक्शन हो सकता है। (Black Fungus Causes in Hindi)
भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने अपनी कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को लेकर लोगों को आगाह करते हुए कहा कि जिन लोगों का इम्युन सिस्टम कमजोर है या फिर जो लोग दवाओं का सेवन कर रहे हैं वो Covaxin का टीका न लगाएं।
कोरोना वैक्सीन (Corons Vaccine) को लेकर लोगों के डर को दूर करते हुए एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया (AIIMS Director Randeep Guleria) ने भरोसा दिया कि वैक्सीन से किसी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होगी, वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है।
प्रधानमंत्री द्वारा सुबह 10.30 बजे कोविड -19 वैक्सीन का शुभारंभ किए जाने के तुरंत बाद 34 वर्षीय एम्स के सफाई कर्मचारी महेश कुमार ने सबसे पहला वैक्सीन डोज लिया, उसके बाद गुलेरिया और पॉल ने भी वैक्सीन लिया।
सार्स सीओवी-2 (SARS-CoV-2) को लेकर एम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया (AIIMS Delhi Director Dr Randeep Guleria) का कहना है कि यह काफी संक्रामक है और बहुत तेजी से फैल सकता है। उनका कहना है कोरोना ने समय समय पर अपना रूप रंग बदला है। इसलिए इससे डरने की जरूरत नहीं है।
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अब समय आ गया है कि लोग कोविड मास्क पहनना और हैंड हाइजिन से जुड़ी आदतों को गम्भीरता से अपनाएं।
एम्स, दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया का कार्यकाल शुक्रवार (23 सितंबर) को समाप्त हो रहा है।
डॉ. गुलेरिया ने यह भी कहा कि, देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर जैसी गम्भीर स्थिति नहीं होगी और ऐसी लहर दोबारा आने की संभावना नहीं है ।उन्होंने कहा भविष्य में देश में संक्रमण की स्थिति पूरी तरह से लोगों के व्यवहार पर ही निर्भर करेगी।
AIIMS प्रमुख ने कहा कि इस बीमारी के लक्षण हल्के हैं लेकिन इसके प्रति लोगों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। (AIIMS director Randeep Guleria on coronavirus cases in India.)
डॉ.गुलेरिया ने कहा कि, मैं सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि पैनिक होकर ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाइयां खरीदने का काम ना करें, यह अनावश्यक तरीके हैं जिनमें समय और पैसे की बर्बादी होती है।
डॉ. गुलेरिया ने कहा इस बात का गहन मूल्याकंन करना होगा कि नये वेरिएंट के खिलाफ कोविड वैक्सीन कितनी असरदार है।
कोरोनावायरस संक्रमण के बीच दिल्ली एनसीआर में फैले स्मॉग और एयर पॉल्यूशन को लेकर दिल्ली के डॉक्टरों ने चिंता व्यक्त की है।
एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को कहा कि कोविड महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और इसलिए लोगों को लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
कोरोनावायरस के खिलाफ जारी अभियान के बीच एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर अब नहीं आएगी।
इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने अनुमान लगाया है कि अगस्त के अंत तक भारत में तीसरी लहर आने की संभावना है और कहा कि यह अपरिहार्य नहीं है।
डॉ. गुलेरिया ने कहा कि, वायरस का खतरा टला नहीं है। यह म्यूटेंट होकर अलग-अलग रूपों में लोगों को संक्रमित कर रहा है। इसीलिए, लापरवाही बरतना खतरे से खाली नहीं। (Delta Plus Variant and Kids)
Covid-19 Third Wave : डॉ रणदीप गुलेरिया ने आगे कहा, "देश और दुनिया के आंकड़ों में देखें तो कहीं भी बच्चों पर गंभीर प्रभाव देखने को नहीं मिले हैं। ऐसे में मुझे ये नहीं लगता कि कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों पर गंभीर असर दिखेगा।"
COVID-19 New Variant Symptoms: अगर आपके शरीर में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, और RT-PCR टेस्ट में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है, तो आपको एम्स के डॉक्टर की सलाह माननी चाहिए।
डॉ. रणदीप गुलेरिया (Dr. Randeep Guleria) ने कहा है कि म्यूकरमाइकोसिस यानि ब्लैक फंगस के बीजाणु हवा, मिट्टी, और भोजन में भी मौजूद होते हैं। हालांकि, ये आमतौर पर कमज़ोर होते हैं और इनसे इंफेक्शन नहीं पनपता। हालांकि, कुछ ग़लतियों के कारण ब्लैक फंगस इंफेक्शन हो सकता है। (Black Fungus Causes in Hindi)
भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने अपनी कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को लेकर लोगों को आगाह करते हुए कहा कि जिन लोगों का इम्युन सिस्टम कमजोर है या फिर जो लोग दवाओं का सेवन कर रहे हैं वो Covaxin का टीका न लगाएं।
कोरोना वैक्सीन (Corons Vaccine) को लेकर लोगों के डर को दूर करते हुए एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया (AIIMS Director Randeep Guleria) ने भरोसा दिया कि वैक्सीन से किसी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होगी, वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है।
प्रधानमंत्री द्वारा सुबह 10.30 बजे कोविड -19 वैक्सीन का शुभारंभ किए जाने के तुरंत बाद 34 वर्षीय एम्स के सफाई कर्मचारी महेश कुमार ने सबसे पहला वैक्सीन डोज लिया, उसके बाद गुलेरिया और पॉल ने भी वैक्सीन लिया।
सार्स सीओवी-2 (SARS-CoV-2) को लेकर एम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया (AIIMS Delhi Director Dr Randeep Guleria) का कहना है कि यह काफी संक्रामक है और बहुत तेजी से फैल सकता है। उनका कहना है कोरोना ने समय समय पर अपना रूप रंग बदला है। इसलिए इससे डरने की जरूरत नहीं है।