क्या कुत्ते का जूठा खाने से भी हो सकता है रेबीज?
रेबीज को लेकर डर तो बहुत है, लेकिन क्या हर रोज़ की छोटी-छोटी बातों से भी उतना ही खतरा होता है? एक आम सा सवाल है, जिस पर लोग घबराते भी हैं और कन्फ्यूज़ भी… सच जानना ज़रूरी है, डरना नहीं।
रेबीज को लेकर डर तो बहुत है, लेकिन क्या हर रोज़ की छोटी-छोटी बातों से भी उतना ही खतरा होता है? एक आम सा सवाल है, जिस पर लोग घबराते भी हैं और कन्फ्यूज़ भी… सच जानना ज़रूरी है, डरना नहीं।
Kabaddi player Brijesh Solanki Death from Rabies: कबड्डी खिलाड़ी बृजेश सोलंकी की कुत्ते के बच्चे को बचाने की कोशिश ने उन्हीं की जान ले ली। कुत्ते का काटना और फिर रेबीज का टीका न लगाना बन गया मौत का कारण।
रेबीज के वायरस सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर प्रभाव डालते हैं जिससे बीमारी के लक्षण उभरने के बाद यह 100 फीसदी जानलेवा बन जाता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार रेबीज वैक्सीनेशन (ARV) की आखिरी डोज देने के 3 दिन बाद ही लड़की की मौत हो गयी।
Rabies Day in India: कुत्ते के काटने से कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ सकता है और रेबीज इनमें से प्रमुख है। आज विश्व रेबीज दिवसके मौके पर जानें क्या है रेबीज और कुत्ते के काटने पर क्या किया जाना चाहिए।
Rabies Day: हर साल आज यानी 28 सितंबर को दुनिया भर में बर्ड रेबीज डे के रूप में मनाया जाता है। इसे सेलिब्रेट करने के पीछे का उद्देश्य इस खतरनाक बीमारी से लोगों को जागरूक करना और इसकी रोकथाम के प्रयास करना है। आइए जानते हैं इसके बारे में..
Kabaddi player Brijesh Solanki Death from Rabies: कबड्डी खिलाड़ी बृजेश सोलंकी की कुत्ते के बच्चे को बचाने की कोशिश ने उन्हीं की जान ले ली। कुत्ते का काटना और फिर रेबीज का टीका न लगाना बन गया मौत का कारण।
रेबीज के वायरस सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर प्रभाव डालते हैं जिससे बीमारी के लक्षण उभरने के बाद यह 100 फीसदी जानलेवा बन जाता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार रेबीज वैक्सीनेशन (ARV) की आखिरी डोज देने के 3 दिन बाद ही लड़की की मौत हो गयी।
Rabies Day in India: कुत्ते के काटने से कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ सकता है और रेबीज इनमें से प्रमुख है। आज विश्व रेबीज दिवसके मौके पर जानें क्या है रेबीज और कुत्ते के काटने पर क्या किया जाना चाहिए।
Rabies Day: हर साल आज यानी 28 सितंबर को दुनिया भर में बर्ड रेबीज डे के रूप में मनाया जाता है। इसे सेलिब्रेट करने के पीछे का उद्देश्य इस खतरनाक बीमारी से लोगों को जागरूक करना और इसकी रोकथाम के प्रयास करना है। आइए जानते हैं इसके बारे में..
रेबीज को लेकर डर तो बहुत है, लेकिन क्या हर रोज़ की छोटी-छोटी बातों से भी उतना ही खतरा होता है? एक आम सा सवाल है, जिस पर लोग घबराते भी हैं और कन्फ्यूज़ भी… सच जानना ज़रूरी है, डरना नहीं।