सोरायसिस क्या होता है? जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय
Psoriasis Kya Hai: सोरायसिस एक ऑटोइम्यून स्किन डिसऑर्डर है। इसमें त्वचा पर लाल और पपड़ीदार धब्बे बनने लगते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में-
Psoriasis Kya Hai: सोरायसिस एक ऑटोइम्यून स्किन डिसऑर्डर है। इसमें त्वचा पर लाल और पपड़ीदार धब्बे बनने लगते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में-
Psoriasis ke karan kya hain: सर्दियों में सोरायसीस की बीमारी ट्रिगर हो सकती है। यह एक प्रकार का त्वचा रोग जिसे लोग आमतौर पर मामूली समझकर इग्नोर करते रहते हैं। लेकिन, इस बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज करने से स्थिति गम्भीर हो सकती है।
विटामिन डी की कमी हो जाने पर आपकी स्किन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। जानें विटामिन डी की कमी के कारण होनेवाली स्किन प्रॉब्लम्स के बारे में ।
ठंड के दिनों में स्किन से जुड़ी बीमारियों के लक्षण बढ़ने लग जाते हैं, जिनमें सोरायसिस भी एक है। अगर ठंड के कारण आपकी त्वचा में भी सोरायसिस के लक्षण बढ़ने लगे हैं, तो इन चीजों से परहेज करके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है।
सोरायसिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो लम्बे समय तक बनी रहती है। इसमें, त्वचा पर लाल रंग के पैचेस उभरते हैं जिसमें, सूजन और खुजली महसूस होती है।
Scalp Psoriasis Treatment in Hindi: स्कैल्प सोरायसिस सिर की त्वचा यानि खोपड़ी पर होने वाला एक चर्मरोग है, जिसे समय रहते पहचान कर इसके लक्षणों का उपचार किया जा सकता है।
Psoriasis : अगर आप महीने भर तक इस पर ध्यान नहीं देते हैं तो ये तेजी से बढ़ने लगता और इसमें जलन होने लगती है, जिसको ठीक कर पाना मुश्किल हो जाता है।
सोरायसिस त्वचा का एक स्थायी ऑटोइम्यून रोग है, जिससे लगभग 25 मिलियन भारतीय पीड़ित हैं। यह एक गंभीर रोग है, जिसमें इंफ्लेमेशन होने के साथ ही यह कई कोमोरबिडिटी से जुड़ा है होता जैसे सोरायटिक अर्थराइटिस, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, डायबीटीज आदि।
World Psoriasis Day 2021: सोरायसिस त्वचा से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसका उपचार आयुर्वेद की मदद से संभव है. तो अगर भी सोरायसिस से पीड़ित हैं तो उनके लक्षणों को पहचान कर किसी आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की मदद ले सकते हैं.
अगस्त महीने को ''सोरायसिस अवेयरनेस मंथ'' के तौर पर मनाया जाता है। सोरायसिस में त्वचा पर लाल दाग और मोटे चकत्ते उभर आते हैं। एक आंकडे के मुताबिक, भारत में कुल जनसंख्या में से लगभग 1 फीसदी लोग सोरायसिस से पीड़ित हैं।
धूम्रपान से सोराइसिस का खतरा दोगुना हो जाता है, क्योंकि निकोटिन के चलते त्वचा की निचली परत में रक्त संचार बाधित हो जाता है और त्वचा को ऑक्सीजन कम मिलती है। ऐसा विशेषज्ञों का कहना है।
ठंडे और शुष्क मौसम के कारण सोरायसिस के मरीजों की त्वचा पर लाल रंग की सतह उभरकर सामने आती है और त्वचा बार-बार रूखी-सूखी, फटी और बेजान दिखाई देती है।
अगर समय पर इलाज शुरू न किया जाए तो और कई सहायक बीमारियां जन्म ले सकती हैं।
Psoriasis ke karan kya hain: सर्दियों में सोरायसीस की बीमारी ट्रिगर हो सकती है। यह एक प्रकार का त्वचा रोग जिसे लोग आमतौर पर मामूली समझकर इग्नोर करते रहते हैं। लेकिन, इस बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज करने से स्थिति गम्भीर हो सकती है।
ठंड के दिनों में स्किन से जुड़ी बीमारियों के लक्षण बढ़ने लग जाते हैं, जिनमें सोरायसिस भी एक है। अगर ठंड के कारण आपकी त्वचा में भी सोरायसिस के लक्षण बढ़ने लगे हैं, तो इन चीजों से परहेज करके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है।
सोरायसिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो लम्बे समय तक बनी रहती है। इसमें, त्वचा पर लाल रंग के पैचेस उभरते हैं जिसमें, सूजन और खुजली महसूस होती है।
Scalp Psoriasis Treatment in Hindi: स्कैल्प सोरायसिस सिर की त्वचा यानि खोपड़ी पर होने वाला एक चर्मरोग है, जिसे समय रहते पहचान कर इसके लक्षणों का उपचार किया जा सकता है।
Psoriasis : अगर आप महीने भर तक इस पर ध्यान नहीं देते हैं तो ये तेजी से बढ़ने लगता और इसमें जलन होने लगती है, जिसको ठीक कर पाना मुश्किल हो जाता है।
सोरायसिस त्वचा का एक स्थायी ऑटोइम्यून रोग है, जिससे लगभग 25 मिलियन भारतीय पीड़ित हैं। यह एक गंभीर रोग है, जिसमें इंफ्लेमेशन होने के साथ ही यह कई कोमोरबिडिटी से जुड़ा है होता जैसे सोरायटिक अर्थराइटिस, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, डायबीटीज आदि।
World Psoriasis Day 2021: सोरायसिस त्वचा से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसका उपचार आयुर्वेद की मदद से संभव है. तो अगर भी सोरायसिस से पीड़ित हैं तो उनके लक्षणों को पहचान कर किसी आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की मदद ले सकते हैं.
अगस्त महीने को ''सोरायसिस अवेयरनेस मंथ'' के तौर पर मनाया जाता है। सोरायसिस में त्वचा पर लाल दाग और मोटे चकत्ते उभर आते हैं। एक आंकडे के मुताबिक, भारत में कुल जनसंख्या में से लगभग 1 फीसदी लोग सोरायसिस से पीड़ित हैं।
धूम्रपान से सोराइसिस का खतरा दोगुना हो जाता है, क्योंकि निकोटिन के चलते त्वचा की निचली परत में रक्त संचार बाधित हो जाता है और त्वचा को ऑक्सीजन कम मिलती है। ऐसा विशेषज्ञों का कहना है।
ठंडे और शुष्क मौसम के कारण सोरायसिस के मरीजों की त्वचा पर लाल रंग की सतह उभरकर सामने आती है और त्वचा बार-बार रूखी-सूखी, फटी और बेजान दिखाई देती है।
अगर समय पर इलाज शुरू न किया जाए तो और कई सहायक बीमारियां जन्म ले सकती हैं।
Psoriasis Kya Hai: सोरायसिस एक ऑटोइम्यून स्किन डिसऑर्डर है। इसमें त्वचा पर लाल और पपड़ीदार धब्बे बनने लगते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में-
विटामिन डी की कमी हो जाने पर आपकी स्किन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। जानें विटामिन डी की कमी के कारण होनेवाली स्किन प्रॉब्लम्स के बारे में ।